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अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम का गुर्गा गिरफ्तार
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अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम का गुर्गा हारिश खान। फोटो : अमर उजाला
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नोएडा। दाऊद इब्राहिम गैंग के बदमाश और मुंबई सीरियल ब्लास्ट में दोषी करार दिए जा चुके अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम के शूटर हारिश खान (30) को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी दाऊद इब्राहिम गिरोह (डी-कंपनी) के नाम पर नोएडा और एनसीआर में उगाही करता था। साथ ही डी-कंपनी के बदमाशों का पैसा प्रॉपर्टी में निवेश कराता था। वह अबू सलेम और अन्य बदमाशों की तस्वीर व्हाट्सएप के डीपी पर लगाकर कारोबारियों को डराता था। मंगलवार रात कोतवाली सेक्टर-20 क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित था।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष कोतवाली सेक्टर-20 में दर्ज मुकदमे में अबू सलेम के करीबी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था। मामले में हारिश खान फरार था। एसटीएफ ने एक सूचना के आधार पर हारिश को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में हारिश ने स्वीकार किया कि उसके संबंध अबू सलेम खान, खान मुबारक और जफर सुपारी जैसे बदमाशों से हैं। इन लोगों से कई बार उसकी मुलाकात हुई है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह डी-कंपनी का पैसा प्रॉपर्टी में लगाता था और लोगों से उगाही करता था।
हारिश ने गजेंद्र के साथ मिलकर वर्ष 2014 में दिल्ली के एक व्यापारी से प्लॉट के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये लिए थे। पैसा मांगने पर जफर सुपारी व खान मुबारक के शूटर से व्यापारी पर हमला करा दिया था। वहीं नोएडा के विनीत चौहान से भी दोनों ने फर्जी प्लॉट का एग्रीमेंट कराकर 52 लाख रुपये लिए थे। जब विनीत ने पैसे मांगे तो अबू सलेम के नाम से धमकी देकर चुप करा दिया था।
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मूल रूप से खेतासराय जौनपुर निवासी हारिश मुंबई के अंजुमन इस्लाम कॉलेज से 12वीं पास है। वर्ष 2004 में वह पूरे परिवार के साथ मुंबई चला गया था। वहां उसके दादा की कपड़े की दुकान थी। मुंबई में वह धीरे-धीरे डी-कंपनी के बदमाशों से जुड़ता गया और अबू सलेम व जफर सुपारी का करीबी हो गया। अबू सलेम, जफर सुपारी व इसके भाई खान मुबारक के माध्यम से हारिश को दिल्ली एनसीआर में भेज दिया। वह अंडरवर्ल्ड के नाम पर प्रॉपर्टी खरीद बिक्री कर उगाही करने लगा।
काला घोड़ा शूटआउट के बाद अबू सलेम का बना करीबी
वर्ष 2006 में मुंबई में छोटा राजन के दो गुर्गे अमजद खान और हिमांशु चौधरी की हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड को काला घोड़ा शूटआउट कहा जाता है। हत्याकांड में यूपी के आंबेडकर नगर निवासी जफर सुपारी और ओसामा को पुलिस ने गिरफ्तार कर आर्थर रोड जेल में रखा था। तब अबू सलेम भी आर्थर रोड जेल में था। ओसामा गिरफ्तार हारिश के ननिहाल का था। पेशी के दौरान हारिश कोर्ट में ओसामा से मिलने जाता था। ओसामा के माध्यम से उसकी जान पहचान अबू सलेम व जफर सुपारी से हो गई। इसके बाद जफर सुपारी के मुकदमे की पैरवी का काम देखने लगा।
सेक्टर-18 में की थी फायरिंग
हारिश खान और गजेंद्र सिंह ने दिल्ली के व्यापारी मुकेश भार्गव से प्लॉट दिलाने के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये लिए थे। इसमें से कुछ पैसे जफर सुपारी के भाई खान मुबारक के गुर्गों को दिए गए थे। जिससे कानपुर में एक फॉर्च्यूनर खरीदी गई थी। जिसका इस्तेमाल खान मुबारक और जफर सुपारी ने किया था। जब मुकेश ने पैसों की मांग की तो 28 मई 2014 को हारिश व खान मुबारक के गुर्गों ने सेक्टर-18 में उस पर फायरिंग की थी। जिसमें मुकेश बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
खान मुबारक को नोएडा में दिया था पनाह
हारिश खान और गजेंद्र सिंह ने मिलकर कई बार जफर सुपारी के भाई खान मुबारक की मदद की थी। वर्ष 2015 में खान मुबारक को जब मुंबई और यूपी पुलिस तलाश रही थी तब गजेंद्र ने नोएडा के घर में उसे पनाह दी थी। यूपी एसटीएफ ने 2017 में खान मोहम्मद को मिर्जापुर से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की जांच में यह पता चला था कि गजेंद्र की खाते से अबू सलेम, जफर सुपारी, खान मोहम्मद के गैंग के कई लोगों से लेनदेन हुआ है।
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एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष कोतवाली सेक्टर-20 में दर्ज मुकदमे में अबू सलेम के करीबी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था। मामले में हारिश खान फरार था। एसटीएफ ने एक सूचना के आधार पर हारिश को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में हारिश ने स्वीकार किया कि उसके संबंध अबू सलेम खान, खान मुबारक और जफर सुपारी जैसे बदमाशों से हैं। इन लोगों से कई बार उसकी मुलाकात हुई है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह डी-कंपनी का पैसा प्रॉपर्टी में लगाता था और लोगों से उगाही करता था।
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हारिश ने गजेंद्र के साथ मिलकर वर्ष 2014 में दिल्ली के एक व्यापारी से प्लॉट के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये लिए थे। पैसा मांगने पर जफर सुपारी व खान मुबारक के शूटर से व्यापारी पर हमला करा दिया था। वहीं नोएडा के विनीत चौहान से भी दोनों ने फर्जी प्लॉट का एग्रीमेंट कराकर 52 लाख रुपये लिए थे। जब विनीत ने पैसे मांगे तो अबू सलेम के नाम से धमकी देकर चुप करा दिया था।
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मूल रूप से खेतासराय जौनपुर निवासी हारिश मुंबई के अंजुमन इस्लाम कॉलेज से 12वीं पास है। वर्ष 2004 में वह पूरे परिवार के साथ मुंबई चला गया था। वहां उसके दादा की कपड़े की दुकान थी। मुंबई में वह धीरे-धीरे डी-कंपनी के बदमाशों से जुड़ता गया और अबू सलेम व जफर सुपारी का करीबी हो गया। अबू सलेम, जफर सुपारी व इसके भाई खान मुबारक के माध्यम से हारिश को दिल्ली एनसीआर में भेज दिया। वह अंडरवर्ल्ड के नाम पर प्रॉपर्टी खरीद बिक्री कर उगाही करने लगा।
काला घोड़ा शूटआउट के बाद अबू सलेम का बना करीबी
वर्ष 2006 में मुंबई में छोटा राजन के दो गुर्गे अमजद खान और हिमांशु चौधरी की हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड को काला घोड़ा शूटआउट कहा जाता है। हत्याकांड में यूपी के आंबेडकर नगर निवासी जफर सुपारी और ओसामा को पुलिस ने गिरफ्तार कर आर्थर रोड जेल में रखा था। तब अबू सलेम भी आर्थर रोड जेल में था। ओसामा गिरफ्तार हारिश के ननिहाल का था। पेशी के दौरान हारिश कोर्ट में ओसामा से मिलने जाता था। ओसामा के माध्यम से उसकी जान पहचान अबू सलेम व जफर सुपारी से हो गई। इसके बाद जफर सुपारी के मुकदमे की पैरवी का काम देखने लगा।
सेक्टर-18 में की थी फायरिंग
हारिश खान और गजेंद्र सिंह ने दिल्ली के व्यापारी मुकेश भार्गव से प्लॉट दिलाने के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये लिए थे। इसमें से कुछ पैसे जफर सुपारी के भाई खान मुबारक के गुर्गों को दिए गए थे। जिससे कानपुर में एक फॉर्च्यूनर खरीदी गई थी। जिसका इस्तेमाल खान मुबारक और जफर सुपारी ने किया था। जब मुकेश ने पैसों की मांग की तो 28 मई 2014 को हारिश व खान मुबारक के गुर्गों ने सेक्टर-18 में उस पर फायरिंग की थी। जिसमें मुकेश बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
खान मुबारक को नोएडा में दिया था पनाह
हारिश खान और गजेंद्र सिंह ने मिलकर कई बार जफर सुपारी के भाई खान मुबारक की मदद की थी। वर्ष 2015 में खान मुबारक को जब मुंबई और यूपी पुलिस तलाश रही थी तब गजेंद्र ने नोएडा के घर में उसे पनाह दी थी। यूपी एसटीएफ ने 2017 में खान मोहम्मद को मिर्जापुर से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की जांच में यह पता चला था कि गजेंद्र की खाते से अबू सलेम, जफर सुपारी, खान मोहम्मद के गैंग के कई लोगों से लेनदेन हुआ है।