ग्रेटर नोएडा: सीएमओ कार्यालय के दो कर्मी टीका लगवाने के बाद भी संक्रमित, आइसोलेशन में रखे गए
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नोएडा सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में तैनात दो कर्मचारी कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना संक्रमित हो गए। दोनों को पांच फरवरी को टीका लगा था। दूसरी डोज 15 दिन बाद लगनी थी। दोनों को आइसोलेशन में रखा गया है।
अब सीएमओ कार्यालय में तैनात अन्य कर्मचारियों को भी संक्रमित होने का डर सताने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी संतोष कुमार और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभारी पारस गुप्ता ने पांच फरवरी को नोएडा सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाया था।
दोनों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। बुधवार को फोकस जांच अभियान के तहत विभाग में कर्मचारियों की एंटीजन जांच की गई जिसमें दोनों कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले। संतोष ने बताया कि उन्हें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, वह स्वस्थ हैं।
कंट्रोल रूम से स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। उधर, विभागीय अधिकारियों ने कोरोना टीकाकरण के बाद भी मास्क, शारीरिक दूरी और सैनिटाइजेशन का पालन अनिवार्य बताया है।
1560 कर्मियों को दी गई दूसरी डोज
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शुक्रवार को दूसरी डोज लेने में स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साह दिखाया। वैक्सीन की पहली डोज लेने वाले 2059 स्वास्थ्यकर्मियों की सूची स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की थी, जिन्हें शुक्रवार को दूसरी डोज दी जानी थी।
विभाग ने 13 केंद्रों के 19 बूथों पर 1560 स्वास्थ्यकर्मियों यानी 76 प्रतिशत ने टीका लगवाया। इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों को 19 जनवरी को टीके की पहली डोज दी गई थी। अब भी जो स्वास्थ्य कर्मी दूसरी डोज लेने से वंचित रह गए हैं, उन्हें 22 फरवरी को मॉप अप राउंड में टीका लगेगा।
टीके से कोरोना संक्रमण का कोई संबंध नहीं है। दोनों कर्मचारियों ने सेक्टर-30 में टीका लगवाया था। सुरक्षा के लिहाज से दोनों को आइसोलेट कर दिया गया है। कर्मचारी कोविड के नियमों का पालन करें व सतर्कता बरतें।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
होम्योपैथी क्लीनिक के लिए पंजीकरण जरूरी
जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉक्टर ललित मोहन जोहरी ने जनपद में निजी होम्योपैथिक चिकित्सकों, क्लीनिक व अस्पताल से संबंधित पंजीकरण को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा है कि क्लीनिक इस्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत निजी होम्योपैथिक चिकित्सकों, होम्योपैथिक क्लीनिक व होम्योपैथिक अस्पताल का पंजीकरण जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में होना अनिवार्य है। जिन्होंने पूर्व में पंजीकरण कराया है वह 31 मार्च से पहले नवीनीकरण करा लें। इसके बाद औचक निरीक्षण में दोषी पाने पर कार्रवाई होगी।