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Noida News: ड्रग्स मामले में सजा निलंबन की याचिका खारिज
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नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने ड्रग्स बरामदगी के एक मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति की सजा निलंबित करने की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स बरामदगी की वीडियोग्राफी या सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत न करने से जब्ती की वैधता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की गवाही पर केवल इसलिए अविश्वास नहीं किया जा सकता क्योंकि वे सरकारी गवाह हैं, जब तक कि झूठा फंसाने का मकसद साबित न हो। पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्ती की वीडियो रिकार्डिंग अनिवार्य नहीं है, हालांकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के लागू होने के बाद यह अनिवार्य हो गया है। फिर भी, सीसीटीवी फुटेज या वीडियोग्राफी की अनुपस्थिति अपने आप में जब्ती की कार्यवाही को रद करने का आधार नहीं हो सकती।मामला 25.086 किलोग्राम गांजा रखने के आरोप में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति से संबंधित है, जिसे ट्रायल कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। ब्यूरो
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न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की गवाही पर केवल इसलिए अविश्वास नहीं किया जा सकता क्योंकि वे सरकारी गवाह हैं, जब तक कि झूठा फंसाने का मकसद साबित न हो। पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्ती की वीडियो रिकार्डिंग अनिवार्य नहीं है, हालांकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के लागू होने के बाद यह अनिवार्य हो गया है। फिर भी, सीसीटीवी फुटेज या वीडियोग्राफी की अनुपस्थिति अपने आप में जब्ती की कार्यवाही को रद करने का आधार नहीं हो सकती।मामला 25.086 किलोग्राम गांजा रखने के आरोप में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति से संबंधित है, जिसे ट्रायल कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। ब्यूरो
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