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Noida News: देखि सीय सोभा सुखु पावा, हृदय सराहत बचन न आवा

Thu, 25 Sep 2025 07:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 07:11 PM IST
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Seeing the beauty of Sita, I felt happy, my heart was filled with joy, but I could not speak.
देखि सीय सोभा सुखु पावा, हृदय सराहत बचन न आवा
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फोटो --



रामलीला मंचन के दौरान पुष्प बाटिका में भगवान राम और मां सीता के मिलन प्रसंग को देख दर्शक हुए भावविभोर
संवाद न्यूज एजेंसी


ग्रेटर नोएडा। रामलीला मंचन में बूहस्पतिवार को पुष्प बाटिका में भगवान राम और मां सीता के मिलन के प्रसंग को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। शहर में अलग-अलग स्थानों पर चल रही रामलीला में श्रीराम बारात, माता सीता कन्यादान, मंथरा-कैकई, दशरथ संवाद, राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला विद्या अभ्यास, मिथिला में विश्वामित्र का राजा जनक द्वारा स्वागत, पुष्प वाटिका में राम-सीता मिलन समेत प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई। गणेश वंदना के बाद रामायण का पूजन मंचन का शुभारंभ हुआ। दर्शकों ने रामलीला मैदान में लगे मेले में झूला के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया।

नगर भ्रमण में श्रीराम को देखकर हर्षित हुए नगरवासी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी स्थित राधा-कृष्णा पार्क में श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट ग्रेनो वेस्ट की ओर से चल रहे श्रीरामलीला मंचन में बृहस्पतिवार को अयोध्या वासी जब बारात लेकर मिथिला पहुंचे और नगर भ्रमण किया, तो दृश्य ऐसा प्रतीत हुआ मानो त्रेतायुग की झलक वर्तमान में उतर आई हो। मीडिया प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि शिव-धनुष के खंडन के बाद श्रीराम व माता सीता का स्वयंवर हुआ। राजा जनक के निमंत्रण को पाकर अयोध्या में राजा दशरथ बारात लेकर मिथिला पहुंचते है।
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कैकई ने मांगे दो वचन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पुराना हैबतपुर में श्री आदर्श रामलीला सेवा ट्रस्ट की ओर से चल रहे श्री रामलीला मंचन में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने शिवधनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई और धनुष टूट गया। परशुराम स्वयंवर स्थल पर पहुंच गए। परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ। श्रीराम ने अपनी शांति, संयम और मर्यादा से परशुराम के क्रोध को शांत किया। दशरथ मिथिला बारात लेकर पहुंचते है। माता सीता व श्रीराम का विवाह संपन्न हुआ। राम के राज्य की घोषणा की जाती है। मंथरा के कहने पर रानी महाराज से देवासुर संग्राम में राजा द्वारा दिए गए दो वरदान मांगती है। पहले वरदान में भरत को राजा व दूसरे में राम को 14 वर्ष का वनवास। तपस्वी वेश में राम, सीता व लक्ष्मण समेत वन को चले जाते है।
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राम जन्म की खुशी मनाई गई
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई एक स्थित श्री धार्मिक रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से चल रही श्री रामलीला मंचन का बृहस्पतिवार को शुभारंभ देवासुर संग्राम के साथ हुआ। उसके बाद दर्शकों ने राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला, विद्या अभ्यास के मंचन का आनंद लिया। कमेटी के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि राजकुमारों के जन्म पर अयोध्या में खुशियां मनाई जाती हैं। गोस्वामी सुशील महाराज, राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद सिंह, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, बालकिशन, धीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
लक्ष्मण-परशुराम के बीच हुए तीखे संवाद
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित रामलीला मैदान पर चल रही श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में बृहस्पतिवार को मिथिला में विश्वामित्र का राजा जनक आगमन, नगर भ्रमण, पुष्प वाटिका, राम-सीता मिलन, सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद की कलाकारों ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दी। मीडिया प्रभारी कर्मवीर ने बताया कि मिथिला में गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम का लक्ष्मण समेत स्वागत होता है। दोनों भाई नगर भ्रमण को जाते है। पुष्प वाटिका में माता सीता श्रीराम को देखकर उनको पति रूप में मान लेती है। सीता स्वयंवर के दौरान जब श्रीराम ने शिव धनुष भंग किया, तो मंचन स्थल जयघोषों से गूंज उठा। इसके बाद आया परशुराम-लक्ष्मण संवाद, जिसमें लक्ष्मण के तीखे शब्दों से क्रोधित परशुराम का अभिनय ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।
श्रीराम जन्म पर दर्शकों ने लगाए जय श्री राम के जयकारे
ग्रेटर नोेएडा के सेक्टर साइट-4 में चल रही श्री रामलीला में रावण-वेदमती संवाद, पुत्रेष्टि यज्ञ, विष्णु-कौशल्या संवाद, श्रीराम जन्म, सीता जन्म, ताड़का-सुबाहु वध आदि का कलाकारों ने शानदार अभिनय से दर्शकों भाव-विभोर कर दिया। मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं होने पर राजा दशरथ परेशान हो उठे और गुरु वशिष्ठ के सुझाव पर श्रींगी ऋषि से पुत्रेष्टि कराते है। यज्ञ फल से तीनों रानियों को चार पुत्रों की प्राप्ति होती है। राजकुमारों के जन्म पर नगरवासी खुशियां मनाते है।
14 वर्ष के लिए वनवास को निकले राम, सीता और लक्ष्मण

दादरी। दादरी के रेलवे रोड स्थित अग्रसेन आदर्श इंटर कॉलेज के परिसर में लव कुश धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से चल रही श्री रामलीला मंचन में राम के वियोग में राजा दशरथ राम के वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से भरतलाल व शत्रुघ्न लाल को अयोध्या बुलाते है। राजा दशरथ का अंतिम संस्कार के बाद भरत तीनों माताओं सहित गुरुओं व जनक सहित राम को मनाने वन को चले जाते है। राम व भरत मिलाप बहुत ही सुंदर दर्शाया गया। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष पवन बंसल, महामंत्री केशव गोयल, अंकित अग्रवाल, वेदन शर्मा, अजय गर्ग, भूपेंद्र मंगल, संजीव गर्ग आदि सभी सदस्य मौजूद रहे।

शिव का धनुष टूटने पर परशुराम को हुआ क्रोध
रबूपुरा। श्री रामलीला कमेटी की ओर से पब्लिक इंटर कॉलेज के पास रामोत्सव मैदान में आयोजित रामलीला में मुख्य अतिथि नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। राम धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और धनुष खंडित हो जाता है। जनकपुर वासियों में खुशी की लहर दौड़ जाती है। देवता, नर और मुनी फूलों की वर्षा करते हैं। शिव धनुष टूटते ही परशुराम क्रोधित हो जाते हैं। परशुराम-लक्ष्मण संवाद जनकपुरी में बरात स्वागत गीत आदि की लीला का मुरादाबाद के कलाकारों द्वारा बड़े ही मोहन ढंग से मंचन किया गया। प्रधान विजय तायल, रोहित सिंघल, रूपलाल कौशिक, सुधीर त्यागी, नीरज गर्ग, आमोद सिंघल, बबलू सिंह, सुधीर गोयल, प्रेम वर्मा, सुनील तायल, विनीत सिंघल, वीरेंद्र गर्ग, वीरपाल मीणा आदि का विशेष सहयोग रहा।
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