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प्राधिकरण की लापरवाही, कंपनियां के अंदर घुस गया पानी
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ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र इकोटेक 3 की कंपनी में घुसा बारिश का पानी।
- फोटो : Grnoida
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प्राधिकरण की लापरवाही, कंपनियों के अंदर घुसा पानी
ग्रेटर नोएडा। हाईटेक शहर के औद्योगिक सेक्टरों में उद्यमियों को कैसी सुविधा मिल रही हैं। इसका नजारा बुधवार शाम औद्योगिक सेक्टर इकोटेक तीन में देखने को मिला। वहां बारिश का पानी कंपनियों के अंदर घुस गया। कर्मचारियों ने मोटर, बाल्टी और अन्य उपकरणों की मदद से पानी बाहर निकाला। उद्यमियों का कहना है कि हर साल यही हाल रहता है। ऐसे हालात में उद्योग चलाना मुश्किल है।
ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-तीन उद्यमियों की पहली पसंद है, लेकिन यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इकोटेक तीन के उद्योग केंद्र एक और दो के उद्यमी काफी परेशान हैं। बुधवार शाम बारिश के बाद उद्योग केंद्र दो की सड़क तालाब बन गई। 10 से अधिक कंपनियों के अंदर पानी घुस गया। जिन कंपनियों में बेसमेंट बने हैं, वहां का बुरा हाल है। बेसमेंट में पानी घुसने के बाद आनन-फानन में कर्मचारियों ने सामान को वहां से बाहर निकाला। बारिश बंद होने के बाद मोटर, बॉल्टी व अन्य उपकरणों की मदद से पानी बाहर निकला। उद्योग केंद्र एक की सड़कों से निकलना मुश्किल हो गया। हजारों की संख्या में कर्मचारी पानी से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचे।
दो साल पहले हुआ था सर्वे
उद्यमियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से पानी निकासी की समस्या है। बार-बार शिकायत के बाद दो साल पहले प्राधिकरण की टीम ने सर्वे किया था। तब यह तय हुआ था कि सूरजपुर-भंगेल रोड के नाले से सेक्टर के नाले को जोड़ा जाएगा, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ है। उद्यमियों ने प्राधिकरण की सुविधाओं पर सवाल उठाया है।
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बारिश में हर साल सड़क तालाब बन जाती है। इस बार तो हद हो गई। पानी कंपनियों के अंदर पहुंच गया। निकासी नहीं होने से कर्मचारी भी कंपनी नहीं पहुंच पाते। उत्पादन ठप हो जाता है। नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- एसपी शर्मा, उद्यमी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। उद्यमी परेशान हैं, लेकिन प्राधिकरण कुछ करने को तैयार नहीं है। जबकि, सरकार उद्यमियों को हर सुविधा देने का दावा करती है।
- वीरेंद्र सिंह, उद्यमी
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ग्रेटर नोएडा। हाईटेक शहर के औद्योगिक सेक्टरों में उद्यमियों को कैसी सुविधा मिल रही हैं। इसका नजारा बुधवार शाम औद्योगिक सेक्टर इकोटेक तीन में देखने को मिला। वहां बारिश का पानी कंपनियों के अंदर घुस गया। कर्मचारियों ने मोटर, बाल्टी और अन्य उपकरणों की मदद से पानी बाहर निकाला। उद्यमियों का कहना है कि हर साल यही हाल रहता है। ऐसे हालात में उद्योग चलाना मुश्किल है।
ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-तीन उद्यमियों की पहली पसंद है, लेकिन यहां पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इकोटेक तीन के उद्योग केंद्र एक और दो के उद्यमी काफी परेशान हैं। बुधवार शाम बारिश के बाद उद्योग केंद्र दो की सड़क तालाब बन गई। 10 से अधिक कंपनियों के अंदर पानी घुस गया। जिन कंपनियों में बेसमेंट बने हैं, वहां का बुरा हाल है। बेसमेंट में पानी घुसने के बाद आनन-फानन में कर्मचारियों ने सामान को वहां से बाहर निकाला। बारिश बंद होने के बाद मोटर, बॉल्टी व अन्य उपकरणों की मदद से पानी बाहर निकला। उद्योग केंद्र एक की सड़कों से निकलना मुश्किल हो गया। हजारों की संख्या में कर्मचारी पानी से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचे।
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दो साल पहले हुआ था सर्वे
उद्यमियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से पानी निकासी की समस्या है। बार-बार शिकायत के बाद दो साल पहले प्राधिकरण की टीम ने सर्वे किया था। तब यह तय हुआ था कि सूरजपुर-भंगेल रोड के नाले से सेक्टर के नाले को जोड़ा जाएगा, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ है। उद्यमियों ने प्राधिकरण की सुविधाओं पर सवाल उठाया है।
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बारिश में हर साल सड़क तालाब बन जाती है। इस बार तो हद हो गई। पानी कंपनियों के अंदर पहुंच गया। निकासी नहीं होने से कर्मचारी भी कंपनी नहीं पहुंच पाते। उत्पादन ठप हो जाता है। नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- एसपी शर्मा, उद्यमी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। उद्यमी परेशान हैं, लेकिन प्राधिकरण कुछ करने को तैयार नहीं है। जबकि, सरकार उद्यमियों को हर सुविधा देने का दावा करती है।
- वीरेंद्र सिंह, उद्यमी