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Noida News: बिजली कटौती से हाहाकार, पानी तक को तरस रहे लोग
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बिजली कटौती से हाहाकार, पानी तक को तरस रहे लोग
- मुख्यमंत्री का आदेश बेअसर, दस घंटे तक की कटौती झेल रहे नोएडावासी
- 2600 मेगावाट पहुंची बिजली की मांग, टूटे सारे रिकॉर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आसमान से बरस रही गर्मी से परेशान लोगों पर बिजली कटौती का सितम लगातार बढ़ रहा है। जिले में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार मांग बढ़कर 2600 मेगावाट तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री का आदेश के बावजूद यहां बिजली की भारी कटौती जारी है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र को आठ से दस घंटे और ग्रामीण इलाकों को 16 घंटे तक बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। वहीं कटौती का असर नोएडा में पानी की आपूर्ति पर पड़ा है।
रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी शहर के 20 से अधिक सेक्टरों के अलावा कई गांवों में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं ने विद्युत निगम की हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी जाहिर की। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना सेक्टर-11, 12, 15, 19, 20, 22, 27, 31, 34, 37, 40, 41, 43, 46, 49, 50, 70, 71, 72, 75, 80, 82, 85 के अलावा छपरौला, इटैहड़ा, मोहियापुर, छपरोली, शाहपुर, रायपुर, हरौला, बरौला, मामूरा, होशियारपुर समेत कई गांवों को करना पड़ा।
वहीं बिजली कटौती का असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा हे। दरअसल नोएडा में पानी की आपूर्ति का समय तय है। पानी की आपूर्ति के समय बिजली गुल होने से जल संकट भी बढ़ गया है।
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600 मेगावाट बढ़ी बिजली की मांग
साल 2021 में बिजली की मांग 1550 मेगावाट दर्ज हुई थी। जबकि जून 2022 में यह आंकड़ा 2000 मेगावाट पहुंच गया था। इस साल 600 मेगावाट बढ़कर जून में बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक पहुंच गई है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की निदेशक चैत्रा वी की तरफ से शहर में में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। रात में निर्बाध आपूर्ति नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी है। इसके बाद भी हालात बदतर हो रहे हैं।
तीन हेल्पलाइन नंबर जारी
जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए दो कंट्रोल रूम शुरू किए गए हैं। इनके तीन हेल्पलाइन नंबर 01202970605, 01202970431 सेक्टर-18 और मुख्य अभियंता कार्यालय में शुरू हुए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 01202510738 पर उपभोक्ता बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सातों दिन काम कर रहे हैं।
बिजली की कमी नहीं, खराब सिस्टम दे रहा जवाब
दरअसल, प्रदेश सरकार ने नोएडा को नो पावर कट जोन में शामिल कर रखा है। इसके बावजूद शहर के लोग घंटों बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। शहर में बिजली का आधारभूत ढांचा करीब 40 साल पहले तैयार किया गया था। उस समय के हिसाब से परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं, लेकिन समय के साथ बिजली विभाग के ढांचे में कोई खास सुधार नहीं किया गया है। इस वजह से करीब 1500 मेगावाट बिजली क्षमता वाले लाइन पर 2600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का दबाव है।
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साल दर साल ऐसे बढ़ी मांग
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साल
बिजली की मांग (मेगावाट में)
2020
950
2021
1550
2022
2000
2023
2600
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ग्रेनो में गंगाजल तो दूर साधारण आपूर्ति भी नहीं
ग्रेटर नोएडा। शहरवासियों को गंगाजल पिलाने का दावा करते हुए प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। मगर गंगजल तो दूर अब साधारण ट्यूबवेल का पानी भी लोगों को मयस्सर नहीं हो पा रहा है। गर्मी बढ़ते ही शहर के आवासीय सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की किल्लत बढ़ गई है। यहां प्रेशर भी कम हो गया और लोगों को जरूरत पूरी करने के लिए बोतल खरीदकर अपना गुजारा करना पड़ रहा है। हालत तो यह है कि गर्मी में तीन घंटे पानी की कटौती कर दी है। जलापूर्ति का समय सुबह 5 से 10 बजे, दोपहर में 1 से 2 बजे, शाम को 5 से 10 बजे और रात में 1 बजे से 2 बजे निर्धारित किया था। गर्मी बढ़ते ही सुबह 6 से 9:30 बजे, जबकि शाम को 6 से 9:30 बजे तक आपूर्ति की जा रही है। ब्यूरो
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- मुख्यमंत्री का आदेश बेअसर, दस घंटे तक की कटौती झेल रहे नोएडावासी
- 2600 मेगावाट पहुंची बिजली की मांग, टूटे सारे रिकॉर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आसमान से बरस रही गर्मी से परेशान लोगों पर बिजली कटौती का सितम लगातार बढ़ रहा है। जिले में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार मांग बढ़कर 2600 मेगावाट तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री का आदेश के बावजूद यहां बिजली की भारी कटौती जारी है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र को आठ से दस घंटे और ग्रामीण इलाकों को 16 घंटे तक बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। वहीं कटौती का असर नोएडा में पानी की आपूर्ति पर पड़ा है।
रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी शहर के 20 से अधिक सेक्टरों के अलावा कई गांवों में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं ने विद्युत निगम की हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी जाहिर की। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना सेक्टर-11, 12, 15, 19, 20, 22, 27, 31, 34, 37, 40, 41, 43, 46, 49, 50, 70, 71, 72, 75, 80, 82, 85 के अलावा छपरौला, इटैहड़ा, मोहियापुर, छपरोली, शाहपुर, रायपुर, हरौला, बरौला, मामूरा, होशियारपुर समेत कई गांवों को करना पड़ा।
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वहीं बिजली कटौती का असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा हे। दरअसल नोएडा में पानी की आपूर्ति का समय तय है। पानी की आपूर्ति के समय बिजली गुल होने से जल संकट भी बढ़ गया है।
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600 मेगावाट बढ़ी बिजली की मांग
साल 2021 में बिजली की मांग 1550 मेगावाट दर्ज हुई थी। जबकि जून 2022 में यह आंकड़ा 2000 मेगावाट पहुंच गया था। इस साल 600 मेगावाट बढ़कर जून में बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक पहुंच गई है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की निदेशक चैत्रा वी की तरफ से शहर में में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। रात में निर्बाध आपूर्ति नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी है। इसके बाद भी हालात बदतर हो रहे हैं।
तीन हेल्पलाइन नंबर जारी
जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए दो कंट्रोल रूम शुरू किए गए हैं। इनके तीन हेल्पलाइन नंबर 01202970605, 01202970431 सेक्टर-18 और मुख्य अभियंता कार्यालय में शुरू हुए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 01202510738 पर उपभोक्ता बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सातों दिन काम कर रहे हैं।
बिजली की कमी नहीं, खराब सिस्टम दे रहा जवाब
दरअसल, प्रदेश सरकार ने नोएडा को नो पावर कट जोन में शामिल कर रखा है। इसके बावजूद शहर के लोग घंटों बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। शहर में बिजली का आधारभूत ढांचा करीब 40 साल पहले तैयार किया गया था। उस समय के हिसाब से परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं, लेकिन समय के साथ बिजली विभाग के ढांचे में कोई खास सुधार नहीं किया गया है। इस वजह से करीब 1500 मेगावाट बिजली क्षमता वाले लाइन पर 2600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का दबाव है।
साल दर साल ऐसे बढ़ी मांग
साल
बिजली की मांग (मेगावाट में)
2020
950
2021
1550
2022
2000
2023
2600
ग्रेनो में गंगाजल तो दूर साधारण आपूर्ति भी नहीं
ग्रेटर नोएडा। शहरवासियों को गंगाजल पिलाने का दावा करते हुए प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। मगर गंगजल तो दूर अब साधारण ट्यूबवेल का पानी भी लोगों को मयस्सर नहीं हो पा रहा है। गर्मी बढ़ते ही शहर के आवासीय सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की किल्लत बढ़ गई है। यहां प्रेशर भी कम हो गया और लोगों को जरूरत पूरी करने के लिए बोतल खरीदकर अपना गुजारा करना पड़ रहा है। हालत तो यह है कि गर्मी में तीन घंटे पानी की कटौती कर दी है। जलापूर्ति का समय सुबह 5 से 10 बजे, दोपहर में 1 से 2 बजे, शाम को 5 से 10 बजे और रात में 1 बजे से 2 बजे निर्धारित किया था। गर्मी बढ़ते ही सुबह 6 से 9:30 बजे, जबकि शाम को 6 से 9:30 बजे तक आपूर्ति की जा रही है। ब्यूरो