फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Rs 1.16 crore rigged in society's prepaid meter recharge, case against nine including four foreigners

Noida News: सोसाइटी के प्रीपेड मीटर रिचार्ज में 1.16 करोड़ की धांधली, चार विदेशी समेत नौ पर केस

Sun, 16 Apr 2023 12:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Apr 2023 12:24 AM IST
विज्ञापन
Rs 1.16 crore rigged in society's prepaid meter recharge, case against nine including four foreigners
सोसाइटी के प्रीपेड मीटर रिचार्ज में 1.16 करोड़ की धांधली, चार विदेशी समेत नौ पर केस
विज्ञापन

- निदेशक ने बिजली-पानी आदि सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों पर लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-135 स्थित हाउसिंग प्रोजक्ट एक्जॉटिका फ्रेस्को में बिजली-पानी आदि की सुविधा दिलाने वाली कंपनी पर बिजली के प्रीपेड मीटर रिचार्ज में 1.16 करोड़ की धांधली का आरोप लगा है। मेसर्स एक्जॉटिका हाउसिंग प्रालि. के निदेशक राकेश जैन ने प्रॉपर्टी सर्विस कंपनी के चार विदेशी समेत नौ प्रतिनिधियों पर धोखाधड़ी आदि की धारा में केस दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने जॉन विलियम कैनी, पॉल नॉथन बकस्टर, लीयो हैंग वांग, एंड्रू चार्ल्स वाटसन, प्रसाद संके, जीएस त्यागी, दमन सिंह, आशीष, और राजेश शेट्टी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निदेशक राकेश जैन ने न्यायालय में दी गई याचिका में कहा है कि सेक्टर-135 में हाउसिंग सोसाइटी बनाई गई थी। सोसाइटी में निवासियों को बिजली, पानी, सुरक्षा और पार्क आदि की सुविधा देने के लिए कलियर इंटरनेशनल इंडिया प्रोपर्टी सर्विस प्रालि. से वर्ष 2015 में करार किया गया था। कंपनियों के प्रतिनिधियों को बिजली के प्रीपेड मीटर के भुगतान आदि निवासियों से प्राप्त करने और लेखा जोखा बिल्डर कंपनी को देना था। आरोप है कि सैकड़ों प्रीपेड मीटर का रुपया रखरखाव करने वाली कंपनियों ने प्राप्त किया लेकिन बिल्डर कंपनी को नहीं दिया। इसके अलावा सोसाइटी के लोगों से मिलकर बिना शुल्क लिए भी बिजली आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
विज्ञापन

प्रीपेड मीटर को वेरिफाई किए बिना भी रिचार्ज किया गया। आरोपी ऑडिट कराने से भी बचते रहे। बार-बार कहने पर हिसाब नहीं दिया गया। आरोप है कि करीब 1.16 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त करने के बावजूद यह कह दिया गया कि अभी निवासियों पर बकाया है। हिसाब के लिए 25 नवंबर को कंपनी के प्रतिनिधियों ने तुगलपुर में बुलाया और निदेशक वहां पहुंचे तो उनसे मारपीट व गाली गलौज की गई। पुलिस से शिकायत करने पर कार्रवाई न होने पर इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed