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विधानसभा में उठाया शिक्षकों का मुद्दा
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पुन्हाना। अमर उजाला मेवात में अध्यापकों की भारी कमी के मुद्दे को समय-समय पर उठाता रहा हैं। शुक्रवार को भी मेवात में अध्यापकों की कमी को प्रमुखता से उठाया है। पहले ही दिन विधानसभा में अतिथि अध्यापकों के मामले, नूंह जिला में अध्यापकों की भारी कमी का मामला विधानसभा में गूंजा।
विधानसभा सत्र की शुरूआत के पहला ही दिन का सत्र काफी गर्म रहा। विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता एंव नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने मेवात में अध्यापकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि 111 स्कूल पूरी तरह से अध्यापक रहित हैं। विधायक मामन खान ने मुख्यमंत्री से पूछा आपने 30 अक्टूबर तक अतिथि अध्यापकों से समान वेतन और नियमित कर्मचारी जैसी सुविधाएं देने का वादा किया था, उसका क्या रहा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया।
अतिथि अध्यापक संघ के प्रधान पारस शर्मा, जिला प्रधान सतीष यादव का कहना है अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ 8 सितंबर की मीटिंग में मुख्यमंत्री ने खुद बेसिक सैलरी और सर्विस रूल्स की 30 अक्टूबर तक देने की बात कही। इतना ही नहीं उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी भी दी थी। उनका कहना है कि जब विधानसभा में राज्य का शिक्षा मंत्री ही झूट बोलेगा तो समाज उनसे क्या सबक लेगा। उन्होंने कहा भाजपा सरकार अपने वादे के मुताबिक अतिथि अध्यापकों मांगाें को पूरा करे।
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विधानसभा सत्र की शुरूआत के पहला ही दिन का सत्र काफी गर्म रहा। विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता एंव नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने मेवात में अध्यापकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि 111 स्कूल पूरी तरह से अध्यापक रहित हैं। विधायक मामन खान ने मुख्यमंत्री से पूछा आपने 30 अक्टूबर तक अतिथि अध्यापकों से समान वेतन और नियमित कर्मचारी जैसी सुविधाएं देने का वादा किया था, उसका क्या रहा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया।
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अतिथि अध्यापक संघ के प्रधान पारस शर्मा, जिला प्रधान सतीष यादव का कहना है अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ 8 सितंबर की मीटिंग में मुख्यमंत्री ने खुद बेसिक सैलरी और सर्विस रूल्स की 30 अक्टूबर तक देने की बात कही। इतना ही नहीं उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी भी दी थी। उनका कहना है कि जब विधानसभा में राज्य का शिक्षा मंत्री ही झूट बोलेगा तो समाज उनसे क्या सबक लेगा। उन्होंने कहा भाजपा सरकार अपने वादे के मुताबिक अतिथि अध्यापकों मांगाें को पूरा करे।
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