नूंह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड टीकाकरण अभियान में पिछड़ रहे जिलों में नूंह की समीक्षा करने उपरांत कोविड टीकाकरण अभियान में तेजी लाने पर जिला प्रशासन केंद्रित है। नूंह जिला में कोविड टीकाकरण अभियान की गति जो जून-जुलाई माह में प्रतिदिन जहां 300 से 400 होती थी आज वह बढ़कर 16 से 17 हजार प्रतिदिन हो गई है। कोविड टीकाकरण में धार्मिक गुरुओं की उपायुक्त कैप्टन शक्ति की लगातार बैठक ने इस रफ्तार को बढ़ाया है। टीकाकरण के लिए मेडिकल एसोसिएशन नूंह ने प्रथम डोज लेने पर 5 प्रतिशत व दूसरी डोज लेने पर 10 प्रतिशत की दवाइयों में छूट, शत प्रतिशत टीकाकरण कराने वाले पहले सभी उपमंडलों के गांव में विकास के लिए 10 लाख रुपये, बाइक खरीदने पर हेलमेट मुफ्त, डिपो होल्डरों की राशन की दुकानों पर आने के लिए टीकाकरण, जिले में प्रतिदिन सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाली एएनएम का सम्मान जैसी योजनाओं ने भी कोरोना रोधी टीकाकरण की गति को बढ़ाया है। नूंह में टीकाकरण कम होने का मुख्य कारण अशिक्षा है, यहां का शिक्षा स्तर 56 प्रतिशत है जबकि महिलाओं का 35 प्रतिशत शिक्षा स्तर है। स्थानीय धर्म गुरुओं, मौलवियों, मंदिर, मस्जिद के माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करवाया है। महिलाओं को घर-घर जाकर टीकाकरण के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। नूंह जिले में सोमवार तक पहली डोज 50.2 प्रतिशत व दूसरी डोज 10.8 प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए टीकाकरण एक सशक्त माध्यम है। जिले की जनता को बिना किसी डर के टीके लगवाने चाहिए। टीकाकरण से स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता, कोविशील्ड व कोवैक्सीन का समान प्रभाव है और दोनों ही टीके सुरक्षित हैं।