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बिल्डर ने एओए को फंड नहीं दिए तो अनसोल्ड फ्लैट होंगे सील
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नोएडा। अगर बिल्डर ने अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) गठन के बाद भी इंटरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी चार्जेज (आईएफएमएस) फंड नहीं दिया तो उनके बगैर बिके फ्लैट सील कर दिए जाएंगे। यही नहीं अगर सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सुचारु तरीके से काम करता नहीं पाया गया तो सेल्स ऑफिस और क्लब हाउस सील कर दिए जाएंगे। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने इस बाबत आदेश जारी किए।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि महागुन, प्रतीक, आरजी रेजीडेंसी, एटीएस, सुपरटेक, सनशाइन और परफेक्ट प्रोपबिल्ड के मामले मेंबिल्डर-खरीदार मुद्दों और एओए की समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में यह संज्ञान में आया कि कई प्रमोटर्स ने सोसाइटी में एओए का गठन होने के बावजूद अब तक आईएफएमएस फंड की राशि हस्तांतरण नहीं की है। कुछ मामलों में सोसाइटियों में मरम्मत का भी काम नहीं कराया गया है। वहीं कुछ सोसाइटियों में एसटीपी सुचारु तरीके से काम नहीं कर रहा है। वहीं कुछ सोसाइटियों में जल-सीवर का बकाया अब तक नहीं चुकाया गया है।
इस संबंध में सीईओ ने कहा कि बिल्डरों से वार्ता कर 30 सितंबर तक आईएफएमएस फंड का हस्तांतरण सुनिश्चित कराया जाए। अगर प्रमोटर्स ऐसा नहीं करते हैं तो उनके अनसोल्ड फ्लैट सील कर दिए जाएं। यही नहीं जिन परियोजनाओं में एसटीपी चलता हुआ नहीं पाया जाता। उन परियोजनाओं का सेल्स ऑफिस और क्लब हाउस सील किए जाएं। किसी भी दशा में बिना शोधन के गंदा पानी नाले में नहीं जाए। जिन परियोजनाओं में जल-सीवर का बकाया है। उनके खिलाफ जल विभाग को वसूली करने के निर्देश दिए गए। वहीं आवश्यकता के अनुसार बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि महागुन, प्रतीक, आरजी रेजीडेंसी, एटीएस, सुपरटेक, सनशाइन और परफेक्ट प्रोपबिल्ड के मामले मेंबिल्डर-खरीदार मुद्दों और एओए की समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में यह संज्ञान में आया कि कई प्रमोटर्स ने सोसाइटी में एओए का गठन होने के बावजूद अब तक आईएफएमएस फंड की राशि हस्तांतरण नहीं की है। कुछ मामलों में सोसाइटियों में मरम्मत का भी काम नहीं कराया गया है। वहीं कुछ सोसाइटियों में एसटीपी सुचारु तरीके से काम नहीं कर रहा है। वहीं कुछ सोसाइटियों में जल-सीवर का बकाया अब तक नहीं चुकाया गया है।
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इस संबंध में सीईओ ने कहा कि बिल्डरों से वार्ता कर 30 सितंबर तक आईएफएमएस फंड का हस्तांतरण सुनिश्चित कराया जाए। अगर प्रमोटर्स ऐसा नहीं करते हैं तो उनके अनसोल्ड फ्लैट सील कर दिए जाएं। यही नहीं जिन परियोजनाओं में एसटीपी चलता हुआ नहीं पाया जाता। उन परियोजनाओं का सेल्स ऑफिस और क्लब हाउस सील किए जाएं। किसी भी दशा में बिना शोधन के गंदा पानी नाले में नहीं जाए। जिन परियोजनाओं में जल-सीवर का बकाया है। उनके खिलाफ जल विभाग को वसूली करने के निर्देश दिए गए। वहीं आवश्यकता के अनुसार बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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