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Noida News: बीमारी और दर्द को हराकर आरुषि ने लिखी सफलता की नई कहानी
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बीमारी और दर्द को हराकर आरुषि ने लिखी सफलता की नई कहानी
- न्यूजपेपर हॉकर की बेटी ने बिना ट्यूशन हासिल किए शानदार अंक, अब डॉक्टर बनने का सपना
- बेल्ट लगाकर पहुंचीं परीक्षा देने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कठिन हालात और गंभीर बीमारी के बीच भी अगर हौसला मजबूत हो तो सफलता का रास्ता खुद बन जाता है। इसका उदाहरण खोड़ा निवासी आरुषि पांडे ने पेश किया है। न्यूजपेपर हॉकर राजेश कुमार पांडे की बेटी आरुषि ने बिना किसी ट्यूशन के शानदार अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे मुश्किलें छोटी पड़ जाती हैं।
आरुषि इंडस वैली स्कूल की छात्रा हैं। उनके 95 प्रतिशत अंक आए हैं। आरुषि का यह सफर आसान नहीं था। आरुषि को 24 दिसंबर को स्पाइन टीबी का पता चला। इसके बाद परिवार उन्हें इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टर अजय अग्रवाल ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी। इलाज के दौरान उनकी स्पाइन से पस निकाला गया। करीब दो महीने तक वह ठीक से हिल भी नहीं पा रही थीं। डॉक्टर ने उन्हें परीक्षा छोड़ने तक की सलाह दी थी।
पिता राजेश कुमार पांडे ने बताया कि बीमारी के कारण वह प्री-बोर्ड परीक्षा और समय पर प्रैक्टिकल भी नहीं दे सकीं। बाद में स्कूल ने सहयोग करते हुए उनके प्रैक्टिकल कराए। स्कूल प्रबंधन ने परिवार से कहा था कि बच्ची यदि परीक्षा देने की स्थिति में हो तभी उसे बैठाया जाए। इलाज के बाद डॉक्टर ने बेल्ट लगाकर उठने-बैठने की अनुमति दी। परीक्षा केंद्र में वह बेल्ट लगाकर पहुंचीं। दर्द इतना था कि वह लगातार बैठ नहीं पा रही थीं। आधे-आधे घंटे में उठकर फिर बैठतीं और उत्तर लिखती रहीं। लेकिन बच्ची ने हिम्मत करके परीक्षा दी।
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उन्होंने बताया कि परीक्षा में इंग्लिश में 98, हिंदी में 97, सोशल साइंस में 93, साइंस में 89, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 98 और मैथ्स में 79 अंक प्राप्त किए। परिवार और स्कूल दोनों उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। अब उन्होंने 11वीं में साइंस विषय चुना है। उनका सपना डॉक्टर बनना है।
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- न्यूजपेपर हॉकर की बेटी ने बिना ट्यूशन हासिल किए शानदार अंक, अब डॉक्टर बनने का सपना
- बेल्ट लगाकर पहुंचीं परीक्षा देने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कठिन हालात और गंभीर बीमारी के बीच भी अगर हौसला मजबूत हो तो सफलता का रास्ता खुद बन जाता है। इसका उदाहरण खोड़ा निवासी आरुषि पांडे ने पेश किया है। न्यूजपेपर हॉकर राजेश कुमार पांडे की बेटी आरुषि ने बिना किसी ट्यूशन के शानदार अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे मुश्किलें छोटी पड़ जाती हैं।
आरुषि इंडस वैली स्कूल की छात्रा हैं। उनके 95 प्रतिशत अंक आए हैं। आरुषि का यह सफर आसान नहीं था। आरुषि को 24 दिसंबर को स्पाइन टीबी का पता चला। इसके बाद परिवार उन्हें इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टर अजय अग्रवाल ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी। इलाज के दौरान उनकी स्पाइन से पस निकाला गया। करीब दो महीने तक वह ठीक से हिल भी नहीं पा रही थीं। डॉक्टर ने उन्हें परीक्षा छोड़ने तक की सलाह दी थी।
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पिता राजेश कुमार पांडे ने बताया कि बीमारी के कारण वह प्री-बोर्ड परीक्षा और समय पर प्रैक्टिकल भी नहीं दे सकीं। बाद में स्कूल ने सहयोग करते हुए उनके प्रैक्टिकल कराए। स्कूल प्रबंधन ने परिवार से कहा था कि बच्ची यदि परीक्षा देने की स्थिति में हो तभी उसे बैठाया जाए। इलाज के बाद डॉक्टर ने बेल्ट लगाकर उठने-बैठने की अनुमति दी। परीक्षा केंद्र में वह बेल्ट लगाकर पहुंचीं। दर्द इतना था कि वह लगातार बैठ नहीं पा रही थीं। आधे-आधे घंटे में उठकर फिर बैठतीं और उत्तर लिखती रहीं। लेकिन बच्ची ने हिम्मत करके परीक्षा दी।
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उन्होंने बताया कि परीक्षा में इंग्लिश में 98, हिंदी में 97, सोशल साइंस में 93, साइंस में 89, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 98 और मैथ्स में 79 अंक प्राप्त किए। परिवार और स्कूल दोनों उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। अब उन्होंने 11वीं में साइंस विषय चुना है। उनका सपना डॉक्टर बनना है।