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Noida News: सड़क हादसे में पैर कटे युवक को 16.80 लाख रुपये के मुआवजा का आदेश
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गाजियाबाद। सड़क दुर्घटना में दिव्यांग (पैर कटे) हुए युवक को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने फैसला सुनाते हुए घायल याची जगतपाल को 16,80,960 रुपये का प्रतिकर बीमा कंपनी से दिलाने का आदेश दिया है। अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संजयवीर सिंह ने निर्णय में कहा कि याची का बायां पैर जांघ के पास से काटना पड़ा और वह पूरी तरह से अपंग हो गया।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार 26 जून 2023 की रात करीब 11 बजे जगतपाल वसुंधरा से अपने घर प्रह्लादगढ़ी चाट का ठेला लेकर लौट रहा था। जैसे ही वह साहिबाबाद सब्जी मंडी के पास पेट्रोल पंप के निकट पहुंचा, पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। इस टक्कर में ट्रक का पहिया जगतपाल के बाएं पैर के ऊपर से निकल गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पहले उसे एटलांटा अस्पताल, वसुंधरा में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज महंगा होने के कारण बाद में जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रामा सेंटर, एम्स दिल्ली में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों को उसका बायां पैर जांघ के पास से काटना पड़ा। जगतपाल का अभी भी इलाज जारी है। वह अब किसी प्रकार का शारीरिक कार्य करने में असमर्थ हो गया है। दुर्घटना के समय जगतपाल 29 वर्ष का था और चाट का ठेला लगाकर करीब 20 हजार रुपये मासिक कमा रहा था। दुर्घटना के बाद उसकी आय का स्रोत पूरी तरह खत्म हो गया। यह दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही से हुई, जिसमें जगतपाल की कोई गलती नहीं पाई गई।
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अधिकरण ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह 16,80,960 रुपये प्रतिकर राशि के रूप में एक महीने के भीतर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के नामित खाते में जमा करें। इस धनराशि पर याचिका दायर करने की तिथि 17 अक्तूबर 2023 से भुगतान की तिथि तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा। अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया है कि मुआवजे की राशि में से 5 लाख रुपये की एफडीआर तीन वर्ष के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में की जाएगी, जिसे समय से पूर्व न भुनाया जा सकेगा। शेष राशि याची को नकद रूप में उसके बैंक खाते में दी जाएगी।
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अदालत से मिली जानकारी के अनुसार 26 जून 2023 की रात करीब 11 बजे जगतपाल वसुंधरा से अपने घर प्रह्लादगढ़ी चाट का ठेला लेकर लौट रहा था। जैसे ही वह साहिबाबाद सब्जी मंडी के पास पेट्रोल पंप के निकट पहुंचा, पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। इस टक्कर में ट्रक का पहिया जगतपाल के बाएं पैर के ऊपर से निकल गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
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पहले उसे एटलांटा अस्पताल, वसुंधरा में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज महंगा होने के कारण बाद में जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रामा सेंटर, एम्स दिल्ली में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों को उसका बायां पैर जांघ के पास से काटना पड़ा। जगतपाल का अभी भी इलाज जारी है। वह अब किसी प्रकार का शारीरिक कार्य करने में असमर्थ हो गया है। दुर्घटना के समय जगतपाल 29 वर्ष का था और चाट का ठेला लगाकर करीब 20 हजार रुपये मासिक कमा रहा था। दुर्घटना के बाद उसकी आय का स्रोत पूरी तरह खत्म हो गया। यह दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही से हुई, जिसमें जगतपाल की कोई गलती नहीं पाई गई।
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अधिकरण ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह 16,80,960 रुपये प्रतिकर राशि के रूप में एक महीने के भीतर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के नामित खाते में जमा करें। इस धनराशि पर याचिका दायर करने की तिथि 17 अक्तूबर 2023 से भुगतान की तिथि तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा। अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया है कि मुआवजे की राशि में से 5 लाख रुपये की एफडीआर तीन वर्ष के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में की जाएगी, जिसे समय से पूर्व न भुनाया जा सकेगा। शेष राशि याची को नकद रूप में उसके बैंक खाते में दी जाएगी।
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