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Noida News: परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की हर माह होगी समीक्षा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत हर महीने के चौथे शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लॉक के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य का आकलन किया जाएगा। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी शैक्षणिक स्थिति सुधारने के उपाय तय किए जाएंगे।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय से लेकर विकासखंड, जिला और राज्य स्तर तक शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी होगी।
विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाना और बुनियादी दक्षताओं में पीछे रहने वाले बच्चों को अतिरिक्त सहयोग देना है। समीक्षा बैठक में मासिक पाठ्यक्रम की प्रगति, शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने की क्षमता का आकलन होगा। जिन बच्चों को बुनियादी दक्षताएं हासिल करने में कठिनाई होगी, उनकी समस्याओं की पहचान कर सुधार की रणनीति बनाई जाएगी। इससे पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और विद्यार्थियों की कमजोरियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
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ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत हर महीने के चौथे शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लॉक के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य का आकलन किया जाएगा। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी शैक्षणिक स्थिति सुधारने के उपाय तय किए जाएंगे।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय से लेकर विकासखंड, जिला और राज्य स्तर तक शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी होगी।
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विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाना और बुनियादी दक्षताओं में पीछे रहने वाले बच्चों को अतिरिक्त सहयोग देना है। समीक्षा बैठक में मासिक पाठ्यक्रम की प्रगति, शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने की क्षमता का आकलन होगा। जिन बच्चों को बुनियादी दक्षताएं हासिल करने में कठिनाई होगी, उनकी समस्याओं की पहचान कर सुधार की रणनीति बनाई जाएगी। इससे पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और विद्यार्थियों की कमजोरियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
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