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Noida News: उद्योगों पर तीसरी आंख से होगी प्रदूषण की निगरानी

Thu, 08 Oct 2026 10:52 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 10:52 PM IST
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Pollution from industries will be monitored via a 'third eye
32 उद्योगों में पीटीजेड कैमरे और सेंसर लगाए, ईंधन से उत्सर्जन तक पर रहेगी नजर
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माई सिटी रिपोर्टर | नोएडा



सर्दियों से पहले शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर निगरानी और सख्त कर दी गई है। सीएक्यूएम के निर्देश पर 32 चिह्नित उद्योगों में पीटीजेड कैमरे और पॉल्यूशन मॉनीटरिंग कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। इनके जरिये उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन, बॉयलर और उत्सर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित उद्योग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, उद्योगों में पीटीजेड कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। इन कैमरों का सर्वर सीधे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़ेगा, जहां कंट्रोल रूम से इनकी निगरानी की जाएगी। सामान्य सीसीटीवी से अलग पीटीजेड कैमरों को दूर से दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाने के साथ जूम भी किया जा सकता है।
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ईंधन वाले हिस्से भी कैमरे की जद में

उद्योगों में ईंधन भंडारण क्षेत्र, ईंधन डालने की जगह और गैस आधारित ईंधन के मीटर को भी कैमरों की निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त कैमरे 31 अक्तूबर तक लगाए जाने हैं। नोएडा के 32 चिह्नित उद्योगों में 20 उद्योग गैस का इस्तेमाल करते हैं, जबकि अन्य में डीजल और वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग होता है। ऐसे में इन इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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ग्रीन बॉयलर अपनाने पर जोर

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योगों को यूपीपीसीबी से एनओसी लेने और ग्रीन बॉयलर अपनाने के निर्देश दिए हैं। एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बॉयलर को ग्रीन बॉयलर में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें पीएनजी और अन्य अपेक्षाकृत स्वच्छ गैस आधारित ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उत्सर्जन कम रखने में मदद मिलती है।




रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, गौतमबुद्ध नगर ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देश के बाद उद्योगों में पीटीजेड कैमरों के जरिए निगरानी सख्त की गई है। इनकी रियल टाइम मॉनीटरिंग भी बढ़ाई गई है।
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