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कोरोना मरीजों से अधिकतम 18 हजार शुल्क ले सकेंगे निजी अस्पताल
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कोरोना मरीजों से अधिकतम 18 हजार शुल्क ले सकेंगे निजी अस्पताल
नोएडा। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल मनमानी फीस नहीं वसूलें, इसे ध्यान में रखकर सरकार ने नई गाइड लाइन तय की है। आइसोलेशन, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि सुविधाओं के आधार पर शुल्क तय किया गया है। जिले में न्यूनतम आठ और अधिकतम 18 हजार रुपये की सीमा तय की गई है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग एवं कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रहे सभी निजी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभी कोरोना मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों और प्रशासन द्वारा स्वीकृत कुछ निजी अस्पतालों में ही चल रहा है। शुल्क का निर्धारण अपर मुख्य सचिव अमित मोहन निर्देशों के आधारपर किया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि कोविड-19 के इलाज में मनमानी फीस नहीं ली जा सकती। अलग-अलग अस्पतालों द्वारा अलग धनराशि का निर्धारण मरीजों की दिक्कतें बढ़ाएगा। इसलिए अस्पतालों द्वारा प्रतिदिन ली जाने वाली अधिकतम फीस के लिए नियम बनाए गए हैं।
यह होंगी प्रतिदिन की दरें
आइसोलेशन बेड के लिए बारह सौ रुपये की पीपीई किट सहित : 10000 रुपये
आईसीयू, वेंटिलेटर सुविधा के बिना दो हजार की पीपीई किट सहित : 15000 रुपये
आइसोलेशन में वेंटिलेटर और दो हजार की पीपीई किट सहित : 18000 रुपये
बिना एनएबीएच वाले अस्पतालों में
आइसोलेशन बेड के लिए बारह सौ की पीपीई किट सहित : 8000 रुपये
बिना वेंटिलेटर, आईसीयू के दो हजार की पीपीई किट सहित: 13000 रुपये
वेंटिलेटर वाले आईसीयू के लिए : 15000 रुपये
20 प्रतिशत बेड रिजर्व रखने होंगे
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों को 20 प्रतिशत बेड सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और आयुष्मान भारत के तहत आने वाले मरीजों के लिए रिजर्व रखने होंगे।
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नोएडा। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल मनमानी फीस नहीं वसूलें, इसे ध्यान में रखकर सरकार ने नई गाइड लाइन तय की है। आइसोलेशन, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि सुविधाओं के आधार पर शुल्क तय किया गया है। जिले में न्यूनतम आठ और अधिकतम 18 हजार रुपये की सीमा तय की गई है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग एवं कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रहे सभी निजी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभी कोरोना मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों और प्रशासन द्वारा स्वीकृत कुछ निजी अस्पतालों में ही चल रहा है। शुल्क का निर्धारण अपर मुख्य सचिव अमित मोहन निर्देशों के आधारपर किया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि कोविड-19 के इलाज में मनमानी फीस नहीं ली जा सकती। अलग-अलग अस्पतालों द्वारा अलग धनराशि का निर्धारण मरीजों की दिक्कतें बढ़ाएगा। इसलिए अस्पतालों द्वारा प्रतिदिन ली जाने वाली अधिकतम फीस के लिए नियम बनाए गए हैं।
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यह होंगी प्रतिदिन की दरें
आइसोलेशन बेड के लिए बारह सौ रुपये की पीपीई किट सहित : 10000 रुपये
आईसीयू, वेंटिलेटर सुविधा के बिना दो हजार की पीपीई किट सहित : 15000 रुपये
आइसोलेशन में वेंटिलेटर और दो हजार की पीपीई किट सहित : 18000 रुपये
बिना एनएबीएच वाले अस्पतालों में
आइसोलेशन बेड के लिए बारह सौ की पीपीई किट सहित : 8000 रुपये
बिना वेंटिलेटर, आईसीयू के दो हजार की पीपीई किट सहित: 13000 रुपये
वेंटिलेटर वाले आईसीयू के लिए : 15000 रुपये
20 प्रतिशत बेड रिजर्व रखने होंगे
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों को 20 प्रतिशत बेड सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और आयुष्मान भारत के तहत आने वाले मरीजों के लिए रिजर्व रखने होंगे।
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