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Noida News: पंचायतों का कार्यकाल बढ़ेगा या तैनात होंगे प्रशासक
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पंचायतों का कार्यकाल बढ़ेगा या तैनात होंगे प्रशासक
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया तो ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद इस पर निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा। शासन के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
गौतमबुद्धनगर जिले में 88 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत समय पर नहीं होने की स्थिति में पंचायत राज एक्ट में दो व्यवस्थाएं हैं जिसके तहत पंचायत कार्यकाल के पांच साल पूरा होने के बाद प्रशासक बैठाए जाते हैं। ग्राम प्रधान पद का कार्य एडीओ पंचायत चुनाव होने तक संभालते है। दूसरी और प्रबंधक समिति बनाकर उसको काम कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस समिति में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य को शामिल किया जाता है। उनके द्वारा पंचायत चुनाव होने तक काम देखा जाता है।
अभी तक शासन स्तर पर इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। वहीं जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने में अभी दो माह बाकी है। 12 जुलाई को जिला पंचायत की पहली बैठक हुई थी। पहली बैठक से ही कार्यकाल माना जाता है।
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चुनाव होने तक तैनात होते है प्रशासक
पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो शासन द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है। जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के स्थान पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया तो ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद इस पर निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा। शासन के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
गौतमबुद्धनगर जिले में 88 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत समय पर नहीं होने की स्थिति में पंचायत राज एक्ट में दो व्यवस्थाएं हैं जिसके तहत पंचायत कार्यकाल के पांच साल पूरा होने के बाद प्रशासक बैठाए जाते हैं। ग्राम प्रधान पद का कार्य एडीओ पंचायत चुनाव होने तक संभालते है। दूसरी और प्रबंधक समिति बनाकर उसको काम कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस समिति में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य को शामिल किया जाता है। उनके द्वारा पंचायत चुनाव होने तक काम देखा जाता है।
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अभी तक शासन स्तर पर इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। वहीं जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने में अभी दो माह बाकी है। 12 जुलाई को जिला पंचायत की पहली बैठक हुई थी। पहली बैठक से ही कार्यकाल माना जाता है।
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चुनाव होने तक तैनात होते है प्रशासक
पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो शासन द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है। जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के स्थान पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता है।