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बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष की कैद

Thu, 04 Mar 2021 12:56 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:56 AM IST
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Seven years imprisonment for rape of child girl
ग्रेटर नोएडा। पांच वर्ष की बच्ची के जन्मदिन पर उससे हैवानियत करने वाले दोषी को जिला न्यायालय ने सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है, जिसका भुगतान नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। गवाहों के पलटने के बाद भी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निरंजन कुमार की अदालत ने सुबूतों (डीएनए रिपोर्ट) को अहम मानते हुए दोषी को कारावास की सजा सुनाई। मामले में सरकारी अधिवक्ता और पुलिस ने भी अहम रोल निभाते हुए केस को मजबूती से रखा। मामले में पलटे दोनों गवाहों के खिलाफ न्यायालय ने परिवाद दाखिल करने का आदेश दिया है।
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विशेष सरकारी अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि फेज-3 थाना क्षेत्र में रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची का अगस्त 2019 में जन्मदिन था। मूलरूप से बिहार के जिला किशनगंज व हाल में पड़ोस में रहने वाला शब्बीर उसके घर पहुंचा। वह बच्ची को बहलाकर चॉकलेट दिलाने के बहाने साथ ले गया और दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिवार और आसपास के लोगों ने मौके से ही आरोपी को पकड़ लिया। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बाद में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। केस की सुनवाई कोर्ट में शुरू हुई। केस ट्रायल के दौरान कुल सात गवाह पेश हुए।
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माता-पिता को पक्षद्रोही माना
विशेष सरकारी अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला। गवाही के दौरान बच्ची के माता-पिता ही अपने पूर्व में दिए गए बयानों से पलट गए। उन्होंने न्यायालय में कहा कि उनकी बेटी के साथ कोई घटना नहीं हुई। बच्ची की मां ने बयान दिया कि उन्हें अस्पताल भी नहीं ले जाया गया, न ही बच्ची का पुलिस ने कोई मेडिकल कराया। न्यायालय ने बच्ची के माता-पिता के गवाही से पलटने पर उन्हें पक्षद्रोही मानते हुए दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि बिना अस्पताल जाए बच्ची की माता के अंगूठे के निशान अस्पताल के रजिस्टर में नहीं पहुंच सकते। इस दौरान डीएनए रिपोर्ट में आरोपी का डीएनए प्रमाणित होने को बड़ा सुबूत माना।
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