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Noida News: नोएडा, ग्रेटर नोएडा से गुजरता यूपी के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का रास्ता
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा से गुजरता यूपी के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का रास्ता
- अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने तीनों प्राधिकरणों की ली शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के एक होटल में संयुक्त बैठक
- कहा, निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सभी प्राधिकरण एक साथ काम करें, बनाएं रोडमैप
फोटो -
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अहम भूमिका होगी। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के अलावा जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित होकर मिले। नोएडा प्राधिकरण, ग्रेनो प्राधिकरण और यीडा तीनों ही इसे सुनिश्चित करें।
शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय एजेंडा निर्धारण के लिए इंवेस्ट यूपी की तरफ से आयोजित कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने तीनों प्राधिकरण के अधिकारियों को जरूरी निर्देश इसके लिए दिए। उनका कहना है कि निवेशकों के लिए भूमि उपलब्ध कराना और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करना प्रदेश सरकार की रणनीति का केंद्र बिंदु है। इससे निर्बाध और उत्तरदायी प्रणाली सुनिश्चित हो सकेगी। इससे निवेशकों को जहां उत्पादन शुरू करने में बाधाएं नहीं आएंगी। वहीं उनको समाधान भी मिल सकेंगे।
इस बैठक में अपर मुख्य सचिव ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यूपीसीडा, यूपीडा, यमुना प्राधिकरण के सीईओ को औद्योगिक विकास के लिए एक समयबद्ध रोडमैप तैयार करने के लिए भी कहा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए सभी को एक साथ काम करना होगा। निवेश के अवसरों को तेज़ी से बढ़ाएं। लैंड बैंक पर काम करें।
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बैठक में भूमि आवंटन में तेजी लाने, अधिग्रहण की चुनौतियों का समाधान तलाश करने और निवेशक सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान देने पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा सेंटर पर काम होना है। गौतमबुद्धनगर में ही करीब इन क्षेत्र में 1.68 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावित हैं। इनमें से 100 करोड़ रुपये से अधिक के 132 प्रस्ताव हैं। इनकी समीक्षा भी अपर मुख्य सचिव ने की। बैठक में नोएडा के सीईओ लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट-
इन पॉइंट पर किया जाएगा काम
- उपयोग के लिए तैयार लैंड बैंक
- भूमि सुविधा मानक संचालन प्रक्रिया
- निवेश मित्र 3.0 सुधार प्रभावी
- प्लग-एंड-प्ले पार्क को प्रोत्साहन
- पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक पार्क
- श्रम एवं नियामक ईओडीबी का पुनर्गठन
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- अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने तीनों प्राधिकरणों की ली शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के एक होटल में संयुक्त बैठक
- कहा, निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सभी प्राधिकरण एक साथ काम करें, बनाएं रोडमैप
फोटो -
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अहम भूमिका होगी। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के अलावा जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित होकर मिले। नोएडा प्राधिकरण, ग्रेनो प्राधिकरण और यीडा तीनों ही इसे सुनिश्चित करें।
शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय एजेंडा निर्धारण के लिए इंवेस्ट यूपी की तरफ से आयोजित कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने तीनों प्राधिकरण के अधिकारियों को जरूरी निर्देश इसके लिए दिए। उनका कहना है कि निवेशकों के लिए भूमि उपलब्ध कराना और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करना प्रदेश सरकार की रणनीति का केंद्र बिंदु है। इससे निर्बाध और उत्तरदायी प्रणाली सुनिश्चित हो सकेगी। इससे निवेशकों को जहां उत्पादन शुरू करने में बाधाएं नहीं आएंगी। वहीं उनको समाधान भी मिल सकेंगे।
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इस बैठक में अपर मुख्य सचिव ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यूपीसीडा, यूपीडा, यमुना प्राधिकरण के सीईओ को औद्योगिक विकास के लिए एक समयबद्ध रोडमैप तैयार करने के लिए भी कहा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए सभी को एक साथ काम करना होगा। निवेश के अवसरों को तेज़ी से बढ़ाएं। लैंड बैंक पर काम करें।
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बैठक में भूमि आवंटन में तेजी लाने, अधिग्रहण की चुनौतियों का समाधान तलाश करने और निवेशक सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान देने पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा सेंटर पर काम होना है। गौतमबुद्धनगर में ही करीब इन क्षेत्र में 1.68 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावित हैं। इनमें से 100 करोड़ रुपये से अधिक के 132 प्रस्ताव हैं। इनकी समीक्षा भी अपर मुख्य सचिव ने की। बैठक में नोएडा के सीईओ लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट-
इन पॉइंट पर किया जाएगा काम
- उपयोग के लिए तैयार लैंड बैंक
- भूमि सुविधा मानक संचालन प्रक्रिया
- निवेश मित्र 3.0 सुधार प्रभावी
- प्लग-एंड-प्ले पार्क को प्रोत्साहन
- पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक पार्क
- श्रम एवं नियामक ईओडीबी का पुनर्गठन