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लाइन में लगने और कोरोना से बचाएगा क्यू ईजी ऐप

Sun, 13 Sep 2020 12:10 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:10 AM IST
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Q easy app saved from stand on line and Corona also
12वीं के छात्र विक्रमादित्य सिंह।
लाइन में लगने और संक्रमण से बचाएगा क्यू ईजी ऐप
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नोएडा। कोरोना काल में आईं कई चुनौतियों के सामने कुछ लोगों ने हार मान ली तो वहीं, कुछ ने संकट के समय को अवसर की तरह प्रयोग किया। इसी क्रम में 12वीं के एक छात्र ने क्यूईजी नाम से एक ऐप बनाया है। इसकी मदद से मॉल्स, सोसाइटियों और बाजारों आदि में दुकानों पर लगने वाली लाइन को व्यवस्थित किया जा सकता है। ऐप की मदद से दुकान आदि पर सामान लेने के लिए अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं और तय वक्त पर जाकर सामान ले सकते हैं। ऐप को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक संस्था ने 25 लाख रुपये की सहायता देने का करार किया है। अगले माह तक इसे लांच किया जाएगा।
नोएडा के श्रीराममिलेनियम स्कूल में 12वीं के छात्र विक्रमादित्य सेक्टर-92 स्थित सोसाइटी में परिवार के साथ रहते हैं। अप्रैल में एक दिन मां ने कुछ सामान खरीदने के लिए सोसाइटी की ही दुकान पर भेजा था। जहां लंबी लाइन लगी थी। सामान लेने के लिए कड़ी धूप में करीब एक घंटा परेशान होना पड़ा। उसी समय विक्रमादित्य ने इस समस्या का समाधान तलाशने की योजना बनाई। विक्रमादित्य ने कहा कि जब डॉक्टर के पास अप्वाइंटमेंट लेकर जा सकते हैं तो दुकान पर क्यों नहीं। कई दिन विचार करने के बाद कंप्यूटर पर एक ऐप बनाया। इसमें सभी दुकानदारों और रेजीडेंट्स को आपस में जोड़ दिया। ताकि ऐप के माध्यम से अप्वाइंटमेंट लेकर दुकानदार के पास सामान लेने पहुंचा जा सके। उनका कहना है कि इससे किसी को इंतजार भी नहीं करना पडे़गा और संक्रमण से बचाव होगा। उन्होंने सोसाइटी में कुछ दुकानदारों के साथ मिलकर ऐप को चालू किया तो मददगार साबित हुआ। उन्होंने ऐप का नाम क्यूईजी रखा है। इसका मतलब है कि लाइन का काम आसान कर दिया गया।
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25 लाख रुपये की मदद से ऐप को बनाया जा रहा प्रभावी
नेशनल रिलीफ संगठन की ओर से एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले लोग अपने कार्य का प्रदर्शन करते हैं। इसमें क्यूईजी ऐप को दूसरा स्थान मिला। वहीं, अटल टिंकरिंग लैब की ओर से इस ऐप को (इन्क्यूबेशन) और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 25 लाख रुपये की मदद देने का करार किया गया है। विक्रमादित्य ने बताया कि सामान्य रूप से ऐप तो उसी समय तैयार कर दिया गया था। अब गूगल इस ऐप को रिव्यू कर रहा है। गूगल की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद इसे लांच किया जाएगा। इसके साथ ही आईआईएम बंगलूरू और सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा हेक कोविड प्रतियोगिता में इसे 50वां स्थान मिला है।
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परिवहन विभाग की तरह करेगा काम
क्यू ईजी ऐप ठीक उसी तरह काम करेगा, जैसे परिवहन विभाग में लोग डीएल बनवाने के लिए तारीख और समय का चयन करते हैं। ऐप में स्लॉट उपलब्ध होंगे, जो बुकिंग के हिसाब से भरते और खाली होते रहेंगे। नंबर आते ही तय समय पर लोगों को संबंधित दुकान पर पहुंचना होगा। वहीं, गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करना होगा।

महामारी में लोग बाजार में जाने से डरते हैं। मैं भी धूप में परेशान हो गया था। इसके बाद ऐप बनाने का विचार आया। इससे मॉल्स, सोसाइटी व बाजार के दुकानदार और ग्राहकों के बीच बेहतर संबंध स्थापित होगा। साथ ही बाजार को आर्थिक रूप से उभरने में भी मदद मिलेगी।
- विक्रमादित्य सिंह, निर्माता, क्यू ईजी एप
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