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ग्रेनो वेस्ट में लोगों ने कैंडल जलाकर दी मेजर रोहित को श्रद्धांजलि
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ग्रेटर नोएडा। उधमपुर जिले में पटनीटॉप के जंगल में मंगलवार को आर्मी एविएशन कोर का चीता हेलिकॉप्टर प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे मेजर अनूप राजपूत और मेजर रोहित कुमार की मौत हो गई। मेजर रोहित ग्रेनो वेस्ट की ऐस सिटी सोसाइटी में रहते थे। उनके माता-पिता को हादसे के कई घंटे बाद बेटे के घायल होने की सूचना मिली। इसके बाद पूरा परिवार देर रात विमान से उधमपुर पहुंच गया। वहीं, रोहित की मौत की सूचना सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर मिलते ही लोग स्तब्ध रहे गए। रात दस बजे कैंडल जलाकर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
निवासियों ने बताया कि रोहित काफी मिलनसार थे। सोसाइटी के लोगों से अच्छी तरीके से बात करते थे। उनकी मौत से सभी लोग काफी दुखी हैं। सोसाइटी के जी टावर के फ्लैट नंबर 1 में रोहित के पिता कमल, मां, पत्नी और डेढ़ साल की बेटी रहती है। दोपहर बाद पिता को रोहित के घायल होने की सूचना देकर पूरे परिवार को उधमपुर बुलाया गया था। शाम करीब साढ़े पांच बजे पूरा परिवार दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। सोसाइटी निवासी पवन कुमार ने बताया कि रोहित के पिता से फोन पर बात हुई थी। वे काफी परेशान थे। रोहित की शादी तीन साल पहले हुई थी। करीब चार साल से परिवार सोसाइटी में रह रहा है। जब उनकी पोस्टिंग नजदीक होती थी तो पत्नी को साथ ले जाते थे। जब दूर होती थी तो सोसाइटी में छोड़कर जाते थे।
रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर आए थे ग्रेनो वेस्ट
पड़ोसियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर रोहित परिवार के पास आए थे। वे 20 दिन तक रुके थे। परिवार काफी खुश था। हालांकि, इस दौरान वे सोसाइटी के लोगों से ज्यादा नहीं मिल सके।
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काजू बादाम व चॉकलेट लाते थे
पड़ोसी संजय गौतम ने बताया कि रोहित जब भी घर पर आते थे तो उनके बेटे के लिए काजू, बादाम और चॉकलेट लेकर आते थे। रक्षाबंधन पर भी काफी कुछ लेकर आए थे। उनके शहीद होने का समाचार सुनकर यकीन नहीं हो रहा है। काफी दुुखी हूं।
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निवासियों ने बताया कि रोहित काफी मिलनसार थे। सोसाइटी के लोगों से अच्छी तरीके से बात करते थे। उनकी मौत से सभी लोग काफी दुखी हैं। सोसाइटी के जी टावर के फ्लैट नंबर 1 में रोहित के पिता कमल, मां, पत्नी और डेढ़ साल की बेटी रहती है। दोपहर बाद पिता को रोहित के घायल होने की सूचना देकर पूरे परिवार को उधमपुर बुलाया गया था। शाम करीब साढ़े पांच बजे पूरा परिवार दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। सोसाइटी निवासी पवन कुमार ने बताया कि रोहित के पिता से फोन पर बात हुई थी। वे काफी परेशान थे। रोहित की शादी तीन साल पहले हुई थी। करीब चार साल से परिवार सोसाइटी में रह रहा है। जब उनकी पोस्टिंग नजदीक होती थी तो पत्नी को साथ ले जाते थे। जब दूर होती थी तो सोसाइटी में छोड़कर जाते थे।
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रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर आए थे ग्रेनो वेस्ट
पड़ोसियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर रोहित परिवार के पास आए थे। वे 20 दिन तक रुके थे। परिवार काफी खुश था। हालांकि, इस दौरान वे सोसाइटी के लोगों से ज्यादा नहीं मिल सके।
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काजू बादाम व चॉकलेट लाते थे
पड़ोसी संजय गौतम ने बताया कि रोहित जब भी घर पर आते थे तो उनके बेटे के लिए काजू, बादाम और चॉकलेट लेकर आते थे। रक्षाबंधन पर भी काफी कुछ लेकर आए थे। उनके शहीद होने का समाचार सुनकर यकीन नहीं हो रहा है। काफी दुुखी हूं।