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बाजारों में खुली रहीं दुकानें, पुलिस ने भांजी लाठियां
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नूंह। बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण सरकार और प्रशासन ने रविवार को जिले के बाजारों को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया था। इसके बावजूद शहर के बाजारों में सुबह से ही दुकानें खुल गईं। इसकी सूचना मिलते ही सिटी चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही दुकानदारों में भगदड़ मच गई। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर सभी दुकानों को बंद करा दिया।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है, लेकिन लोगों में इसे लेकर किसी तरह का खौफ नजर नहीं आ रहा। रविवार को बाजारों की बंदी थी, लेकिन दुकानदारों ने दुकानें खोल दी। इसके बाद दुकानों में भीड़ एकत्र होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही दुकानदार भी इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी दुकानों को बंद कराया। शहर के समाजसेवी गोपाल पंडित ने बताया कि प्रशासन को सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है, तभी जाकर कोरोना पर रोकथाम लग सकती है। वैसे यह स्थिति पूरे जिले में कमोबेश यही बनी हुई है। वहीं, इस बारे में नूंह के एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि बाजारों में सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। हिदायतों की पालना नहीं पर दुकानदारों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
फिरोजपुर झिरका में रहा मिला-जुला असर
वहीं, फिरोजपुर झिरका के बाजारों में बंदी का मिला-जुला असर रहा। ज्यादातर दुकानों पर दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर डटे रहे। इन लोगों में पुलिस-प्रशासन का कोई डर नहीं दिखा। पुलिस की टीम भी मुख्य चौक चौराहे पर गश्त कर लोगों से घरों पर रहने की अपील करती रही।
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गांवों में भी बढ़ रहे कोरोना के मामले
शुरुआत में कोरोना संक्रमण जिले के मुख्य शहर नूंह, तावडू, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां और पुन्हाना तक ही सीमित था, लेकिन अब दूसरी लहर में कोरोना के मामले गांवों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद लोग कोरोना के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों का कहना हैं कि कोरोना को हल्के में लेना ग्रामीणों की बड़ी भूल है। सभी क केंद्र और प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। तभी बढ़ते संक्रमण को रोका जा सकता है।
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जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है, लेकिन लोगों में इसे लेकर किसी तरह का खौफ नजर नहीं आ रहा। रविवार को बाजारों की बंदी थी, लेकिन दुकानदारों ने दुकानें खोल दी। इसके बाद दुकानों में भीड़ एकत्र होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही दुकानदार भी इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी दुकानों को बंद कराया। शहर के समाजसेवी गोपाल पंडित ने बताया कि प्रशासन को सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है, तभी जाकर कोरोना पर रोकथाम लग सकती है। वैसे यह स्थिति पूरे जिले में कमोबेश यही बनी हुई है। वहीं, इस बारे में नूंह के एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि बाजारों में सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। हिदायतों की पालना नहीं पर दुकानदारों पर कार्रवाई भी की जा रही है।
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फिरोजपुर झिरका में रहा मिला-जुला असर
वहीं, फिरोजपुर झिरका के बाजारों में बंदी का मिला-जुला असर रहा। ज्यादातर दुकानों पर दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर डटे रहे। इन लोगों में पुलिस-प्रशासन का कोई डर नहीं दिखा। पुलिस की टीम भी मुख्य चौक चौराहे पर गश्त कर लोगों से घरों पर रहने की अपील करती रही।
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गांवों में भी बढ़ रहे कोरोना के मामले
शुरुआत में कोरोना संक्रमण जिले के मुख्य शहर नूंह, तावडू, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां और पुन्हाना तक ही सीमित था, लेकिन अब दूसरी लहर में कोरोना के मामले गांवों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद लोग कोरोना के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों का कहना हैं कि कोरोना को हल्के में लेना ग्रामीणों की बड़ी भूल है। सभी क केंद्र और प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। तभी बढ़ते संक्रमण को रोका जा सकता है।