{"_id":"645d17a9a72a721e400fac64","slug":"verdict-reserved-on-sisodias-bail-plea-noida-news-c-340-1-del1011-12983-2023-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
विज्ञापन
आबकारी नीति के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप का मामला
पत्नी से सिसोदिया हर वैकल्पिक दिन एक घंटे वर्चुअल बैठक कर सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आबकारी नीति के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में सीबीआई ने सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने संबंधित जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि जमानत याचिका के निस्तारण तक सिसोदिया और पत्नी के बीच हर वैकल्पिक दिन अपराह्न 3-4 बजे के बीच वर्चुअल बैठक सुनिश्चित करें। अदालत सिसोदिया की पत्नी की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर भी फैसला करेगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जेल नियमों के अनुसार वर्चुअल बैठक आयोजित की जाएगी। सिसोदिया फिलहाल सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 31 मार्च को सीबीआई मामले में विशेष न्यायाधीश ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। उन्हें हाल ही में ईडी मामले में भी जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। नियमित जमानत की मांग करते हुए सिसोदिया ने पहले की सुनवाई में तर्क दिया था कि कथित शराब घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा उनके पास से धन के लेनदेन का कोई सबूत नहीं मिला है और उनके खिलाफ आरोप संभावना के दायरे में हैं। वहीं, सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच एजेंसी ने कहा कि इस मामले में एक गहरी जड़ और बहुस्तरीय साजिश शामिल है। सिसोदिया जांच के दौरान असहयोगी और टालमटोल करने वाले रहे हैं, कार्यप्रणाली का पता लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सिसोदिया की कार्यपालिका और नौकरशाहों के साथ घनिष्ठ साठगांठ का पता चला है।
विज्ञापन
पत्नी से सिसोदिया हर वैकल्पिक दिन एक घंटे वर्चुअल बैठक कर सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आबकारी नीति के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में सीबीआई ने सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने संबंधित जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि जमानत याचिका के निस्तारण तक सिसोदिया और पत्नी के बीच हर वैकल्पिक दिन अपराह्न 3-4 बजे के बीच वर्चुअल बैठक सुनिश्चित करें। अदालत सिसोदिया की पत्नी की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर भी फैसला करेगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जेल नियमों के अनुसार वर्चुअल बैठक आयोजित की जाएगी। सिसोदिया फिलहाल सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 31 मार्च को सीबीआई मामले में विशेष न्यायाधीश ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। उन्हें हाल ही में ईडी मामले में भी जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। नियमित जमानत की मांग करते हुए सिसोदिया ने पहले की सुनवाई में तर्क दिया था कि कथित शराब घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा उनके पास से धन के लेनदेन का कोई सबूत नहीं मिला है और उनके खिलाफ आरोप संभावना के दायरे में हैं। वहीं, सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच एजेंसी ने कहा कि इस मामले में एक गहरी जड़ और बहुस्तरीय साजिश शामिल है। सिसोदिया जांच के दौरान असहयोगी और टालमटोल करने वाले रहे हैं, कार्यप्रणाली का पता लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सिसोदिया की कार्यपालिका और नौकरशाहों के साथ घनिष्ठ साठगांठ का पता चला है।
विज्ञापन