फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Prisoners Used to Sell Drugs in Prison After Swallowing

कैदी अदालत परिसर में निगलते और जेल में निकालते थे नशे की खेप, पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़

Fri, 13 Sep 2019 11:48 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Fri, 13 Sep 2019 11:48 AM IST
विज्ञापन
Prisoners Used to Sell Drugs in Prison After Swallowing
जब्त किया गया नशे का सामान। - फोटो : अमर उजाला

सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पेशी पर आने वाले कैदियों को पॉलिथीन की पुड़िया में नशे की खेप डालकर देते थे। इसके बाद कैदी अदालत परिसर में यह पुड़िया निगल लेते थे और जेल में जाकर शौच के रास्ते पुड़िया को निकालकर उसमें से नशे की गोलियां, कैप्सूल, चरस, गांजा आदि अन्य कैदियों को मोटे मुनाफे में बेच देते थे। नशे का ये गोरखधंधा लंबे समय से पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से चल रहा था। पुलिस ने नशे की खेप के साथ सूरजपुर स्थित अदालत परिसर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान की जा रही है।

विज्ञापन


एसपी देहात रणविजय सिंह के अनुसार, सूरजपुर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र सिंह दीखित की टीम लगातार अदालत परिसर में आने वाले संदिग्धों की जांच पड़ताल कर रही है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को पुलिस ने अदालत परिसर से नशे के तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान कासगंज के किनावा गांव निवासी परवेज उर्फ शोमिन और दनकौर के तुलसीनगर निवासी राहिल और गाजियाबाद के विजय नगर निवासी संतोष के रूप में हुई है।
विज्ञापन


आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित दवाओं की 90 गोलियां, 59 रोल पैकेट, 9 पैकेट चरस व 150 कैप्सूल बरामद किए गए। कैदी जब जेल से पेशी के लिए आते हैं तो उनको कोर्ट में बनी हवालात में रखकर फिर अदालत में पेश किया जाता है। हवालात से अदालत में जाने के दौरान पकड़े गए तीन आरोपी कैदियों को पॉलिथीन की पुड़िया में नशे की खेप थमा देते थे। आरोपी इसे निगलकर जेल जाकर शौच के रास्ते निकाल देेते थे। इसके बाद जेल में बंदियों को बेच देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


लूट में जेल गए और शुरू कर दिया तस्करी का धंधा

एसपी ने बताया कि परवेज और संतोष वर्ष 2014 के लूट के केस में सेक्टर-20 थाने से जेल गए थे। जेल जाने के दौरान आरोपियों ने वहां सजायाफ्ता बंदियों से मिलीभगत कर नशा तस्करी का धंधा शुरू कर दिया। इन तीनों को अलावा और भी आरोपी इसी तरह से तस्करी में जुटे हैं उनकी तलाश की जा रही है।

दस गुना बढ़ जाती है जेल पहुंचकर कीमत

जिस नशे के सामान को आरोपी बाजार से सौ रुपये में खरीदते थे, उसे वह कैदियों को लगभग पांच सौ रुपये में बेचते थे। कैदी एक हाथ से पैकेट लेकर दूसरे हाथ से रुपये लेते थे। कभी-कभी बंदियों के रिश्तेदार भी ये काम करते थे। पांच सौ रुपये में खरीदी गई नशे की खेप वह जेल जाकर एक हजार रुपये में बेचते थे। आरोपी दिल्ली के लालकिला, दादरी के अलावा अन्य क्षेत्र से भी नशे का सामान खरीदते थे। एक आरोपी भांग तोड़कर उसे चरस बनाने का भी काम करता है।
 

जेल में बॉडी स्कैनर लगाने की करेंगे सिफारिश

पुलिसकर्मी लेते हैं तीन से पांच सौ तक की रिश्वत

एसपी ने बताया कि ये पूरा गोरखधंधा उन पुलिसकर्मियों की मदद से चल रहा है, जो कैदियों को पेशी पर लेकर आते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह पुलिसकर्मियों को तीन सौ से लेकर पांच सौ तक की रिश्वत देते थे। इन पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो कैदी जेल में ये नशे की खेप ले जातेे हैं उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।

जेल में बॉडी स्कैनर लगाने की करेंगे सिफारिश

एसपी ने बताया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हो, इन पर रोक लगाने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिखकर जेल में बॉडी स्कैनर लगाने की सिफारिश की जाएगी, ताकि अगर कोई बंदी या कैदी कोई प्रतिबंधित वस्तु निगलकर ले जा रहा है तो उसका पता चल सके।

चार साल पहले ऐसे ही केस में हुई थी बंदी की मौत

एसपी ने बताया कि नशे का कारोबार कई वर्षों से चल रहा है। पड़ताल में ये भी पता चला है कि चार साल पहले इसी तरह निगलकर नशे की खेप ले जा रहेे एक बंदी की मौत हो गई थी। इससे लंबे समय से यह धंधा चलने की पुष्टि हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed