फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Six feet distance to be built in school

स्कूल में बनानी होगी छह फुट की दूरी

Wed, 09 Sep 2020 01:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 01:12 AM IST
विज्ञापन
Six feet distance to be built in school
नई दिल्ली। कोरोना काल में अनलॉक-4 के तहत शिक्षण संस्थानाें को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इसके तहत 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल जाने की इजाजत होगी। हालांकि इसके लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। इनमें सबसे अहम यह है कि छात्रों को स्कूल जाने के लिए अभिभावकों की लिखित सहमति लेनी होगी।
विज्ञापन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक स्कूलों को हर कक्षा के लिए अलग-अलग समय तय करना होगा। शिक्षकों, छात्रों और स्कूल के अन्य स्टाफ के बीच कम से कम छह फुट दूरी सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए जमीन पर 6-6 फुट दूरी पर मार्किंग होगी। स्कूल में छात्र आपस में कॉपी-किताब या पेंसिल-पेन, पानी की बोतल और टिफिन शेयर नहीं कर सकेंगे। शिक्षकों, छात्रों और अन्य स्टाफ को समय-समय पर हाथ धोना होगा, मास्क पहनना होगा। स्कूलों में प्रार्थना सभा नहीं होगी।
विज्ञापन

स्कूलों को रखना होगा ये ध्यान
एसओपी में स्कूलों को सलाह दी गई है कि बंद कमरे की जगह खुली जगह पर कक्षा की व्यवस्था हो सकती है। स्कूल न आने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षा जारी रहेगी। स्कूल की कैंटीन नहीं खुलेगी। सुबह स्कूल खुलने से पहले पूरा परिसर, सभी कक्षाएं, लैब और बाथरूम सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से सेनिटाइज करने होंगे। खासतौर पर क्वारंटीन सेंटर बनाए गए स्कूलों को पहले कई बार सेनिटाइज कराना होगा। लैब के अंदर छात्राें के बीच दूरी रखने के लिए कम संख्या में बैच बनाए जाएंगे। लैब के अंदर हर छात्र के लिए 4 वर्गमीटर का गोला खींचा जाएगा। महज 50 फीसदी शिक्षक व गैर शैक्षणिक स्टाफ ही एक बार में बुलाया जाएगा। बायोमीट्रिक से हाजिरी नहीं होगी। यदि स्कूल आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करा रहा है तो उसे भी हर रोज पहले सेनिटाइज कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

करानी होगी नियमित जांच की व्यवस्था
स्कूल प्रबंधन को अपने यहां थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था करनी होगी। स्कूल में प्रवेश से पहले पूरे स्टाफ और बच्चों की थर्मल स्कैनिंग और ऑक्सीजन लेवल मांपने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। साथ ही उनके हाथ भी सेनिटाइज कराने होंगे। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को फेस मास्क व हैंड सेनिटाइजर स्कूल उपलब्ध कराएगा। डस्टबिन कहीं पर भी खुला नहीं रहना चाहिए। सफाईकर्मी रखने से पहले उसे सेनिटाइजेशन का तरीका सिखाया जाना चाहिए।
इनके स्कूल आने पर रोक
- किसी भी क्वारंटीन जोन से आने वाले छात्र, शिक्षक या कर्मचारी नहीं बुलाए जाएंगे
- बीमार, बुजुर्ग या गर्भवती महिला को भी स्कूलों से दूर ही रखना होगा
- थर्मल स्कैनिंग में किसी के पॉजिटिव होने का शक होने पर उसे आइसोलेट करना होगा
- आइसोलेट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अभिभावकों को जानकारी दे दी जाएग
- पूरे परिसर के हर हिस्से को विसंक्रमित कराया जाए, नजदीकी अस्पताल से संपर्क किया जाए
- छात्रों और शिक्षकों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए लगातार काउंसलिंग की जाए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed