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Noida News: पटाखों की जांच में देर रात तक उलझे रहे अधिकारी
Sun, 28 Sep 2025 07:02 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 28 Sep 2025 07:02 AM IST
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शहर के बुर्ज वाला कुआं स्थित पटाखा कारोबारी की मुख्य फर्म खंडेलवाल एंटरप्राइजेज व एक अन्य फर्म पर शुक्रवार को राज्य जीएसटी मथुरा की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने देर रात तक जांच की। दस्तावेजों से माल के मिलान में अधिकारियों को खासी मश्क्कत करनी पड़ी। पटाखों के दाम खुदरा विक्रय मूल्य के 10 गुना से अधिक होने व कई प्रकार के आयटम होने की वजह से बमुश्किल स्टॉक की गणना की जा सकी।
शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे पहुंची टीम ने शाम करीब चार बजे कार्रवाई शुरू की थी। इसमें मुख्य रूप से इगलास रोड स्थित फर्म पर स्टाॅक की गणना की गई। बुर्ज वाला कुआं की फर्म पर भी स्टॉक की गणना की गई। कारोबारी की ओर से प्रस्तुत किए गए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बिलों के सापेक्ष करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के खुदरा मूल्य के माल की गणना की गई।
अधिकारियों की ओर से पक्के पर्चों के साथ ही कच्ची पर्चियों को भी एकत्र किया गया। माल परिवहन के दस्तावेजों का भी संकलन किया गया। अधिकारियों की ओर से बिल बुक की भी जांच की गई। जिन फर्मों के नाम से बिल काटे गए, उनका भी डेटा एकत्र किया जा रहा है। उपायुक्त एसआईबी मथुरा दीपक कुमार ने बताया कि दो ठिकानों पर जांच की गई है। मौके पर माल से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। पोर्टल से इनकी जांच की जा रही है। स्टाॅक की गणना भी की गई है। मौके पर माल को सीज नहीं किया जा सका है। फर्म मालिक अशोक खंडेलवाल का कहना है कि टीम जांच कर रही है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाऊंगा, बेटा अपने स्तर से इस मामले को देख रहा है।
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बिल की भाषा से नहीं हो पाया माल का मिलान
जीएसटी टीम के लिए बिल में दर्ज माल के विवरण से स्टॉक का मिलान किया जाना काफी मुश्किल रहा। बिलों में बॉक्स की संख्या लिखी गई थी, जबकि मौके पर आतिशबाजी के 10 पीस का एक बॉक्स, फिर इस तरह के 10 बॉक्स का एक बॉक्स और फिर बड़े 10 बॉक्स का एक और बड़ा बॉक्स में पैक होने से गणना करना मुश्किल हो गया।
एक ठिकाने पर नहीं हो सकी जांच
इगलास रोड पर ही फर्म मालिक के एक और ठिकाने पर टीम जांच नहीं कर सकी, क्योंकि इस फर्म का पंजीयन परिवार के अन्य व्यक्ति के नाम से लिया गया है। इस पंजीयन के लिए आईएनएस जारी न होने की वजह से जांच नहीं की जा सकी।
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शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे पहुंची टीम ने शाम करीब चार बजे कार्रवाई शुरू की थी। इसमें मुख्य रूप से इगलास रोड स्थित फर्म पर स्टाॅक की गणना की गई। बुर्ज वाला कुआं की फर्म पर भी स्टॉक की गणना की गई। कारोबारी की ओर से प्रस्तुत किए गए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बिलों के सापेक्ष करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के खुदरा मूल्य के माल की गणना की गई।
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अधिकारियों की ओर से पक्के पर्चों के साथ ही कच्ची पर्चियों को भी एकत्र किया गया। माल परिवहन के दस्तावेजों का भी संकलन किया गया। अधिकारियों की ओर से बिल बुक की भी जांच की गई। जिन फर्मों के नाम से बिल काटे गए, उनका भी डेटा एकत्र किया जा रहा है। उपायुक्त एसआईबी मथुरा दीपक कुमार ने बताया कि दो ठिकानों पर जांच की गई है। मौके पर माल से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। पोर्टल से इनकी जांच की जा रही है। स्टाॅक की गणना भी की गई है। मौके पर माल को सीज नहीं किया जा सका है। फर्म मालिक अशोक खंडेलवाल का कहना है कि टीम जांच कर रही है। मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाऊंगा, बेटा अपने स्तर से इस मामले को देख रहा है।
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बिल की भाषा से नहीं हो पाया माल का मिलान
जीएसटी टीम के लिए बिल में दर्ज माल के विवरण से स्टॉक का मिलान किया जाना काफी मुश्किल रहा। बिलों में बॉक्स की संख्या लिखी गई थी, जबकि मौके पर आतिशबाजी के 10 पीस का एक बॉक्स, फिर इस तरह के 10 बॉक्स का एक बॉक्स और फिर बड़े 10 बॉक्स का एक और बड़ा बॉक्स में पैक होने से गणना करना मुश्किल हो गया।
एक ठिकाने पर नहीं हो सकी जांच
इगलास रोड पर ही फर्म मालिक के एक और ठिकाने पर टीम जांच नहीं कर सकी, क्योंकि इस फर्म का पंजीयन परिवार के अन्य व्यक्ति के नाम से लिया गया है। इस पंजीयन के लिए आईएनएस जारी न होने की वजह से जांच नहीं की जा सकी।