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सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो कॉरिडोर का बदलेगा रास्ता
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नोएडा। एक्वा लाइन के सेक्टर-142 स्टेशन से ब्लू व मजेंटा लाइन के बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन को जोड़ने वाले प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के रास्ते में बदलाव किया जाएगा। प्रस्तावित मेट्रो लाइन को एक्सप्रेसवे की जगह आवासीय इलाकों के बीच से होकर निकाला जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो से सफर कर सकें। बृहस्पतिवार को नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) के अधिकारियों के समक्ष 11.5 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित लाइन की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का प्रस्तुतिकरण दिया गया। एनएमआरसी की प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी ने इस लाइन के अलाइनमेंट में बदलाव के लिए फिर से सर्वे के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को दिया गया था। डीएमआरसी ने डीपीआर तैयार कर एनएमआरसी को सौंप दी है। बृहस्पतिवार को दोनों मेट्रो रेल निगमों के अधिकारियों की मौजूदगी में इसका प्रस्तुतिकरण दिया गया। डीपीआर में मेट्रो लाइन को एक्सप्रेसवे के साथ-साथ सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें सेक्टर-91,98,97,125 और बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन शामिल हैं।
इस परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, जबकि रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस मेट्रो में सफर करेंगे। एनएमआरसी के अधिकारियों ने दलील दी कि एक्सप्रेसवे की जगह आवासीय सेक्टरों के बीच से होकर मेट्रो लाइन तैयार होगी तो इसका ज्यादा फायदा आम जन को मिलेगा। डीएमआरसी के अधिकारियों को जल्द से जल्द अलाइनमेंट में बदलाव के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, सर्वे के बाद ही मेट्रो का रूट फाइनल हो पाएगा। इसके बाद ही डीपीआर मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाएगी।
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बढ़ सकती है स्टेशनों की संख्या
अगर मेट्रो रूट में बदलाव होता है तो स्टेशनों की संख्या भी बढ़ सकती है और परियोजना का खर्च भी बढ़ सकती है। कई घनी आबादी वाले सेक्टरों के अलावा ग्रामीण इलाकों को भी इसका फायदा मिल सकता है। डीएमआरसी को जल्द से जल्द फिजिबिलिटी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, ताकि इस पर फैसला लेकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा सके।
एक्वा लाइन की खामियों से सबक
नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन मेट्रो के रूट निर्धारण को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। एनएमआरसी की आमदनी के लिहाज से भी यह लाइन कारगर साबित नहीं हो पा रही है। ऐसे में नई मेट्रो लाइनों की प्लानिंग में पुरानी खामियों से सबक लिया जा रहा है। यही वजह है कि सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन के रूट में बदलाव के लिए फिर सर्वे कराया जा रहा है।
एक ही कार्ड से हर मेट्रो में सफर
एक्वा लाइन के यात्रियों की सहूलियत के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) कार्ड में जल्द बदलाव होगा। बैठक के दौरान एसबीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रबंध निदेशक ने एक्वा लाइन मेट्रो के स्मार्ट कार्ड अन्य मेट्रो रेल सेवाओं के लिए उपयोगी बनाने के निर्देश दिए।
एनएमआरसी का एप भी होगा अपग्रेड
बैठक के दौरान एनएमआरसी के मोबाइल एप को लेकर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया। लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस एप को और बेहतर बनाया जाएगा। एक्वा लाइन मेट्रो के यात्री टिकटिंग के लिए ई-वॉलेट सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मेट्रो से लेकर स्टेशनों पर वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में यह एप कारगर साबित होगा।
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अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को दिया गया था। डीएमआरसी ने डीपीआर तैयार कर एनएमआरसी को सौंप दी है। बृहस्पतिवार को दोनों मेट्रो रेल निगमों के अधिकारियों की मौजूदगी में इसका प्रस्तुतिकरण दिया गया। डीपीआर में मेट्रो लाइन को एक्सप्रेसवे के साथ-साथ सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें सेक्टर-91,98,97,125 और बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन शामिल हैं।
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इस परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है, जबकि रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस मेट्रो में सफर करेंगे। एनएमआरसी के अधिकारियों ने दलील दी कि एक्सप्रेसवे की जगह आवासीय सेक्टरों के बीच से होकर मेट्रो लाइन तैयार होगी तो इसका ज्यादा फायदा आम जन को मिलेगा। डीएमआरसी के अधिकारियों को जल्द से जल्द अलाइनमेंट में बदलाव के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, सर्वे के बाद ही मेट्रो का रूट फाइनल हो पाएगा। इसके बाद ही डीपीआर मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाएगी।
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बढ़ सकती है स्टेशनों की संख्या
अगर मेट्रो रूट में बदलाव होता है तो स्टेशनों की संख्या भी बढ़ सकती है और परियोजना का खर्च भी बढ़ सकती है। कई घनी आबादी वाले सेक्टरों के अलावा ग्रामीण इलाकों को भी इसका फायदा मिल सकता है। डीएमआरसी को जल्द से जल्द फिजिबिलिटी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, ताकि इस पर फैसला लेकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा सके।
एक्वा लाइन की खामियों से सबक
नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन मेट्रो के रूट निर्धारण को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। एनएमआरसी की आमदनी के लिहाज से भी यह लाइन कारगर साबित नहीं हो पा रही है। ऐसे में नई मेट्रो लाइनों की प्लानिंग में पुरानी खामियों से सबक लिया जा रहा है। यही वजह है कि सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन के रूट में बदलाव के लिए फिर सर्वे कराया जा रहा है।
एक ही कार्ड से हर मेट्रो में सफर
एक्वा लाइन के यात्रियों की सहूलियत के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) कार्ड में जल्द बदलाव होगा। बैठक के दौरान एसबीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रबंध निदेशक ने एक्वा लाइन मेट्रो के स्मार्ट कार्ड अन्य मेट्रो रेल सेवाओं के लिए उपयोगी बनाने के निर्देश दिए।
एनएमआरसी का एप भी होगा अपग्रेड
बैठक के दौरान एनएमआरसी के मोबाइल एप को लेकर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया। लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस एप को और बेहतर बनाया जाएगा। एक्वा लाइन मेट्रो के यात्री टिकटिंग के लिए ई-वॉलेट सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मेट्रो से लेकर स्टेशनों पर वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में यह एप कारगर साबित होगा।