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यूपी में पालने की भी इजाजत नहीं, शादियों में नचा रहे थे ऊंट
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आरोपियों से बरामद ऊंट।
- फोटो : Grnoida
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यूपी में पालने की भी इजाजत नहीं, शादियों में नचा रहे थे ऊंट
ग्रेटर नोएडा/दनकौर। विशेष परिस्थितियों में राजस्थान सरकार की मर्जी के बिना ऊंट को किसी अन्य प्रदेश में ले जाना और रखना भी गैर कानूनी है। इसके बावजूद जिले में न केवल ऊंट रख रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण देकर शादी आदि कार्यक्रमों में नचाकर मोटी कमाई की जा रही है। पीपुल फॉर एनिमल संस्था की शिकायत पर पुलिस ने दनकौर से रविवार रात दो ऊंट को मुक्त कराकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दनकौर कोतवाली पुलिस ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम के उल्लंघन में पीएफए कर्मियों की शिकायत पर सूरजपुर निवासी दिलशाद, भंगेल के जीतू और हरियाणा के जितेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी क्षेत्र के एक गांव में वर पक्ष की ओर से ऊंट लेकर आए थे। चढ़त के दौरान ऊंट को नचाने के बाद मालिक जितेंद्र उन्हें एक वाहन में लादकर वापस ले जा रहा था। वाहन चालक दिलशाद और परिचालक जीतू भी साथ थे। मामले में पीपल फॉर एनिमल संस्था की प्रगति खन्ना ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस बाबत कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऊंटों को संस्था की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
भूखे ऊंटों ने खाई हरी सब्जियां और चारा
पीएफए की गौतमबुद्ध नगर अध्यक्ष कावेरी राणा भारद्वाज ने बताया कि ऊंट को सुपुर्दगी में लेकर नवादा गांव स्थित संस्था के आश्रय स्थल में रखा गया है। ऊंट भूखे थे। उन्हें हरी सब्जियां और खल वाला चारा खिलाया गया है। ऊंट को प्रदेश में नहीं रखा जा सकता। इस कारण से इन्हें राजस्थान में ही छोड़ा जाएगा।
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नाक छेदी और टैटू भी बनाए
कावेरी राणा ने बताया कि राजस्थान सरकार ने 2015 में ऊंटों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया था। इसके अंतर्गत ऊंटों को सूखे जैसे परिस्थिति में सरकार के लिखित आदेश के बाद ही कुछ दिन के लिए राजस्थान से बाहर ले जाया जा सकता है। इसके बावजूद इन्हें तस्करी कर न केवल यूपी में लाया गया, बल्कि इनकी नाक छेदकर, टैटू बनाकर और नाचने का प्रशिक्षण दिया गया। यह राजस्थान सरकार के एक्ट और पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन है।
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ग्रेटर नोएडा/दनकौर। विशेष परिस्थितियों में राजस्थान सरकार की मर्जी के बिना ऊंट को किसी अन्य प्रदेश में ले जाना और रखना भी गैर कानूनी है। इसके बावजूद जिले में न केवल ऊंट रख रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण देकर शादी आदि कार्यक्रमों में नचाकर मोटी कमाई की जा रही है। पीपुल फॉर एनिमल संस्था की शिकायत पर पुलिस ने दनकौर से रविवार रात दो ऊंट को मुक्त कराकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दनकौर कोतवाली पुलिस ने बताया कि पशु क्रूरता अधिनियम के उल्लंघन में पीएफए कर्मियों की शिकायत पर सूरजपुर निवासी दिलशाद, भंगेल के जीतू और हरियाणा के जितेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी क्षेत्र के एक गांव में वर पक्ष की ओर से ऊंट लेकर आए थे। चढ़त के दौरान ऊंट को नचाने के बाद मालिक जितेंद्र उन्हें एक वाहन में लादकर वापस ले जा रहा था। वाहन चालक दिलशाद और परिचालक जीतू भी साथ थे। मामले में पीपल फॉर एनिमल संस्था की प्रगति खन्ना ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस बाबत कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऊंटों को संस्था की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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भूखे ऊंटों ने खाई हरी सब्जियां और चारा
पीएफए की गौतमबुद्ध नगर अध्यक्ष कावेरी राणा भारद्वाज ने बताया कि ऊंट को सुपुर्दगी में लेकर नवादा गांव स्थित संस्था के आश्रय स्थल में रखा गया है। ऊंट भूखे थे। उन्हें हरी सब्जियां और खल वाला चारा खिलाया गया है। ऊंट को प्रदेश में नहीं रखा जा सकता। इस कारण से इन्हें राजस्थान में ही छोड़ा जाएगा।
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नाक छेदी और टैटू भी बनाए
कावेरी राणा ने बताया कि राजस्थान सरकार ने 2015 में ऊंटों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया था। इसके अंतर्गत ऊंटों को सूखे जैसे परिस्थिति में सरकार के लिखित आदेश के बाद ही कुछ दिन के लिए राजस्थान से बाहर ले जाया जा सकता है। इसके बावजूद इन्हें तस्करी कर न केवल यूपी में लाया गया, बल्कि इनकी नाक छेदकर, टैटू बनाकर और नाचने का प्रशिक्षण दिया गया। यह राजस्थान सरकार के एक्ट और पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन है।