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ट्विन टावर : नौ हजार छेद कर लगाए जाएंगे विस्फोटक
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नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के एपेक्स और सियान टावरों के ध्वस्तीकरण की तैयारियां जारी हैं। टावर के पिलर और दीवारों में नौ हजार छेद किए जा रहे हैं। काफी हद तक इस काम को पूरा कर लिया गया है। इन्हीं छेदों में विस्फोटक लगाकर धमाके किए जाएंगे। हालांकि, विस्फोटक लगाने का अंतिम प्लान 25 अप्रैल के बाद ही आएगा। इससे पहले एडिफिस कंपनी के इंजीनियर टावर के अंदर बारीकी से सर्वे कर रहे हैं।
वहीं बहुमंजिला इमारत के गिरने से आसपास के आवासीय टावरों को क्षति पहुंचने की आशंका से निवासी परेशान हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से बीमा कराने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। इसके लिए तीन कंपनियों से बातचीत की जा रही है। ट्विन टावर के दोनों ओर करीब 9 मीटर की दूरी पर 16 मंजिला आवासीय इमारत, वाटर बॉडी के अलावा गैस पाइपलाइन को सुरक्षित करने का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है ताकि टावरों के ध्वस्तीकरण के दौरान इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचे। ट्विर टावरों के कंक्रीट के कॉलमों में नौ हजार छेद कर उनमें विस्फोटक लगाए जाएंगे। विस्फोटक करीब 100 किमी दूर पलवल से लाए जाएंगे। इस्तेमाल नहीं होने पर इन्हें वापस पहुंचाया जाएगा। 2.5 से 4 हजार टन विस्फोटक के इस्तेमाल का आंकलन लगाया गया था, लेकिन 25 अप्रैल के बाद ही पता लगेगा कि कितने विस्फोटक से इमारत जमींदोज होगी।
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वहीं बहुमंजिला इमारत के गिरने से आसपास के आवासीय टावरों को क्षति पहुंचने की आशंका से निवासी परेशान हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से बीमा कराने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। इसके लिए तीन कंपनियों से बातचीत की जा रही है। ट्विन टावर के दोनों ओर करीब 9 मीटर की दूरी पर 16 मंजिला आवासीय इमारत, वाटर बॉडी के अलावा गैस पाइपलाइन को सुरक्षित करने का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है ताकि टावरों के ध्वस्तीकरण के दौरान इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचे। ट्विर टावरों के कंक्रीट के कॉलमों में नौ हजार छेद कर उनमें विस्फोटक लगाए जाएंगे। विस्फोटक करीब 100 किमी दूर पलवल से लाए जाएंगे। इस्तेमाल नहीं होने पर इन्हें वापस पहुंचाया जाएगा। 2.5 से 4 हजार टन विस्फोटक के इस्तेमाल का आंकलन लगाया गया था, लेकिन 25 अप्रैल के बाद ही पता लगेगा कि कितने विस्फोटक से इमारत जमींदोज होगी।
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