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Noida News: नेपाल हिंसा का संभल के कारोबार पर भी असर
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संभल। अमेरिका के ट्रैफिक लागू करने के बाद अब नेपाल हिंसा का असर संभल के हड्डी-सींग और लकड़ी के हस्तशिल्प कारोबार पर पड़ा है। संभल के कारोबारी नेपाल जाकर हस्तशिल्प उत्पाद की बिक्री करते हैं। लाखों रुपये का माल हर साल बिक्री किया जाता है। अमेरिका के द्वारा लागू किए गए टैरिफ के चलते कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। कारोबारियों का कहना है कि दुनियाभर के लिए निर्यात 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का किया जाता है।
संभल में तैयार होने वाले हड्डी-सींग और लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं। हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने बताया कि कुछ कारोबारी हस्तशिल्प उत्पाद लेकर नेपाल के काठमांडो जाते हैं। पर्यटक स्थल होने के कारण मांग रहती है। नेपाल के लिए बड़ा कारोबार तो नहीं है लेकिन साल में लाखों रुपये का कारोबार हो जाता है। अब हिंसा के चलते वह भी बंद हो गया है।
अध्यक्ष ने बताया कि अमेरिका के द्वारा लागू टैरिफ का असर अभी कारोबार पर है। अमेरिका के लिए सबसे ज्यादा निर्यात किया जाता है, लेकिन नए ऑर्डर फिलहाल नहीं मिल रहे हैं। इसलिए कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। बताया कि अमेरिका, यूरोप व दुनिया के कई देशों के लिए निर्यात किया जाता है। जो साल में करीब 500 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है।
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संभल में तैयार होने वाले हड्डी-सींग और लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं। हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने बताया कि कुछ कारोबारी हस्तशिल्प उत्पाद लेकर नेपाल के काठमांडो जाते हैं। पर्यटक स्थल होने के कारण मांग रहती है। नेपाल के लिए बड़ा कारोबार तो नहीं है लेकिन साल में लाखों रुपये का कारोबार हो जाता है। अब हिंसा के चलते वह भी बंद हो गया है।
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अध्यक्ष ने बताया कि अमेरिका के द्वारा लागू टैरिफ का असर अभी कारोबार पर है। अमेरिका के लिए सबसे ज्यादा निर्यात किया जाता है, लेकिन नए ऑर्डर फिलहाल नहीं मिल रहे हैं। इसलिए कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। बताया कि अमेरिका, यूरोप व दुनिया के कई देशों के लिए निर्यात किया जाता है। जो साल में करीब 500 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है।
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