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‘बैंक के गठजोड़ से लिखी गई घोटाले की पटकथा’
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‘बैंक के गठजोड़ से लिखी गई बाइक बोट घोटाले की पटकथा’
ग्रेटर नोएडा। नोबल कोऑपरेटिव बैंक के सीईओ विजय शर्मा की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों में खुशी का माहौल है। निवेशकों का कहना है कि बैंक और आरोपी के गठजोड़ से ही बाइक बोट फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी गई थी। अगर बैंक अधिकारी फर्जीवाड़े की जमा की जा रही रकम के संबंध में सही पड़ताल कर लेते या फिर बैंक के जारी किए जा रहे चेक पर रोक लगा देते तो आरोपी इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने में कामयाब नहीं होते।
बाइक बोट फर्जीवाड़े का पहला केस दर्ज कराने वाले जयपुर के सुनील मीणा ने बताया कि ईडी ने जब उन्हें पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित दफ्तर पर बुलाया था। उस दौरान ही उन्होंने ईडी के सामने बैंक की भूमिका व किसी बड़े अधिकारी के फर्जीवाड़े के आरोपियों से साठगांठ की आशंका जता दी थी। इसका समाचार भी उस दौरान अमर उजाला में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद से ही जांच एजेंसियां बैंक व फर्जीवाड़े में लिप्त बैंक अधिकारी की जांच में जुट गई थीं।
इधर, बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपियों पर कार्रवाई और पीड़ितों का रुपया वापस दिलाने की मांग को लेकर 18 माह से कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर धरना दे रहे मुन्ना बालियान ने बताया कि बैंक के सीईओ की गिरफ्तारी से पीड़ित निवेशकों को राहत मिली है। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ही आरोपी इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा करने में कामयाब हुए हैं।
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ग्रेटर नोएडा। नोबल कोऑपरेटिव बैंक के सीईओ विजय शर्मा की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों में खुशी का माहौल है। निवेशकों का कहना है कि बैंक और आरोपी के गठजोड़ से ही बाइक बोट फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी गई थी। अगर बैंक अधिकारी फर्जीवाड़े की जमा की जा रही रकम के संबंध में सही पड़ताल कर लेते या फिर बैंक के जारी किए जा रहे चेक पर रोक लगा देते तो आरोपी इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने में कामयाब नहीं होते।
बाइक बोट फर्जीवाड़े का पहला केस दर्ज कराने वाले जयपुर के सुनील मीणा ने बताया कि ईडी ने जब उन्हें पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित दफ्तर पर बुलाया था। उस दौरान ही उन्होंने ईडी के सामने बैंक की भूमिका व किसी बड़े अधिकारी के फर्जीवाड़े के आरोपियों से साठगांठ की आशंका जता दी थी। इसका समाचार भी उस दौरान अमर उजाला में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद से ही जांच एजेंसियां बैंक व फर्जीवाड़े में लिप्त बैंक अधिकारी की जांच में जुट गई थीं।
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इधर, बाइक बोट फर्जीवाड़े के आरोपियों पर कार्रवाई और पीड़ितों का रुपया वापस दिलाने की मांग को लेकर 18 माह से कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर धरना दे रहे मुन्ना बालियान ने बताया कि बैंक के सीईओ की गिरफ्तारी से पीड़ित निवेशकों को राहत मिली है। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ही आरोपी इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा करने में कामयाब हुए हैं।
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