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प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने पर चलाएं बुलडोजर : नंदी
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ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने नोएडा के बाद बृहस्पतिवार को ग्रेनो प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ पांच घंटे तक चली मैराथन बैठक में कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वालों पर बुलडोजर चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। अतिक्रमण हटाने के लिए प्राधिकरण अपनी अतिरिक्त फोर्स की योजना बनाए, ताकि इसे रोका जा सके। साथ ही, तीन किस्त जमा नहीं करने वालों के आवंटन 15 दिन में निरस्त किए जाएं। बैठक में कई अहम बिंदुओं पर अधिकारियों के जवाब नहीं दे पाने पर उन्होंने जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रेनो में शाहबेरी जैसी कॉलोनियों को हटाया नहीं जा सकता। इनमें शमन नीति लागू कराई जाए। शुल्क लेकर इन्हें नियमित कराया जाए और घरों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। इससे प्राधिकरण की आय भी बढ़ेगी और कॉलोनियों पर नजर भी रखी जा सकेगी। ग्रेनो को कूड़ा निस्तारण के लिए पांच जोन में बांटा जाए। हर जोन का कलेक्शन सेंटर बनाकर वहीं पर कूड़ा निस्तारित कराएं। उन्होंने पिछले दिनों दो वरिष्ठ प्रबंधकों की ओर से की गई लापरवाही की बात रखते हुए सभी को निर्देशित किया कि जीरो टॉलरेंस पर काम किया जाए। आवंटियों और फरियादियों को परेशान न किया जाए। उन्होंने प्राधिकरण में 250 से अधिक खाली पदों को भरने के लिए कहा।
नंदी ने पूछा कि वर्ष 2017 के बाद यहां बिल्डर क्यों नहीं आए। 208 प्रोजेक्ट हैं और इनमें 199 बिल्डर प्रोजेक्ट अधूरे हैं। नंदी ने टॉप 10 बकाएदारों की सूची के बारे में पूछा जिनकी 3 किस्तें जमा नहीं हैं। इसे अधिकारी बता नहीं पाए। उन्होंने कहा कि जो बिल्डर तीन किस्त डिफॉल्ट कर चुके हैं उनके आवंटन 15 दिन में निरस्त किए जाएं बैठक में सीईओ सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ग्रेनो में चलेंगी इलेक्ट्रिक एसी बसें और सेक्टरों के बदले जाएंगे नाम
नंदी ने ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने के निर्देश दिए और कहा कि सेक्टरों के नाम बदले जाएं। मौजूदा समय में सेक्टरों के नाम कोविड-19 के जैसे हैं। इनमें डेल्टा और ओमिक्रॉन सेक्टर शामिल हैं। इन नामों को बदलने के लिए काफी समय से लोग मांग उठा रहे थे। नंदी ने कहा कि हिंडन, जेवर और आईजीआई एयरपोर्ट के कारण शहर में परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ग्रेनो में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाना जरूरी है। इनका पूरा खाका तैयार किया जाए कि कहां से कहां तक ये बसें चलाई जाएंगी, ताकि पूरे शहर के लोग लाभ ले सकें। साथ ही, इलेक्ट्रिक चर्जिंग स्टेशन बनाए जाएं।
लापरवाही बरतने पर तीन एजेंसियां की जाएंगी ब्लैक लिस्ट
नंदी ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा की तो उसमें लापरवाही मिली। ऐसे में उन्होंने तीन एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश देकर जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से कई अधिकारी यूपीसीडा में स्थानांतरित किए गए थे, लेकिन उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। अधिकारियों से जवाब मांगा तो उन्होंने स्टाफ की कमी बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। इस पर कई अधिकारियों को फटकार भी खानी पड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में 15-20 अराजक लड़के हैं, जो विदेशी कंपनियों से उगाही कर रहे हैं। इन पर प्राधिकरण ने पुलिस की मदद लेकर कार्रवाई क्यों नहीं कराई। विदेशी कंपनी के साथ इस तरह की अराजकता के व्यवहार से प्रदेश के साथ देश का भी नाम खराब होता है। अराजक तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई करें।
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उन्होंने कहा कि ग्रेनो में शाहबेरी जैसी कॉलोनियों को हटाया नहीं जा सकता। इनमें शमन नीति लागू कराई जाए। शुल्क लेकर इन्हें नियमित कराया जाए और घरों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। इससे प्राधिकरण की आय भी बढ़ेगी और कॉलोनियों पर नजर भी रखी जा सकेगी। ग्रेनो को कूड़ा निस्तारण के लिए पांच जोन में बांटा जाए। हर जोन का कलेक्शन सेंटर बनाकर वहीं पर कूड़ा निस्तारित कराएं। उन्होंने पिछले दिनों दो वरिष्ठ प्रबंधकों की ओर से की गई लापरवाही की बात रखते हुए सभी को निर्देशित किया कि जीरो टॉलरेंस पर काम किया जाए। आवंटियों और फरियादियों को परेशान न किया जाए। उन्होंने प्राधिकरण में 250 से अधिक खाली पदों को भरने के लिए कहा।
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नंदी ने पूछा कि वर्ष 2017 के बाद यहां बिल्डर क्यों नहीं आए। 208 प्रोजेक्ट हैं और इनमें 199 बिल्डर प्रोजेक्ट अधूरे हैं। नंदी ने टॉप 10 बकाएदारों की सूची के बारे में पूछा जिनकी 3 किस्तें जमा नहीं हैं। इसे अधिकारी बता नहीं पाए। उन्होंने कहा कि जो बिल्डर तीन किस्त डिफॉल्ट कर चुके हैं उनके आवंटन 15 दिन में निरस्त किए जाएं बैठक में सीईओ सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ग्रेनो में चलेंगी इलेक्ट्रिक एसी बसें और सेक्टरों के बदले जाएंगे नाम
नंदी ने ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने के निर्देश दिए और कहा कि सेक्टरों के नाम बदले जाएं। मौजूदा समय में सेक्टरों के नाम कोविड-19 के जैसे हैं। इनमें डेल्टा और ओमिक्रॉन सेक्टर शामिल हैं। इन नामों को बदलने के लिए काफी समय से लोग मांग उठा रहे थे। नंदी ने कहा कि हिंडन, जेवर और आईजीआई एयरपोर्ट के कारण शहर में परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ग्रेनो में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाना जरूरी है। इनका पूरा खाका तैयार किया जाए कि कहां से कहां तक ये बसें चलाई जाएंगी, ताकि पूरे शहर के लोग लाभ ले सकें। साथ ही, इलेक्ट्रिक चर्जिंग स्टेशन बनाए जाएं।
लापरवाही बरतने पर तीन एजेंसियां की जाएंगी ब्लैक लिस्ट
नंदी ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा की तो उसमें लापरवाही मिली। ऐसे में उन्होंने तीन एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश देकर जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से कई अधिकारी यूपीसीडा में स्थानांतरित किए गए थे, लेकिन उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। अधिकारियों से जवाब मांगा तो उन्होंने स्टाफ की कमी बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। इस पर कई अधिकारियों को फटकार भी खानी पड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में 15-20 अराजक लड़के हैं, जो विदेशी कंपनियों से उगाही कर रहे हैं। इन पर प्राधिकरण ने पुलिस की मदद लेकर कार्रवाई क्यों नहीं कराई। विदेशी कंपनी के साथ इस तरह की अराजकता के व्यवहार से प्रदेश के साथ देश का भी नाम खराब होता है। अराजक तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई करें।