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Noida News: संरक्षक बनी बुआ ने दो करोड़ में बेची नाबालिग भतीजी की जमीन
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संरक्षक बनी बुआ ने दो करोड़ में बेची नाबालिग भतीजी की जमीन
पीड़ित की मांग आरोप, पति से बचाने के लिए नाबालिग बेटी के नाम कराई थी जमीन
नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। नगला भटौना गांव में संरक्षक बनी बुआ ने नाबालिग भतीजी की दो करोड़ जमीन बेच दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस आरोपी महिला मेनका और उसके चाचा अमरपाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग की मां सोनिया का कहना है कि पति से जमीन बचाने के लिए जमीन बेटी के नाम कराई थी।
न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में सोनिया ने बताया कि पति के चाल-चलन को देखते हुए वर्ष 2014 में परिजनों ने सारी जमीन बेटी आरती के नाम करा दी। उस वक्त बेटी मात्र तीन साल की थी। ऐसे में सी ब्लॉक, यमुना विहार (दिल्ली) निवासी आरती की बुआ मेनका को बैनामे में जमीन का संरक्षक बना दिया। संरक्षक होने की वजह से मेनका को आरती की संपत्ति की सुरक्षा करनी थी। सोनिया का आरोप है कि बढ़ती कीमत देख मेनका ने 1.56 करोड़ में जमीन यमुना प्राधिकरण को बेच दी। इसमें से आरती के नाम मात्र 18 लाख की एफडी कराई और 1.94 लाख खाते में छोड़कर बाकी रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद मेनका ने नगला भटौना निवासी अपने चाचा अमरपाल के साथ मिलकर आरती की जमीन अन्य लोगों को 53.20 लाख में बेच दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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पीड़ित की मांग आरोप, पति से बचाने के लिए नाबालिग बेटी के नाम कराई थी जमीन
नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। नगला भटौना गांव में संरक्षक बनी बुआ ने नाबालिग भतीजी की दो करोड़ जमीन बेच दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस आरोपी महिला मेनका और उसके चाचा अमरपाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग की मां सोनिया का कहना है कि पति से जमीन बचाने के लिए जमीन बेटी के नाम कराई थी।
न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में सोनिया ने बताया कि पति के चाल-चलन को देखते हुए वर्ष 2014 में परिजनों ने सारी जमीन बेटी आरती के नाम करा दी। उस वक्त बेटी मात्र तीन साल की थी। ऐसे में सी ब्लॉक, यमुना विहार (दिल्ली) निवासी आरती की बुआ मेनका को बैनामे में जमीन का संरक्षक बना दिया। संरक्षक होने की वजह से मेनका को आरती की संपत्ति की सुरक्षा करनी थी। सोनिया का आरोप है कि बढ़ती कीमत देख मेनका ने 1.56 करोड़ में जमीन यमुना प्राधिकरण को बेच दी। इसमें से आरती के नाम मात्र 18 लाख की एफडी कराई और 1.94 लाख खाते में छोड़कर बाकी रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद मेनका ने नगला भटौना निवासी अपने चाचा अमरपाल के साथ मिलकर आरती की जमीन अन्य लोगों को 53.20 लाख में बेच दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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