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फर्जी फर्म व ई-वे बिल बनाकर जीएसटी चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार
Sat, 22 Jun 2019 07:03 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 07:03 AM IST
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एसटीएफ नोएडा ने आम लोगों के पहचान पत्र के जरिये फर्जी फर्म व ई-वे बिल बनाकर जीएसटी चोरी करके विभाग को 55 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
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टीम ने दिल्ली के आदर्श नगर निवासी राजीव कुमार कुच्छल, सेक्टर-8 रोहिणी निवासी नितिन बंसल और गौतमबुद्ध नगर के गांव थापखेड़ा निवासी सतेंद्र कुमार व विपिन कुमार को गिरफ्तार किया है।
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12वीं पास राजीव कुमार गिरोह का मास्टर माइंड है। उसने जीएसटी विभाग के संविदाकर्मी सतेंद्र (पूर्व) व विपिन (मौजूदा) को गिरोह में शामिल कर 615 करोड़ के ई-वे बिल बनाकर धोखाधड़ी की है।
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एसटीएफ सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एडिशनल कमिश्नर वस्तु एवं सेवाकर विभाग गौतमबुद्ध नगर ने 26 नवंबर को पत्र भेजकर एसटीएफ के आला अधिकारियों को अवगत कराया था कि कई फर्जी फर्में बनाकर फर्जी ई-वे बिल बनाने का गिरोह चल रहा है।
जांच में ये फर्में व्यापारिक गतिविधियां संचालित नहीं करती पाई गईं। इसके बाद सूरजपुर कोतवाली में तीन और बिसरख कोतवाली में एक मामला दर्ज किया गया।
संगठित गिरोह का कारनामा
एसटीएफ को पता चला कि एक संगठित गिरोह इस अपराध में लिप्त है। सूत्रों ने गिरोह के सूरजपुर स्थित जीएसटी कार्यालय आने की सूचना पर दी। इसके बाद टीम ने घेराबंदी की और चारों आरोपियों को दबोच लिया।
टीम ने आरोपियों के कब्जे व निशानदेही पर एक फॉरच्यूनर कार, 1.20 लाख रुपये, एक लैपटॉप, 8 मोबाइल, एक फर्जी पैन कार्ड व आईकार्ड बरामद किया है। सतेंद्र व विपिन एक ही गांव के रहने वाले हैं। सूरजपुर स्थित जीएसटी कार्यालय में संविदा पर चालक के तौर पर तैनात 12वीं पास सतेंद्र ने एक साल पहले काम छोड़ दिया था, जबकि विपिन एलएलबी कर रहा है और जीएसटी कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है।
राजीव-नितिन रिश्ते में हैं भाई, मामा-चाचा से सीखीं बारीकियां
आरोपी राजीव कुमार कुच्छल ने एसटीएफ को बताया कि वह मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के जखौली गांव का रहने वाला है, लेकिन 15 साल से दिल्ली में रह रहा है। आजादपुर, दिल्ली में जनरल स्टोर की दुकान चलाता था और कुछ समय उसने ड्राइविंग भी की थी। राजीव के मामा बृजभूषण बंसल वैट व जीएसटी का काम करते हैं। नितिन बृजभूषण का भतीजा है।
इस नाते राजीव और नितिन भी रिश्ते में भाई हैं। दोनों ने बृजभूषण से जीएसटी का काम सीखा। इसके बाद दोनों दिल्ली में फर्जी फर्में बनाने, फर्जी बिल बनाने व फर्जी एंट्री कराने का काम करने लगे।।
एक फर्म वेरिफिकेशन के संबंध में राजीव 2017 में जीएसटी कार्यालय सूरजपुर आया था। यहां पर उसकी मुलाकात सतेंद्र से हुई और उसने राजीव को विपिन से मिलवाया।
दोस्ती के बाद बनाईं फर्जी फर्म
तीनों की एक ही मुलाकात के बाद गहरी दोस्ती हो गई। राजीव को लगा कि सतेंद्र और विपिन उनकी बड़ी मदद कर सकते हैं। विपिन और सतेंद्र ने मिलकर आम लोगों के पहचान पत्र, रेंट एग्रीमेंट, पैन कार्ड, फर्जी आईडी पर सिम लेकर मोबाइल से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर कई फर्जी फर्में बनाईं। ये फर्में रुपये लेकर आरोपियों ने राजीव और नितिन को दे दीं। फिर इन फर्मों पर खरीद फरोख्त दर्शाकर फर्जी ई-वे बिल काटे गए। अतुल कुमार नाम से आरोपी फर्जी फर्में बनाते थे और एक फर्म के 40 से 50 हजार रुपये लेते थे। अतुल, विपिन का परिचित है।
कमीशन पर देते थे ई-वे बिल
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी फर्जी फर्मोँ पर ई-वे बिल बनाने के बाद कमीशन पर कारोबारियों को देते थे। आरोपी जिस वस्तु पर जीएसटी पांच फीसदी है उस पर 0.3 फीसदी, जिस पर जीएसटी 12 फीसदी है उस पर 0.6 फीसदी और जिस पर जीएसटी 18 फीसदी है उस पर एक फीसदी का कमीशन लेते थे। कमीशन लेने के बाद इन्हें पार्टी व कारोबारियों को दिया जाता था। आरोपी फर्म बनाकर ई-वे बिल डाउन लोड करते। इसके बाद ई-वे बिलों का प्रयोग एक स्थान से दूसरे स्थान (शहर या प्रदेश) माल ले जाने के दौरान टैक्स चोरी के लिए करते थे। आरोपियों ने चार फर्जी फर्में दिल्ली में भी बना रखी हैं, जो महिंद्रा पार्क के पते पर हैं। इन कंपनियों का प्रयोग आरोपी एंट्री घुमाने के लिए करते थे।
जांच में ये फर्जी फर्में आईं सामने
मैसर्स जीसी इंपैक्ट सूरजपुर, मैसर्स एनके इंटर प्राइजेज सूरजपुर, मैसर्स एसएस इंटर प्राइजेज यमुना मार्केट सूरजपुर, मैसर्स ड्रीम मोबाइल ग्रेटर नोएडा, पीएन इंटर प्राइजेज ग्रेटर नोएडा, मैसर्स कंपलीट मेडिकल इक्यूपमेंट ग्रेटर नोएडा सेक्टर ओमेगा एक, मैसर्स एनके इंटर प्राइजेज आदर्श नगर दिल्ली, मैसर्स राज ट्रेडिंग कंपनी कृष्णा नगर दिल्ली, मैसर्स शाहा इंटर प्राइजेज पटपड़गंज दिल्ली, मैसर्स केएम इंटर प्राइजेज दिलशाद गार्डन दिल्ली, मैसर्स मैक्सवेल सेल्स लाजपत नगर दिल्ली, मैसर्स शिव शंभू सेल्स चांदनी चौक दिल्ली, गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी ओखला दिल्ली, मैसर्स गोयल एंड संस लाल दरवाजा दिल्ली, मैसर्स ओम ट्रेडिंग कंपनी चावड़ी बाजार दिल्ली, चौधरी ब्रिक्स जहांगीरपुरी दिल्ली, मैसर्स एमआर इंटर प्राइजेज, रीति इंटर प्राइजेज, पीएन इंटर प्राइजेज व श्रीधर इंटर प्राइजेज।
इस नाते राजीव और नितिन भी रिश्ते में भाई हैं। दोनों ने बृजभूषण से जीएसटी का काम सीखा। इसके बाद दोनों दिल्ली में फर्जी फर्में बनाने, फर्जी बिल बनाने व फर्जी एंट्री कराने का काम करने लगे।।
एक फर्म वेरिफिकेशन के संबंध में राजीव 2017 में जीएसटी कार्यालय सूरजपुर आया था। यहां पर उसकी मुलाकात सतेंद्र से हुई और उसने राजीव को विपिन से मिलवाया।
दोस्ती के बाद बनाईं फर्जी फर्म
तीनों की एक ही मुलाकात के बाद गहरी दोस्ती हो गई। राजीव को लगा कि सतेंद्र और विपिन उनकी बड़ी मदद कर सकते हैं। विपिन और सतेंद्र ने मिलकर आम लोगों के पहचान पत्र, रेंट एग्रीमेंट, पैन कार्ड, फर्जी आईडी पर सिम लेकर मोबाइल से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर कई फर्जी फर्में बनाईं। ये फर्में रुपये लेकर आरोपियों ने राजीव और नितिन को दे दीं। फिर इन फर्मों पर खरीद फरोख्त दर्शाकर फर्जी ई-वे बिल काटे गए। अतुल कुमार नाम से आरोपी फर्जी फर्में बनाते थे और एक फर्म के 40 से 50 हजार रुपये लेते थे। अतुल, विपिन का परिचित है।
कमीशन पर देते थे ई-वे बिल
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी फर्जी फर्मोँ पर ई-वे बिल बनाने के बाद कमीशन पर कारोबारियों को देते थे। आरोपी जिस वस्तु पर जीएसटी पांच फीसदी है उस पर 0.3 फीसदी, जिस पर जीएसटी 12 फीसदी है उस पर 0.6 फीसदी और जिस पर जीएसटी 18 फीसदी है उस पर एक फीसदी का कमीशन लेते थे। कमीशन लेने के बाद इन्हें पार्टी व कारोबारियों को दिया जाता था। आरोपी फर्म बनाकर ई-वे बिल डाउन लोड करते। इसके बाद ई-वे बिलों का प्रयोग एक स्थान से दूसरे स्थान (शहर या प्रदेश) माल ले जाने के दौरान टैक्स चोरी के लिए करते थे। आरोपियों ने चार फर्जी फर्में दिल्ली में भी बना रखी हैं, जो महिंद्रा पार्क के पते पर हैं। इन कंपनियों का प्रयोग आरोपी एंट्री घुमाने के लिए करते थे।
जांच में ये फर्जी फर्में आईं सामने
मैसर्स जीसी इंपैक्ट सूरजपुर, मैसर्स एनके इंटर प्राइजेज सूरजपुर, मैसर्स एसएस इंटर प्राइजेज यमुना मार्केट सूरजपुर, मैसर्स ड्रीम मोबाइल ग्रेटर नोएडा, पीएन इंटर प्राइजेज ग्रेटर नोएडा, मैसर्स कंपलीट मेडिकल इक्यूपमेंट ग्रेटर नोएडा सेक्टर ओमेगा एक, मैसर्स एनके इंटर प्राइजेज आदर्श नगर दिल्ली, मैसर्स राज ट्रेडिंग कंपनी कृष्णा नगर दिल्ली, मैसर्स शाहा इंटर प्राइजेज पटपड़गंज दिल्ली, मैसर्स केएम इंटर प्राइजेज दिलशाद गार्डन दिल्ली, मैसर्स मैक्सवेल सेल्स लाजपत नगर दिल्ली, मैसर्स शिव शंभू सेल्स चांदनी चौक दिल्ली, गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी ओखला दिल्ली, मैसर्स गोयल एंड संस लाल दरवाजा दिल्ली, मैसर्स ओम ट्रेडिंग कंपनी चावड़ी बाजार दिल्ली, चौधरी ब्रिक्स जहांगीरपुरी दिल्ली, मैसर्स एमआर इंटर प्राइजेज, रीति इंटर प्राइजेज, पीएन इंटर प्राइजेज व श्रीधर इंटर प्राइजेज।