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आदेशों का पालन कराने को तैयार किया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर
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यूपी रेरा ने आदेशों का पालन कराने के लिए तैयार की एसओपी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया है। ताकि, आदेश का पालन नहीं करने वाले बिल्डर के खिलाफ समय पर कार्रवाई शुरू हो सके। यूूपी रेरा ने कब्जा देने और धनराशि वापस लौटाने के आदेशों में अलग-अलग कार्रवाई तय की है। वसूली प्रमाण पत्र पर हर माह संबंधित जिलाधिकारी के साथ बैठक होगी। जरूरत पड़ी तो बिल्डरों की संपत्ति नीलाम होगी। यूपी रेरा के अधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक की थी। आदेशों का पालन कराने के लिए एसओपी तैयार करने पर सहमति बनी थी। सचिव अबरार अहमद ने बताया कि धनराशि वापस देने के आदेश का अगर बिल्डर ने पालन नहीं किया है और समय भी पूरा हो गया है तो खरीदार को वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अगले ही दिन वेबसाइट से बिल्डर को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। 15 दिन के अंदर बिल्डर का आदेश के अनुपालन की आख्या देनी होगी। जो बिल्डर को वेबसाइट पर अपने डैशबोर्ड में जाकर कम्पलाएंस ट्रैकिंग मॉड्यूल पर देनी होगी। अगर बिल्डर ऐसा नहीं करेगा तो वसूली प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उससे पहले खरीदारों को धनराशि जमा करने की रसीद उपलब्ध करानी होगी। उसी दिन वसूली प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। प्राधिकरण से बिल्डरों की संपत्ति की सूचना भी डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि, नीलाम कर वसूली की जा सके।
ब्याज नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना
यूपी रेरा के काफी आदेश कब्जा देने के है। अगर बिल्डर इनका पालन नहीं करता है तो अधिनियम की धारा-63 के तहत बिल्डर पर प्रोजेक्ट की कुल कीमत का पांच प्रतिशत तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। अगर बिल्डर को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए समय चाहिए तो अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। आपसी समझौते के लिए कंसिलिएशन फोरम के पास मामला भेजा जा सकता है। जिन आदेश में कब्जा नहीं देने पर धनराशि वापस लौटानी होगी। उनमें पहले कब्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कब्जा नहीं मिलने पर धनराशि वापस दिलवाई जाएगी।
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया है। ताकि, आदेश का पालन नहीं करने वाले बिल्डर के खिलाफ समय पर कार्रवाई शुरू हो सके। यूूपी रेरा ने कब्जा देने और धनराशि वापस लौटाने के आदेशों में अलग-अलग कार्रवाई तय की है। वसूली प्रमाण पत्र पर हर माह संबंधित जिलाधिकारी के साथ बैठक होगी। जरूरत पड़ी तो बिल्डरों की संपत्ति नीलाम होगी। यूपी रेरा के अधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक की थी। आदेशों का पालन कराने के लिए एसओपी तैयार करने पर सहमति बनी थी। सचिव अबरार अहमद ने बताया कि धनराशि वापस देने के आदेश का अगर बिल्डर ने पालन नहीं किया है और समय भी पूरा हो गया है तो खरीदार को वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अगले ही दिन वेबसाइट से बिल्डर को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। 15 दिन के अंदर बिल्डर का आदेश के अनुपालन की आख्या देनी होगी। जो बिल्डर को वेबसाइट पर अपने डैशबोर्ड में जाकर कम्पलाएंस ट्रैकिंग मॉड्यूल पर देनी होगी। अगर बिल्डर ऐसा नहीं करेगा तो वसूली प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उससे पहले खरीदारों को धनराशि जमा करने की रसीद उपलब्ध करानी होगी। उसी दिन वसूली प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। प्राधिकरण से बिल्डरों की संपत्ति की सूचना भी डीएम को उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि, नीलाम कर वसूली की जा सके।
ब्याज नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना
यूपी रेरा के काफी आदेश कब्जा देने के है। अगर बिल्डर इनका पालन नहीं करता है तो अधिनियम की धारा-63 के तहत बिल्डर पर प्रोजेक्ट की कुल कीमत का पांच प्रतिशत तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। अगर बिल्डर को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए समय चाहिए तो अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। आपसी समझौते के लिए कंसिलिएशन फोरम के पास मामला भेजा जा सकता है। जिन आदेश में कब्जा नहीं देने पर धनराशि वापस लौटानी होगी। उनमें पहले कब्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कब्जा नहीं मिलने पर धनराशि वापस दिलवाई जाएगी।
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