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घरों के बाहर लगेंगे क्यूआर कोड, देगा कूड़ा उठाने की जानकारी
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में घरों के बाहर से कूड़ा उठाने के लिए नई कंपनी को 10 साल के लिए नया ठेका दिया जाएगा। इसमें कूड़ा उठाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए नए प्रावधान होंगे। इसके तहत प्राधिकरण क्षेत्र अंतर्गत सभी घरों के बाहर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके घर से नियमित कूड़ा उठाया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा कूड़ा उठाने के वाहन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से जुड़े होंगे और सीसीटीवी से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के काम की निगरानी भी की जाएगी। लापरवाही मिलने पर प्राधिकरण कार्रवाई भी कर सकेगा।
ग्रेनो में रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है। प्राधिकरण ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का सिस्टम बना रखा है। इस काम में दो कंपनियां लगी हुई हैं। दोनों की समयावधि अगले माह खत्म हो रही है। इसे देखते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण के निर्देश पर जन स्वास्थ्य विभाग ने निविदा निकाली है। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। 29 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलेगी। चयनित कंपनी अगले 10 साल तक घरों से कूड़ा उठाएगी और उसे प्लांट तक पहुंचाएगी।
कूड़ा उठाने वाला कर्मचारी जब घर से कूड़ा उठाने जाएगा तो वह मोबाइल स्कैनर के जरिये क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। स्कैन करते ही कूड़ा उठाने की सूचना वेंडर तक पहुंच जाएगी। वेंडर इसकी मासिक सूचना प्राधिकरण के समक्ष रखेगा। इसी तरह कूड़ा उठाने में लगे वाहनों की जीपीएस के जरिये निगरानी होगी। इससे कौन सा वाहन किस क्षेत्र में कब गया है, यह जानकारी भी प्राधिकरण तक पहुंचती रहेगी। अभी तक सिर्फ सड़कों की मेकेनिकल स्वीपिंग में लगे वाहनों में ही जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा था। कूड़े के प्रोसेसिंग प्लांट पर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। इसके जरिये कूड़ा ढोने में लगे वाहनों के आने-जाने पर नजर रखा जाएगा। प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी इसके बारे में पूरी जानकारी होगी। नया सिस्टम लागू होने पर अगर कोई खामी रहती है तो निवासी प्राधिकरण के मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं।
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वेबसाइट पर होगी कर्मचारियों का ब्योरा
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगे वेंडर के कर्मचारियों का ब्योरा ग्रेनो प्राधिकरण की वेबसाइट पर होगा। जिससे निवासियों को पता रहे कि उनके क्षेत्र में कौन कर्मचारी तैनात है। उसका नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर भी अपलोड होगा। अगर कर्मचारी एक-दो दिन कूड़ा उठाने नहीं आता है तर निवासी उस कर्मचारी को कॉल करके शिकायत भी कर सकेंगे। यह व्यवस्था भी पहली बार लागू होने जा रही है।
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ग्रेनो में रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है। प्राधिकरण ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का सिस्टम बना रखा है। इस काम में दो कंपनियां लगी हुई हैं। दोनों की समयावधि अगले माह खत्म हो रही है। इसे देखते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण के निर्देश पर जन स्वास्थ्य विभाग ने निविदा निकाली है। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। 29 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलेगी। चयनित कंपनी अगले 10 साल तक घरों से कूड़ा उठाएगी और उसे प्लांट तक पहुंचाएगी।
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कूड़ा उठाने वाला कर्मचारी जब घर से कूड़ा उठाने जाएगा तो वह मोबाइल स्कैनर के जरिये क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। स्कैन करते ही कूड़ा उठाने की सूचना वेंडर तक पहुंच जाएगी। वेंडर इसकी मासिक सूचना प्राधिकरण के समक्ष रखेगा। इसी तरह कूड़ा उठाने में लगे वाहनों की जीपीएस के जरिये निगरानी होगी। इससे कौन सा वाहन किस क्षेत्र में कब गया है, यह जानकारी भी प्राधिकरण तक पहुंचती रहेगी। अभी तक सिर्फ सड़कों की मेकेनिकल स्वीपिंग में लगे वाहनों में ही जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा था। कूड़े के प्रोसेसिंग प्लांट पर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। इसके जरिये कूड़ा ढोने में लगे वाहनों के आने-जाने पर नजर रखा जाएगा। प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी इसके बारे में पूरी जानकारी होगी। नया सिस्टम लागू होने पर अगर कोई खामी रहती है तो निवासी प्राधिकरण के मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं।
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वेबसाइट पर होगी कर्मचारियों का ब्योरा
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगे वेंडर के कर्मचारियों का ब्योरा ग्रेनो प्राधिकरण की वेबसाइट पर होगा। जिससे निवासियों को पता रहे कि उनके क्षेत्र में कौन कर्मचारी तैनात है। उसका नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर भी अपलोड होगा। अगर कर्मचारी एक-दो दिन कूड़ा उठाने नहीं आता है तर निवासी उस कर्मचारी को कॉल करके शिकायत भी कर सकेंगे। यह व्यवस्था भी पहली बार लागू होने जा रही है।