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Noida News: हादसे के बाद भी नहीं जागा महकमा, 25 बसें सीज कर जिम्मेदारी पूरी
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-यमुना एक्सप्रेसवे हादसे के बाद अब तक सिर्फ 25 बसें सीज, सैकड़ों बसों की सुरक्षा पर सवाल
- जिस राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में लगी थी आग उसी की 2 बसें भी सीज की गईं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के बाद भी परिवहन विभाग की कार्रवाई उस गति से नहीं हो रही है, जिसकी इस गंभीर हादसे के बाद जरूरत थी। हादसे के बाद जांच अभियान शुरू किया गया, लेकिन अब तक महज 25 बसें सीज की गई हैं। दूसरी ओर रात के समय स्लीपर बसों का संचालन लगातार जारी है। बड़ी संख्या में ऐसी बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नाकाफी हैं।
बीते सप्ताह बुधवार को हुए हादसे में स्लीपर बस आग का गोला बन गई थी। बस में सवार नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवहन विभाग ने बसों की जांच के लिए अभियान शुरू किया। जांच में खामियां मिलने पर बसें सीज भी की गईं, लेकिन कार्रवाई का दायरा अभी सीमित है। रात में लंबी दूरी के रूट पर चलने वाली स्लीपर बसों की संख्या को देखते हुए 25 बसों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। अधिकांश बसों में कैरियर लगाकर सामान ढोया जा रहा है। मानक के अनुसार बस के ऊपर सामान ढोना अवैध है।
जिस कंपनी की बस में लगी आग, उसी की दो बसें सीज
: हादसे में जिस राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में आग लगी थी, उसकी 2 अन्य बसें सोमवार को सीज की गईं। परिवहन विभाग ने चेकिंग के दौरान इन बसों को सीज किया। जांच के दौरान इन बसों में भी यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम पर्याप्त नहीं मिले। विभाग ने दोनों बसों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अब तकनीकी जांच में यह देखा जाएगा कि बसों की फिटनेस, वायरिंग, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानक निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
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आग बुझाने के इंतजाम भी जांच के दायरे में :
स्लीपर बसों में आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन उपकरणों का होना और उनका काम करने की स्थिति में होना जरूरी है। इसके साथ ही बस की वायरिंग, बैटरी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच भी महत्वपूर्ण है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद इन सभी बिंदुओं पर जांच की जरूरत बढ़ गई है।
ऑपरेशन कवच 2.0 के तहत बसों की चेकिंग की जा रही है। सोमवार को 21 बसें सीज की गईं हैं, जिसमें दो बसें राज कल्पना ट्रेवल्स की भी हैं। इनकी तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। -डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
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- जिस राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में लगी थी आग उसी की 2 बसें भी सीज की गईं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के बाद भी परिवहन विभाग की कार्रवाई उस गति से नहीं हो रही है, जिसकी इस गंभीर हादसे के बाद जरूरत थी। हादसे के बाद जांच अभियान शुरू किया गया, लेकिन अब तक महज 25 बसें सीज की गई हैं। दूसरी ओर रात के समय स्लीपर बसों का संचालन लगातार जारी है। बड़ी संख्या में ऐसी बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नाकाफी हैं।
बीते सप्ताह बुधवार को हुए हादसे में स्लीपर बस आग का गोला बन गई थी। बस में सवार नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवहन विभाग ने बसों की जांच के लिए अभियान शुरू किया। जांच में खामियां मिलने पर बसें सीज भी की गईं, लेकिन कार्रवाई का दायरा अभी सीमित है। रात में लंबी दूरी के रूट पर चलने वाली स्लीपर बसों की संख्या को देखते हुए 25 बसों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। अधिकांश बसों में कैरियर लगाकर सामान ढोया जा रहा है। मानक के अनुसार बस के ऊपर सामान ढोना अवैध है।
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जिस कंपनी की बस में लगी आग, उसी की दो बसें सीज
: हादसे में जिस राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में आग लगी थी, उसकी 2 अन्य बसें सोमवार को सीज की गईं। परिवहन विभाग ने चेकिंग के दौरान इन बसों को सीज किया। जांच के दौरान इन बसों में भी यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम पर्याप्त नहीं मिले। विभाग ने दोनों बसों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अब तकनीकी जांच में यह देखा जाएगा कि बसों की फिटनेस, वायरिंग, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानक निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
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आग बुझाने के इंतजाम भी जांच के दायरे में :
स्लीपर बसों में आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन उपकरणों का होना और उनका काम करने की स्थिति में होना जरूरी है। इसके साथ ही बस की वायरिंग, बैटरी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच भी महत्वपूर्ण है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद इन सभी बिंदुओं पर जांच की जरूरत बढ़ गई है।
ऑपरेशन कवच 2.0 के तहत बसों की चेकिंग की जा रही है। सोमवार को 21 बसें सीज की गईं हैं, जिसमें दो बसें राज कल्पना ट्रेवल्स की भी हैं। इनकी तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। -डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन