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Noida: दुबई से चल रहे ट्रेडिंग साइबर फ्रॉड का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Thu, 14 Sep 2023 08:26 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 14 Sep 2023 08:26 AM IST
सार

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले गिरोह का नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुलासा किया है।

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Trading cyber fraud running from Dubai exposed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले गिरोह का नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने दुबई से संचालित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तीन बदमाशों दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी विजय शर्मा, तरुण कश्यप और पंजाबी बाग निवासी हेमंत सिंघानियां को गिरफ्तार कर लिया है। 

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वहीं दिल्ली और दुबई में रहने वाले सरगना समेत अन्य की तलाश जारी है। आरोपियों के पास से दो मोबाइल व 11 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लेक्साट्रेड डॉट कॉम नाम की ट्रेडिंग कंपनी का वेबसाइट बनाकर डेल्टा इंटरप्राइजेज नामक फर्जी फर्म तैयार कर ठगी की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर सीपीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त महानिदेशक से 2.54 करोड़ की ठगी की थी। दुबई में बैठे साइबर जालसाजों ने ठगी कर गिरफ्तार आरोपियों के खाते में रकम ट्रांसफर की थी। गिरफ्तार जालसाजों में विजय शर्मा अकाउंट होल्डर दुकानदार था। वहीं तरुण कश्यप दुबई में बैठै गिरोह को अकाउंट उपलब्ध कराने और हेमंत करंट अकाउंट खुलवाने का काम करता था।
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पुलिस के मुताबिक भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी अनिल कुमार शर्मा भारत सरकार के सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक रह चुके हैं। वर्ष 2015 में रिटायर हुए थे। जून 2022 में अनिल के पास लंदन के एक नंबर से किसे ने कॉल कर ट्रेडिंग वेबसाइट की जानकारी दी थी।  स्काइप कॉल कर स्वप्निल नामक शख्स ने निवेश के टिप्स दिए थे। उसके टिप्स से निवेश करने पर और शुरुआत में मुनाफा हुआ। हालांकि बाद में उनसे 2.54 करोड़ की ठगी कर ली गई।
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एक लाख में करंट अकाउंट, 40 हजार में सेविंग अकाउंट
साइबर जालसाज ठगी की रकम को खपाने के लिए करंट अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार जालसाज एक लाख रुपये में किसी के नाम का फर्जी करंट अकाउंट मास्टरमाइंड को देते थे। वहीं सेविंग अकाउंट 40 हजार रुपये में देते थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार हेमंत सिंघानिया के करंट अकाउंट में भी 21 लाख रुपये भेजे गए थे।

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