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जिस जमीन की चल रही जांच, वहां है पुलिस लाइन

Tue, 28 Jun 2022 02:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 02:33 AM IST
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The land where the investigation is going on, there is a police line
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश सरकार की एसआईटी तुस्याना गांव में जिस जमीन के घोटाले की जांच कर रही है, वहां पुलिस लाइन है। कंपनी ने टेक्नोलॉजी पार्क बनाने के लिए जमीन खरीदी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। फिर भूमाफिया सक्रिय हो गए और जमीन का प्राधिकरण से मुआवजा उठा लिया गया। बताया गया है कि शासन और प्राधिकरण स्तर से लापरवाही का फायदा भूमाफिया ने उठाया। अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् के चेयरमैन संजीव मित्तल की अध्यक्षता में एसआईटी टीम ने सोमवार को नोएडा स्थित डीएम कैंप कार्यालय पर बैठक की। इसमें एसआईटी के सदस्य व ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह के अलावा डीएम सुहास एलवाई और अन्य प्रशासनिक व प्राधिकरण के अफसर मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में प्रशासन ने जमीन से जुड़ी रिपोर्ट एसआईटी टीम को सौंप दी है। जिलाधिकारी की तरफ से जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है। मंगलवार को एसआईटी टीम के अध्यक्ष संजीव मित्तल लखनऊ रवाना हो जाएंगे। बताया गया है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। तुस्याना भूमि घोटाले पर एसआईटी व शासन स्तर से कार्रवाई होगी।
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गौरतलब है कि टीपीएल नामक कंपनी ने प्रदेश सरकार से टेक्नोलॉजी पार्क बनाने के लिए जमीन खरीदने की अनुमति ली थी। कंपनी ने यहां पर 200 एकड़ जमीन खरीदी थी। शर्त थी कि पहले टेक्नोलॉजी पार्क बनाया जाएगा। इसके बाद आवासीय परिसर बनाया जाएगा। आरोप है कि कंपनी ने टेक्नोलॉजी पार्क बनाने की जगह प्लाटिंग शुरू कर दी। इस पर शासन ने अनुमति रद्द कर दी। साथ ही खरीदी गई जमीन भी वापस ली जानी थी, लेकिन शासन के इस आदेश का पालन नहीं कराया गया। इस बीच कंपनी हाईकोर्ट चली गई। जांच में पता चला है कि वहां कंपनी ने मानचित्र स्वीकृत नहीं होने का दावा किया। हाईकोर्ट ने मानचित्र स्वीकृत करने पर रिपोर्ट मांगी। इस बीच ग्रेनो प्राधिकरण अस्तित्व में आ गया। उसके बाद जमीन का मामला कंपनी और प्राधिकरण के बीच हो गया, जो आज तक तय नहीं हो सका है। शासन और प्राधिकरण स्तर पर बरती गई लापरवाही का फायदा भूमाफिया ने उठाया। भूमाफिया ने प्राधिकरण को जमीन बेच दी। कोर्ट के माध्यम से मुआवजा उठा लिया। साथ ही कृषक भूखंड भी आवंटित करा लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस जमीन की जांच चल रही है। इस समय उसके कुछ हिस्से पर पुलिस लाइन बनी है।
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वर्ष 1985 में रखी गई थी घोटाले की नींव
तुस्याना गांव के घोटाले की नींव वर्ष 1985 में रखी गई थी। तब से गांव में 200 एकड़ जमीन को लेकर शासन, प्रशासन, प्राधिकरण और हाईकोर्ट में मामला चल रहा है, लेकिन 35 साल बाद भी इसमें कुछ नहीं हो सका। करीब दो वर्ष पूर्व एडीएम की जांच में इसका खुलासा हुआ। उसके बाद अब शासन ने एसआईटी गठित कर जांच का आदेश दिया।
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