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जिले में 130 में से सिर्फ 58 वेंडर जारी कर रहे ई-स्टांप
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ई-स्टांप जारी नहीं करते वेंडर तो रद्द होगा लाइसेंस
ग्रेटर नोएडा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में ई-स्टांप के प्रचलन और तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने के संबंध में एक बैठक की। बैठक में पता चला कि जिले में 130 ई-स्टांप वेंडर है। इनमें से केवल 58 वेंडर ही ई-स्टांप जारी कर रहे हैं। एडीएम ने चेतावनी दी है कि अगर कोई वेंडर ई-स्टांप जारी नहीं करता है तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। एडीएम एमएन उपाध्याय ने बताया कि नोएडा में 73, ग्रेटर नोएडा में 40, दादरी में नौ, जेवर में आठ समेत कुल 130 को लाइसेंस जारी किया गया है। इनमें से 72 वेंडर ई-स्टांप जारी नहीं कर रहे हैं। स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक डा. एसके त्रिपाठी ने स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया के अफसरों से कहा कि कोषागार से जारी स्टांप की जगह ई-स्टांप का प्रचलन बढ़ा है। ऐसे में ई-स्टांप वेंडर्स को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। एक सॉफ्टवेयर तैयार करें। ताकि जाली और फर्जी स्टांप पत्र पर रोक लग सके। वेंडर्स ई-स्टांप पर अंकित मूल्य से अधिक कीमत नहीं ले सकते। यह भी सुनिश्चित करना होगा। अगर अतिरिक्त पैसा मांगा गया तो लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन बेरोजगार युवक व युवती को कंप्यूटर आता है, वह भी लाइसेंस ले सकते हैं। लोगों से अपील की है कि अगर ई-स्टांप लेने में किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज करें।
प्रदेश में पहले नंबर पर गौतमबुद्ध नगर
ई-स्टांप जारी करने के मामले में गौतमबुद्ध नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में कोषागार से 50.54 करोड़ के स्टांप पत्र जारी किए गए थे। जबकि, ई-स्टांप 118.37 करोड़ के लिए गए थे। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 58.40 करोड़ के स्टांप पत्र कोषागार व 129.50 करोड़ का ई-स्टांप लिया गया। वर्ष 2019-20 में 56.40 करोड़ का स्टांप पत्र कोषागार से व 125.22 करोड़ के ई-स्टांप जारी किए गए थे।
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ग्रेटर नोएडा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में ई-स्टांप के प्रचलन और तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने के संबंध में एक बैठक की। बैठक में पता चला कि जिले में 130 ई-स्टांप वेंडर है। इनमें से केवल 58 वेंडर ही ई-स्टांप जारी कर रहे हैं। एडीएम ने चेतावनी दी है कि अगर कोई वेंडर ई-स्टांप जारी नहीं करता है तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। एडीएम एमएन उपाध्याय ने बताया कि नोएडा में 73, ग्रेटर नोएडा में 40, दादरी में नौ, जेवर में आठ समेत कुल 130 को लाइसेंस जारी किया गया है। इनमें से 72 वेंडर ई-स्टांप जारी नहीं कर रहे हैं। स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक डा. एसके त्रिपाठी ने स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया के अफसरों से कहा कि कोषागार से जारी स्टांप की जगह ई-स्टांप का प्रचलन बढ़ा है। ऐसे में ई-स्टांप वेंडर्स को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। एक सॉफ्टवेयर तैयार करें। ताकि जाली और फर्जी स्टांप पत्र पर रोक लग सके। वेंडर्स ई-स्टांप पर अंकित मूल्य से अधिक कीमत नहीं ले सकते। यह भी सुनिश्चित करना होगा। अगर अतिरिक्त पैसा मांगा गया तो लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन बेरोजगार युवक व युवती को कंप्यूटर आता है, वह भी लाइसेंस ले सकते हैं। लोगों से अपील की है कि अगर ई-स्टांप लेने में किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज करें।
प्रदेश में पहले नंबर पर गौतमबुद्ध नगर
ई-स्टांप जारी करने के मामले में गौतमबुद्ध नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में कोषागार से 50.54 करोड़ के स्टांप पत्र जारी किए गए थे। जबकि, ई-स्टांप 118.37 करोड़ के लिए गए थे। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 58.40 करोड़ के स्टांप पत्र कोषागार व 129.50 करोड़ का ई-स्टांप लिया गया। वर्ष 2019-20 में 56.40 करोड़ का स्टांप पत्र कोषागार से व 125.22 करोड़ के ई-स्टांप जारी किए गए थे।
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