फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   System, officers and public participation... everything is fine in Indore

व्यवस्था, अधिकारी और जन भागीदारी... इंदौर में सब दुरुस्त

Mon, 20 Dec 2021 10:24 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 10:24 PM IST
विज्ञापन
System, officers and public participation... everything is fine in Indore
इंदौर में मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन से की जा रही सड़कों की सफाई।
नोएडा। व्यवस्था, अधिकारी और जन भागीदारी इंदौर में सभी दुरुस्त है। अधिकारियों की संलिप्तता से ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि आज इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण में पूरे देश में नंबर वन है। जन भागदारी भी वहां पूरी भूमिका निभाती है। यही कारण है कि इंदौर को आज सबसे स्वच्छ शहर का तमगा मिला है। इंदौर से लौटकर आए नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी अब अपनी इस रिपोर्ट को मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी के सक्षम रखेंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 की तैयारियों को लेकर प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी कड़ी मेहनत कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं। उनके निर्देश पर ही पिछले दिनों प्राधिकरण अधिकारियों की एक टीम मुकेश कुमार वैश्य और एससी मिश्रा के नेतृत्व में इंदौर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने गई थी। टीम ने दो दिनों तक इंदौर में कार्यप्रणाली को समझा। इंदौर की व्यवस्था से अधिकारी भी प्रभावित हैं।
विज्ञापन

एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर में सबसे बड़ी बात यह है कि वहां 100 फीसदी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाता है। इंदौर नगर पालिका निगम के पास खुद के 450 से 500 वाहन ऐसे हैं, जो घर-घर से कूड़ा उठाते हैं। जीपीएस से लैस इन वाहनों की कंट्रोल सेंटर के माध्यम से पूरी निगरानी की जाती है। कोई वाहन अगर दस मिनट भी कहीं खड़ा हो गया तो उसे जवाबदेही देनी पड़ती है। इसके अलावा अधिकारियों ने इंदौर के ज्यादातर नाले ढक रखे हैं। नालों में कुछ दूरी पर जगह छोड़ी गई है। जिससे पानी सड़क पर एकत्र न होने पाए। इन नालों के ऊपर फुटपाथ है। इसमें प्रत्येक 100 मीटर पर लोहे का जाल लगाया गया है।
विज्ञापन

जिससे समय-समय पर नालों की सफाई आराम से की जा सके। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण भी इंदौर की एक गजब व्यवस्था है। यहां गीला और सूखा मिलाकर करीब एक हजार टन कचरा प्रतिदिन निस्तारित किया जाता है। शहर की सड़कों पर की गई सफाई के बाद वहां एकत्र मिट्टी और कचरे को भी तत्काल उठाया जाता है। दिन में दो बार सड़कों की सफाई के अलावा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन के माध्यम से काम जारी रहता है। वहां की जन भागीदारी भी प्रभावित करने वाली है। यहां लोग स्वयं ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके गाड़ी को देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

निरीक्षण के लिए अब दूसरी टीम जाएगी
प्राधिकरण की दूसरी टीम अब इंदौर व अहमदाबाद के निरीक्षण के लिए जाएगी। टीम में आरके सिंह, एपी वर्मा और ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह शामिल होंगे। चर्चा यह भी है कि प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी भी इस बार खुद इंदौर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण का निरीक्षण करने जा सकती हैं।

नोएडा के सामने चुनौती बड़ी
स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा के सामने कई चुनौतियां हैं। अधिकारियों की माने तो यहां शहरी इलाकों के बीच गांव भी हैं। इनकी पतली गलियों में रहने वाले ज्यादातर किरायेदार कूड़ा उठाने के लिए पैसे ही नहीं देना चाहते। वह कचरा सड़कों पर ही फेंक देते हैं। इसके अलावा नोएडा में घर-घर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी नहीं हो पाया है। यहां जन भागीदारी भी काफी कम है। लोगों को खुद भी अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा, तभी नंबर वन बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed