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Noida News: एल्विश यादव से संबंधित खबर - गुरुग्राम में पटकथा, दिल्ली से मॉनिटरिंग और नोएडा में ऑपरेशन

Sun, 05 Nov 2023 01:49 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Nov 2023 01:49 AM IST
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Screenplay in Gurugram, monitoring from Delhi and operation in Noida
गुरुग्राम में पटकथा, दिल्ली से मॉनिटरिंग और नोएडा में ऑपरेशन
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बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के पीछे कई महीनों से लगी थी पीएफए

सुशांत समदर्शी
नोएडा। सांप और सपेरे के चक्कर में फंसे बिग बॉस विजेता एल्विश यादव मामले की पटकथा गुरुग्राम में लिखी गई थी और दिल्ली से इसकी मॉनिटरिंग हो रही थी, जबकि नोएडा में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मामले में पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था ने सपेरों और राहुल के साथ-साथ एल्विश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी लेकिन अब पुलिस को एल्विश और राहुल के बीच के कनेक्शन को जोड़ने में पसीना आ रहा है। अब तक एल्विश को न कोई नोटिस न ही पूछताछ के लिए नोएडा पुलिस ने संपर्क किया है।

यूट्यूबर एल्विश के सांप के साथ सैकड़ों वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर है। कई बार एल्विश पर सांप की तस्करी करने व स्नैक बाइट के आरोप लगे थे। इसके बाद मेनका गांधी संचालित पीएफए संस्था इसकी पड़ताल में लग गई। इसके लिए पहले गुरुग्राम में तैयारी की गई और वहां पर रेव पार्टी आयोजन करने को लेकर एल्विश के लोगों से संपर्क किया गया लेकिन वहां बात नहीं बनी।
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इसके बाद इस पटकथा को नोएडा में आगे बढ़ाया गया और पीएफए शुरुआती बाजी में मार गई। इसके बाद पीएफए की तरफ से कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करा दी। पूरे मामले की मॉनिटरिंग दिल्ली से हो रही थी। अब जब यह मामला हाईप्रोफाइल बन गया तब नोएडा पुलिस भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
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नोएडा में अभी पीएफए की यूनिट नहीं
पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था की तरफ से एनसीआर से लेकर अन्य शहरों में संगठन बनाया गया है, हालांकि वर्तमान में नोएडा में पीएफए की यूनिट नहीं है। अभी दिल्ली व आसपास के शहरों के लोग ही यहां काम करते हैं। इस प्रकरण में भी जो पीएफए की टीम लगी हुई थी, वह गाजियाबाद की बताई जा रही है। पीएफए के पूर्व कानूनी सलाहकार विशाल गौतम का कहना है कि मामले की जांच होनी चाहिए, हालांकि प्राथमिक जानकारी के मुताबिक एल्विश की मामले में किसी तरह की भूमिका नहीं दिखाई दे रही है।

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राहुल एल्विश कनेक्शन की जांच
मामले में गिरफ्तार राहुल और एल्विश के बीच कनेक्शन की जांच सबसे अहम है। चूंकि स्टिंग ऑपरेशन में यह बात सामने आई है कि एल्विश ने राहुल का नंबर दिया था। अब पुलिस एल्विश व राहुल के बीच तार जोड़ने में लगी है। अगर पुलिस एल्विश व राहुल के बीच तार को नहीं जोड़ पाती है तो बैकफुट पर आना पड़ेगा।


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कई नाम आ सकते हैं सामने
इस हाईप्रोफाइल प्रकरण में कई एंगल पर जांच की जा रही है और अभी कई परतें खुलनी हैं। पुलिस की जांच में कई और नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि इस मामले में अब राजनीतिक दखल की चर्चाएं भी जोरों पर है। ऐसे में जांच कहां पहुंचती है। यह एल्विश की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही तय होगी।
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