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Twin Tower : अंतिम ब्लास्ट के लिए दो दिन में तैयार हो जाएंगे ट्विन टावर, विस्फोटक लगाने का काम पूरा
Wed, 24 Aug 2022 06:20 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 06:20 AM IST
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
सुपरटेक के ट्विन टावर शुक्रवार तक अंतिम ब्लास्ट के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे। 3700 किलोग्राम विस्फोटक लगाने का काम पूरा हो चुका है। विस्फोटकों को तार से जोड़ने का काम मंगलवार से शुरू हुआ जो बुधवार शाम तक खत्म हो जाएगा। बृहस्पतिवार को ब्लास्ट की तैयारियों की जांच की जाएगी। अंतिम ब्लास्ट रविवार को दोपहर 2:30 बजे होगा।
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वहीं, देश के पुराने और बेहद उच्च घनत्व वाले शहरों को विकसित करने में ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण का अध्ययन बेहद काम आएगा। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) 25 अगस्त से इसका अध्ययन करेगा। इस दौरान सीबीआरआई तैयारियों के अलावा अंतिम ब्लास्ट की पल-पल की हलचल पर नजर रखेगा।
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दरअसल, देश में ऐसे कई पुराने शहर हैं, जहां की पुरानी बसावट को हटाकर नए तरीके से विकसित करने पर मंथन चल रहा है। इसके लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यही वजह है कि ट्विन टावर जैसी ऊंची इमारत को गिराने की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन भविष्य के विकास के लिए काफी अहम साबित हो सकता है। सीबीआरआई की ओर से विशेष सलाह दी जा सकती है। इंस्टीट्यूट की ओर से ड्रोन कैमरे, थर्मल सेंसर व आरजीवी कैमरे सहित कई उपकरण मौके पर लगाए जाएंगे। 25 अगस्त से सीबीआरआई काम शुरू कर देगा। 28 अगस्त तक हर पल को कैमरे में कैद कर एक-एक बिंदु पर अध्ययन किया जाएगा। आईआईटी चेन्नई की ओर से भी कंपन मापने के लिए यंत्र लगाए जाएंगे।
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प्राधिकरण-ट्रैफिक और अन्य एजेंसियों ने परखी तैयारियां
ट्विन टावर की साइट पर मंगलवार को प्राधिकरण, ट्रैफिक पुलिस और अन्य एजेंसियों ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान प्राधिकरण के जीएम नियोजन इश्तियाक अहमद समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान निषेध क्षेत्र और बंद होने वाली सड़कों पर अधिकारी पहुंचे। यह देखा गया कि कहां-कहां सड़क बंद होगी और डायवर्जन होना है। सेक्टर-128 में जेपी फ्लाईओवर पर व्यू प्वाइंट बनाया जा सकता है, जहां से ट्विन टावर को गिरते हुए देखा जा सकता है।
एमराल्ड के 37 पिलरों की हुई मरम्मत, 14 बाकी
एमराल्ड कोर्ट के 51 पिलरों की मरम्मत का काम चल रहा है। मंगलवार तक इनमें से 37 की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। 25 अगस्त तक काम पूरा हो जाएगा। इस काम के निरीक्षण के लिए प्राधिकरण स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें वरिष्ठ प्रबंधक टीएसी, वरिष्ठ प्रबंधक वर्क सर्किल-8 और वरिष्ठ प्रबंधक जल खंड-3 शामिल हैं। कमेटी को गेल की पाइपलाइन की सुरक्षा के बाबत की जा रही तैयारियों का भी निरीक्षण करना है। इसके अलावा आरडब्ल्यूए की ओर से किसी प्रकार की परेशानियों का भी समाधान करना है। एटीएस विलेज में मरम्मत को लेकर समाधान हो चुका है। यहां किसी तरह के मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कंप्यूटर पर मॉडल बनाकर ध्वस्तीकरण का किया ट्रायल
एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से कंप्यूटर पर ट्विन टावर का मॉडल बनाकर ध्वस्तीकरण का ट्रायल किया गया है। इसमें हर पहलुओं का अध्ययन कर एक-एक प्वाइंट को जोड़कर तैयारी की गई है। ट्रायल में यह देखा गया कि 28 अगस्त को ब्लास्ट के दौरान किसी तरह की तकनीकी परेशानी तो नहीं आएगी।