Noida News : सुपरटेक ने कहा- ट्विन टावर्स वाली जमीन पर बनेगी दूसरी आवासीय परियोजना, प्राधिकरण से लेंगे अनुमति
Noida News : समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सुपरटेक का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण से बाकायदा अनुमति लेकर और इमेराल्ड कोर्ट के घर खरीदने वालों की हामी के बाद उस जगह पर नई आवासीय परियोजना खड़ी की जाएगी।
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नोएडा के ट्विन टावर्स ध्वस्त हो चुके हैं। मलबा हट जाने के बाद उस जमीन पर नई आवासीय परियोजना आकार लेगी। यह कहना है ट्विन टावर्स बनाने वाली कंपनी सुपरटेक का। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सुपरटेक का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण से बाकायदा अनुमति लेकर और इमेराल्ड कोर्ट के घर खरीदने वालों की हामी के बाद उस जगह पर नई आवासीय परियोजना खड़ी की जाएगी।
एक साक्षात्कार में सुपरटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आरके अरोड़ा ने कहा कि नोएडा के सेक्टर 93 में प्राधिकरण ने जो जमीन मुहैया कराई थी और जिस पर ट्विन टावर्स खड़े थे वह जमीन इमेराल्ड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। पर अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टावर्स गिराए जा चुके हैं तो उस जमीन का हम उचित तरीके से इस्तेमाल करेंगे।
बहरहाल, अब मलबा हटाया जा रहा है। पूरा मलबा हटाने में खासा समय भी लगने वाला है। टावर गिराने के बाद निकले 80 हजार मीट्रिक टन का निस्तारण चुनौतीपूर्ण है। इसमें से 50 हजार टन मलबा मौके पर बेसमेंट को भरने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 30 हजार टन मलबा रीसाइकिल किया जाएगा।Twin Towers land will be used for other residential project after due approval with Noida Authority: Supertech
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मलबे को हटाने व रीसाइकिल का काम एशिया की अग्रणी पर्यावरण प्रबंधन कंपनी री सस्टेनेबिलिटी को दिया गया है। कंपनी तीन माह में हर दिन 300 टन मलबे को रीसाइकिल करेगी। कंपनी के सीईओ मसूद मलिक ने कहा कि कंपनी ने कचरे को रीसाइकिल करने और उसे निर्माण सामग्री में बदलने की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
मलबा हटाने के लिए बढ़ेंगे कर्मी और मशीनें
एडिफिस इंजीनियरिंग के मयूर मेहता ने बताया कि मलबे से लोहा निकाला जा रहा है। इसके बाद मलबे को सेक्टर-80 कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन प्लांट पर ले जाया जाएगा। यहां मलबे को रीसाइकिल कर नए उत्पाद बनाए जाएंगे। 10 दिन बाद मलबा भेजने का काम शुरू हो जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन मलबा ट्विन टावर के बेसमेंट-1 और 2 में भरा जाएगा। वर्तमान में 55 लोग और 4 मशीनों के साथ काम किया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में 150 लोग यहां काम करेंगे।