{"_id":"687f96a004b515fc1f0b7a6d","slug":"neither-water-reached-every-home-nor-development-noida-news-c-1-gnd1002-3195993-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: (संवाद) \nन हर घर जल पहुंचा और न ही विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: (संवाद) न हर घर जल पहुंचा और न ही विकास
विज्ञापन
-आधे गांव में पानी की सप्लाई नही, जलभराव की समस्या भी ले रही सब्र का इम्तिहान
-10 हजार की आबादी वाले गांव शहदरा का बुरा हाल
-ग्रामीणों का गलियों से होकर गुजरना भी हुआ मुश्किल
-पक्की सड़क न होने से बारिश में फिसल जाते हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सरकार भले ही हर घर जल का ढिढोरा पीट रही हो, लेकिन शहर के गांव शहदरा में स्थिति उलट है। यहां आधे गांव में पानी की सप्लाई नहीं है और तो और बरसातों में होने वाला जलभराव भी लोगों के सब्र का इम्तिहान लेता नजर आ रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने व कई जगह संकरी व पक्की गलियां न होने के कारण लोगों का पैदल गलियों से गुजरना मुश्किल है। वाहन भी फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों के मुंह से एक ही शब्द निकला, न हर घर जल पहुंचा न ही विकास।
शहर के सेक्टर 141 स्थित शहदरा गांव में मंगलवार को आयोजित संवाद में ग्रामीणों ने कहा कि यहां करीब 10 हजार के आस पास की आबादी है। पूरे गांव में करीब 25 सफाई कर्मी है, लेकिन अधिकतर या तो छुट्टी पर रहते हैं या फिर मनमाने ढंग से कार्य करते हैं। ऐसे में अक्सर अधिकतर स्थानों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। आधे गांव में जल की सप्लाई ही नही है। जिनके घरों में है, वहां अक्सर गंदा पानी आने की समस्या है। सालों पहले गांव में पड़ी सीवर लाइन भी कई स्थानों से टूट चुकी है। ऐसे में चैंबर अक्सर ओवरफ्लो बने रहते हैं। जगह जगह सीवर का पानी भरा रहता है। इससे ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उनका कहना है कि यहां युवाओं के लिए न तो कोई खेल मैदान है और न ही बुजुर्गों व बच्चों के लिए पार्क विकसित किए गए हैं। बारिश की स्थिति में कच्ची सड़कों के चलते निकलना तक दूभर हो जाता है। कभी नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी यहां नही आते हैं और समस्याओं की शिकायत करने के बावजूद भी समाधान नही होता है।
-- -- -- -
कोट
-- -- --
गांव में सीवरेज चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं। ऐसे में लोगों का गलियों से निकलता तक दूभर हो चुका है।
-महिपाल भाटी
-- -- -
आधे गांव में पानी का कनेक्शन नही है। जहां सप्लाई आती है, वहां गंदे पानी की समस्या है।
-राजेंद्र भाटी
-- -- -
गांव में कई तैनात सफाईकर्मियों के मनमाने ढंग से कार्य करने के चलते अक्सर गंदगी का अंबार लगा रहता है।
-सुभाष भाटी
-- -- -- --
गांव में खेल मैदान नही हैं। बुजुर्गों व बच्चों के लिए पार्क तक नहीं बने हैं। इससे सभी घरों में कैद रहने पर मजबूर हैं।
-राजपाल नागर
-- -- -
गांव में जल निकासी की समस्या सबसे ज्यादा है। एक बड़े गड्ढे में बारिश का पानी भर जाता है, जो बैक होने पर लोगों के घरों तक पहुंचता है।
-ब्रह्म सिंह
-- -- --
गांव की कई सड़कें कच्ची हैं। ऐसे में बारिश होते ही वहां पानी भर जाता है। इसके चलते वहां से निकलना भी दूभर हो जाता है।
-वरुण खारी
विज्ञापन
-10 हजार की आबादी वाले गांव शहदरा का बुरा हाल
-ग्रामीणों का गलियों से होकर गुजरना भी हुआ मुश्किल
-पक्की सड़क न होने से बारिश में फिसल जाते हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सरकार भले ही हर घर जल का ढिढोरा पीट रही हो, लेकिन शहर के गांव शहदरा में स्थिति उलट है। यहां आधे गांव में पानी की सप्लाई नहीं है और तो और बरसातों में होने वाला जलभराव भी लोगों के सब्र का इम्तिहान लेता नजर आ रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने व कई जगह संकरी व पक्की गलियां न होने के कारण लोगों का पैदल गलियों से गुजरना मुश्किल है। वाहन भी फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों के मुंह से एक ही शब्द निकला, न हर घर जल पहुंचा न ही विकास।
शहर के सेक्टर 141 स्थित शहदरा गांव में मंगलवार को आयोजित संवाद में ग्रामीणों ने कहा कि यहां करीब 10 हजार के आस पास की आबादी है। पूरे गांव में करीब 25 सफाई कर्मी है, लेकिन अधिकतर या तो छुट्टी पर रहते हैं या फिर मनमाने ढंग से कार्य करते हैं। ऐसे में अक्सर अधिकतर स्थानों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। आधे गांव में जल की सप्लाई ही नही है। जिनके घरों में है, वहां अक्सर गंदा पानी आने की समस्या है। सालों पहले गांव में पड़ी सीवर लाइन भी कई स्थानों से टूट चुकी है। ऐसे में चैंबर अक्सर ओवरफ्लो बने रहते हैं। जगह जगह सीवर का पानी भरा रहता है। इससे ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उनका कहना है कि यहां युवाओं के लिए न तो कोई खेल मैदान है और न ही बुजुर्गों व बच्चों के लिए पार्क विकसित किए गए हैं। बारिश की स्थिति में कच्ची सड़कों के चलते निकलना तक दूभर हो जाता है। कभी नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी यहां नही आते हैं और समस्याओं की शिकायत करने के बावजूद भी समाधान नही होता है।
विज्ञापन
कोट
गांव में सीवरेज चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं। ऐसे में लोगों का गलियों से निकलता तक दूभर हो चुका है।
-महिपाल भाटी
आधे गांव में पानी का कनेक्शन नही है। जहां सप्लाई आती है, वहां गंदे पानी की समस्या है।
-राजेंद्र भाटी
गांव में कई तैनात सफाईकर्मियों के मनमाने ढंग से कार्य करने के चलते अक्सर गंदगी का अंबार लगा रहता है।
-सुभाष भाटी
गांव में खेल मैदान नही हैं। बुजुर्गों व बच्चों के लिए पार्क तक नहीं बने हैं। इससे सभी घरों में कैद रहने पर मजबूर हैं।
-राजपाल नागर
गांव में जल निकासी की समस्या सबसे ज्यादा है। एक बड़े गड्ढे में बारिश का पानी भर जाता है, जो बैक होने पर लोगों के घरों तक पहुंचता है।
-ब्रह्म सिंह
गांव की कई सड़कें कच्ची हैं। ऐसे में बारिश होते ही वहां पानी भर जाता है। इसके चलते वहां से निकलना भी दूभर हो जाता है।
-वरुण खारी