{"_id":"61ba3f8e42eedb203d5b40fa","slug":"up-government-approves-heliport-project-in-sector-151a-noida-news-noi621532484","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट परियोजना को यूपी सरकार की मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट परियोजना को यूपी सरकार की मंजूरी
विज्ञापन
नोएडा के सेक्टर-151 में बनने वाले हेलीपोर्ट का मॉडल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा। सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल गई है। 9.35 एकड़ में 43.13 करोड़ की लागत से हेलीपोर्ट बनेगा। अब प्राधिकरण काम शुरू कराने के लिए ग्लोबल टेंडर निकालेगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर बनने वाले हेलीपोर्ट से देश के कई राज्य, धार्मिक-दर्शनीय स्थल और एयरपोर्ट को जोेड़ने की योजना है। प्रदेश सरकार से लिखित में मंजूरी मिलते ही इसका टेंडर निकाल दिया जाएगा।
अपर मुख्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की अध्यक्षता में हेलीपोर्ट बनाने के संबंध में बैठक हुई। इसमें शासन की पीपीपी बिड मूल्यांकन समिति की ओर से हेलीपोर्ट परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए इसे जनोपयोगी माना और परियोजना को मंजूरी दे दी गई। बैठक में शासन की पीपीपी बिड मूल्यांकन समिति के नामित सदस्य, प्रतिनिधियों में अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग शासन व प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव, न्याय विभाग उपस्थित रहे। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने परियोजना की विशेषताएं बताते हुए प्रस्तुतिकरण दिया। इस मौके पर सीईओ रितु माहेश्वरी, एसीईओ और अन्य अधिकारियों के अलावा मेसर्स राइट्स के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
12 से 26 सीटर तक के होंगे हेलीकॉप्टर
हेलीपोर्ट का डिजाइन बेल 412 हेलीकॉप्टर के अनुसार तैयार किया गया है। यह 12 सीटर हेलिकॉप्टर है। यहां पांच बेल हेलिकॉप्टर के लिए पार्किंग की सुविधा होगी। सबसे बड़ा 26 सीटर हेलिकॉप्टर एमआई-172 भी उपलब्ध होगा। यह आपातकालीन और वीआईपी गतिविधियों के लिए संचालित किया जा सकता है।
विज्ञापन
500 वर्गमीटर में होगा टर्मिनल बिल्डिंग
हेलीपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग 500 वर्गमीटर में होगी। यह 20 आने और 20 जाने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त होगा। हेलीपोर्ट का संचालन केवल दिन में होगा। यहां इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, आंतरिक सड़कें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है।
7 किलोमीटर पर यमुना एक्सप्रेसवे
हेलीपोर्ट के सबसे नजदीकी सेक्टर-147 मेट्रो स्टेशन है, जो तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे से यह सात किलोमीटर दूर होगा। नोएडा से 17 किलोमीटर, नोएडा एयरपोर्ट से 47 किलोमीटर और दिल्ली एयरपोर्ट से 51 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यहां से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल के दर्शनीय स्थल जुड़ेंगे। इसमें आगरा, मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, शिमला, मनाली, देहरादून आदि जिन दर्शनीय स्थलों हेलीपोर्ट की सुविधा है, वहां से इसे जोड़ने की योजना है।
हेलीपोर्ट पर यह होगी सुविधा
एक हेलीपैड, टैक्सीवे, पांच बेल 412 हेलिकॉप्टरों के लिए पार्किंग। इसके अलावा 15 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर होगा। इसके अलावा 50 कारों के लिए भी पार्किंग बनेगी।
30 साल तक संचालन का होगा करार
टेंडर से चयनित एजेंसी को हेलीपोर्ट का विकास और 30 साल तक संचालन व अनुरक्षण दिया जाएगा। प्राधिकरण को भूमि लाइसेंस शुल्क और राजस्व शेयर (प्रति यात्री रुपये) का भुगतान होगा। इसके टेंडर में नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण की शर्तों से मिलती-जुलती शर्तें हैं। हालांकि, एयरपोर्ट की तुलना में यह छोटा प्रोजेक्ट है।
वर्ष 2022 के अंत या 2023 के शुरू में मिलेगी सेवा
हेलीपोर्ट से सेवा की शुरुआत 2022 के अंत या 2023 के शुरू में होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अगर यूपी में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले काम शुरू होता है तो 2022 के अंत में हेलीपोर्ट मिल जाएगा। अगर चुनाव के बाद काम शुरू होता है तो 2023 की शुरुआत में यह सेवा मिलेगी।
------------------
हेलीपोर्ट को यूपी सरकार से मंजूरी मिल गई है। अब इसके निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा। इससे यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों को जोड़ा जाएगा।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
विज्ञापन
अपर मुख्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की अध्यक्षता में हेलीपोर्ट बनाने के संबंध में बैठक हुई। इसमें शासन की पीपीपी बिड मूल्यांकन समिति की ओर से हेलीपोर्ट परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए इसे जनोपयोगी माना और परियोजना को मंजूरी दे दी गई। बैठक में शासन की पीपीपी बिड मूल्यांकन समिति के नामित सदस्य, प्रतिनिधियों में अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग शासन व प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव, न्याय विभाग उपस्थित रहे। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने परियोजना की विशेषताएं बताते हुए प्रस्तुतिकरण दिया। इस मौके पर सीईओ रितु माहेश्वरी, एसीईओ और अन्य अधिकारियों के अलावा मेसर्स राइट्स के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
12 से 26 सीटर तक के होंगे हेलीकॉप्टर
हेलीपोर्ट का डिजाइन बेल 412 हेलीकॉप्टर के अनुसार तैयार किया गया है। यह 12 सीटर हेलिकॉप्टर है। यहां पांच बेल हेलिकॉप्टर के लिए पार्किंग की सुविधा होगी। सबसे बड़ा 26 सीटर हेलिकॉप्टर एमआई-172 भी उपलब्ध होगा। यह आपातकालीन और वीआईपी गतिविधियों के लिए संचालित किया जा सकता है।
विज्ञापन
500 वर्गमीटर में होगा टर्मिनल बिल्डिंग
हेलीपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग 500 वर्गमीटर में होगी। यह 20 आने और 20 जाने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त होगा। हेलीपोर्ट का संचालन केवल दिन में होगा। यहां इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, आंतरिक सड़कें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है।
7 किलोमीटर पर यमुना एक्सप्रेसवे
हेलीपोर्ट के सबसे नजदीकी सेक्टर-147 मेट्रो स्टेशन है, जो तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे से यह सात किलोमीटर दूर होगा। नोएडा से 17 किलोमीटर, नोएडा एयरपोर्ट से 47 किलोमीटर और दिल्ली एयरपोर्ट से 51 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यहां से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल के दर्शनीय स्थल जुड़ेंगे। इसमें आगरा, मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, शिमला, मनाली, देहरादून आदि जिन दर्शनीय स्थलों हेलीपोर्ट की सुविधा है, वहां से इसे जोड़ने की योजना है।
हेलीपोर्ट पर यह होगी सुविधा
एक हेलीपैड, टैक्सीवे, पांच बेल 412 हेलिकॉप्टरों के लिए पार्किंग। इसके अलावा 15 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर होगा। इसके अलावा 50 कारों के लिए भी पार्किंग बनेगी।
30 साल तक संचालन का होगा करार
टेंडर से चयनित एजेंसी को हेलीपोर्ट का विकास और 30 साल तक संचालन व अनुरक्षण दिया जाएगा। प्राधिकरण को भूमि लाइसेंस शुल्क और राजस्व शेयर (प्रति यात्री रुपये) का भुगतान होगा। इसके टेंडर में नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण की शर्तों से मिलती-जुलती शर्तें हैं। हालांकि, एयरपोर्ट की तुलना में यह छोटा प्रोजेक्ट है।
वर्ष 2022 के अंत या 2023 के शुरू में मिलेगी सेवा
हेलीपोर्ट से सेवा की शुरुआत 2022 के अंत या 2023 के शुरू में होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अगर यूपी में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले काम शुरू होता है तो 2022 के अंत में हेलीपोर्ट मिल जाएगा। अगर चुनाव के बाद काम शुरू होता है तो 2023 की शुरुआत में यह सेवा मिलेगी।
------------------
हेलीपोर्ट को यूपी सरकार से मंजूरी मिल गई है। अब इसके निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा। इससे यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों को जोड़ा जाएगा।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण