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Noida News: स्कूलों की निगरानी में अभिभावकों की बढ़ेगी भागीदारी
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-नवंबर में बदलेगी एसएमसी, बैठकों में सुविधाओं के साथ शैक्षिक प्रगति पर भी होगी चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की भूमिका अब केवल बच्चों को स्कूल भेजने तक सीमित नहीं रहेगी। नवंबर में विद्यालय प्रबंध समितियों (एसएमसी) के पुनर्गठन के बाद अभिभावकों को स्कूल की पढ़ाई और व्यवस्थाओं की निगरानी में सीधी भागीदारी मिलेगी। दिसंबर से नई समितियां कामकाज संभालेंगी।
नई एसएमसी में अभिभावकों के साथ शिक्षक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति के माध्यम से अभिभावक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को समिति के सामने रखा जा सकेगा और संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई पर भी होगी चर्चा
एसएमसी की बैठकों में स्कूल की सुविधाओं के साथ बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर भी चर्चा होगी। अभिभावक पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं समिति के सामने रख सकेंगे। इससे स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ने की उम्मीद है। जिले के 480 परिषदीय स्कूलों में एसएमसी के पुनर्गठन की प्रक्रिया नवंबर में पूरी की जानी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि नई समितियों का उद्देश्य स्कूल और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
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अभिभावकों को मिलेगा सवाल पूछने का मंच
नई व्यवस्था के बाद अभिभावक स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सीधे सवाल उठा सकेंगे। किसी सुविधा की कमी या बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्या सामने आने पर समिति के माध्यम से उसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाई जा सकेगी। दिसंबर से समितियों के सक्रिय होने के बाद स्कूलों की निगरानी और व्यवस्थाओं में अभिभावकों की भूमिका पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की भूमिका अब केवल बच्चों को स्कूल भेजने तक सीमित नहीं रहेगी। नवंबर में विद्यालय प्रबंध समितियों (एसएमसी) के पुनर्गठन के बाद अभिभावकों को स्कूल की पढ़ाई और व्यवस्थाओं की निगरानी में सीधी भागीदारी मिलेगी। दिसंबर से नई समितियां कामकाज संभालेंगी।
नई एसएमसी में अभिभावकों के साथ शिक्षक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति के माध्यम से अभिभावक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को समिति के सामने रखा जा सकेगा और संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।
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बच्चों की पढ़ाई पर भी होगी चर्चा
एसएमसी की बैठकों में स्कूल की सुविधाओं के साथ बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर भी चर्चा होगी। अभिभावक पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं समिति के सामने रख सकेंगे। इससे स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ने की उम्मीद है। जिले के 480 परिषदीय स्कूलों में एसएमसी के पुनर्गठन की प्रक्रिया नवंबर में पूरी की जानी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि नई समितियों का उद्देश्य स्कूल और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
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अभिभावकों को मिलेगा सवाल पूछने का मंच
नई व्यवस्था के बाद अभिभावक स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सीधे सवाल उठा सकेंगे। किसी सुविधा की कमी या बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्या सामने आने पर समिति के माध्यम से उसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाई जा सकेगी। दिसंबर से समितियों के सक्रिय होने के बाद स्कूलों की निगरानी और व्यवस्थाओं में अभिभावकों की भूमिका पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होगी।