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नेफोमा में रार, आरोप लगाकर महासचिव को किया बाहर
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में नेफोमा कार्यकारिणी की बैठक में शामिल पदाधिकारी ।
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। फ्लैट खरीदारों के संगठन नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मैंन एसोसिएशन (नेफोमा) के सदस्यों के बीच आपसी विवाद बढ़ गया है। रविवार को संगठन की कार्यकारिणी की बैठक में महासचिव रश्मि पांडेय पर एनजीओ चलाने का आरोप लगाकर निष्कासित कर दिया है। वहीं रश्मि पांडेय का कहना है कि यह फ्लैट खरीदारों का संगठन अब राजनीतिक बन गया है।
नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि रविवार दोपहर संगठन की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने मिलकर महासचिव रश्मि पांडेय को निष्कासित करने का फैसला लिया है। महासचिव पर आरोप है कि वह पिछले चार वर्ष वह बिना सूचना दिए अपना पंजीकृत एनजीओ चला रही थीं। इसकी जानकारी मिलने पर उन्हें कई बार रोका गया। नेफोमा और एनजीओ के कार्य एक जैसे हैं। बार-बार इनकार करने के बाद भी वो एनजीओ चला रही थीं। इससे नेफोमा को काफी नुकसान पहुंच रहा था।
वहीं चुनाव लड़ने के आरोप पर अन्नू खान ने बताया कि चुनाव लड़ने का फैसला 16 जनवरी को गौड़ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित संगठन की बैठक में लिया गया था। बैठक में महासचिव रश्मि पांडेय समेत अन्य सदस्य मौजूद थे। इसके बाद 21 जनवरी को नामांकन किया गया। दस दिन बाद रश्मि पांडेय ने झूठा आरोप लगाकर संस्था के सभी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए। उनका यह आरोप गलत है कि नेफोमा राजनीतिक कार्य कर रहा है। अन्नू खान के मुताबिक महासचिव ने चुनाव में सहयोग नहीं किया। अब संस्था ने उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
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नेफोमा फ्लैट खरीदारों का संगठन है। अध्यक्ष के विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद से संस्था को राजनीतिक पार्टी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर संगठन का कोई सदस्य राजनीतिक रुझान रखता है तो उसे पहले पद छोड़ना चाहिए था। - रश्मि पांडेय, पूर्व महासचिव, नेफोमा
नेफोमा की नींव रखते समय मकसद फ्लैट खरीदारों को न्याय दिलाना था। लेकिन इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य पूरा करने के लिए किया जा रहा है। सभी संस्थापक सदस्यों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा। कोई एक पदाधिकारी यह निर्णय नहीं ले सकता है। - देवेंद्र सिंह, संस्थापक सदस्य, नेफोमा
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नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि रविवार दोपहर संगठन की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने मिलकर महासचिव रश्मि पांडेय को निष्कासित करने का फैसला लिया है। महासचिव पर आरोप है कि वह पिछले चार वर्ष वह बिना सूचना दिए अपना पंजीकृत एनजीओ चला रही थीं। इसकी जानकारी मिलने पर उन्हें कई बार रोका गया। नेफोमा और एनजीओ के कार्य एक जैसे हैं। बार-बार इनकार करने के बाद भी वो एनजीओ चला रही थीं। इससे नेफोमा को काफी नुकसान पहुंच रहा था।
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वहीं चुनाव लड़ने के आरोप पर अन्नू खान ने बताया कि चुनाव लड़ने का फैसला 16 जनवरी को गौड़ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित संगठन की बैठक में लिया गया था। बैठक में महासचिव रश्मि पांडेय समेत अन्य सदस्य मौजूद थे। इसके बाद 21 जनवरी को नामांकन किया गया। दस दिन बाद रश्मि पांडेय ने झूठा आरोप लगाकर संस्था के सभी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए। उनका यह आरोप गलत है कि नेफोमा राजनीतिक कार्य कर रहा है। अन्नू खान के मुताबिक महासचिव ने चुनाव में सहयोग नहीं किया। अब संस्था ने उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
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नेफोमा फ्लैट खरीदारों का संगठन है। अध्यक्ष के विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद से संस्था को राजनीतिक पार्टी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर संगठन का कोई सदस्य राजनीतिक रुझान रखता है तो उसे पहले पद छोड़ना चाहिए था। - रश्मि पांडेय, पूर्व महासचिव, नेफोमा
नेफोमा की नींव रखते समय मकसद फ्लैट खरीदारों को न्याय दिलाना था। लेकिन इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य पूरा करने के लिए किया जा रहा है। सभी संस्थापक सदस्यों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा। कोई एक पदाधिकारी यह निर्णय नहीं ले सकता है। - देवेंद्र सिंह, संस्थापक सदस्य, नेफोमा