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डिपो संचालकों पर उचित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष
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फिरोजपुर झिरका। सरकार की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली से जरूरतमंदों का विश्वास उठता जा रहा है। सहायता के रूप में दिए जाने वाले राशन के लिए ग्रामीणों को डिपो धारक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। राशन नहीं मिलने पर परेशान ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
कामेंडा गांव के आसीन, सखावत, जब्बार, आमिर, मुस्तुफा ने सीएम खिड़की पर शिकायत कर गांव के डिपोधारक पर पिछले चार महीनों से राशन न देने का आरोप लगाया है। वहीं नावली गांव के अली मोहम्मद ने भी इस राशन नहीं मिलने की बात कही है। ग्रामीणों ने बताया कि डिपोधारकों के खिलाफ जब विभाग के अधिकारी जांच करने गांव पहुंचते तो है लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। ऐसे में कई परिवार राशन से वंचित हैं।
सरकार की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को आधार कार्ड के लिंक करने के बाद कई डिपोधारक गरीब परिवारों के सदस्य से अंगूठा लगाने के बाद तीन चार दिन बाद राशन देने का बहाना बना कर उन्हें वापस भेज देते हैं। जब 3-4 दिन बाद जरूरतमंद डिपोधारकों के पास राशन लेने जाते है तो वे कहते हैं कि विभाग से अभी राशन नहीं आया है। इस तरह पूरे माह चक्कर काटने से तंग आकर वे निराश होकर घर पर बैठ जाते हैं। गरीब परिवारों द्वारा कई शिकायत ऐसी भी सामने आई है कि एक बार अंगूठा लगाने के बाद उसके हिस्से का तेल, चीनी, गेहूं प्राप्त किया हुआ दिखा दिया जाता है।
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इस संबंध में जिला खाद्ध आपूर्ति अधिकारी सीमा शर्मा ने कहा कि राशन उपभोक्ता की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। पिछले 6 माह में कई डिपोधारकों के लाइसेंस रद्द किया जा चुके हैं। इन शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं।
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कामेंडा गांव के आसीन, सखावत, जब्बार, आमिर, मुस्तुफा ने सीएम खिड़की पर शिकायत कर गांव के डिपोधारक पर पिछले चार महीनों से राशन न देने का आरोप लगाया है। वहीं नावली गांव के अली मोहम्मद ने भी इस राशन नहीं मिलने की बात कही है। ग्रामीणों ने बताया कि डिपोधारकों के खिलाफ जब विभाग के अधिकारी जांच करने गांव पहुंचते तो है लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। ऐसे में कई परिवार राशन से वंचित हैं।
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सरकार की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को आधार कार्ड के लिंक करने के बाद कई डिपोधारक गरीब परिवारों के सदस्य से अंगूठा लगाने के बाद तीन चार दिन बाद राशन देने का बहाना बना कर उन्हें वापस भेज देते हैं। जब 3-4 दिन बाद जरूरतमंद डिपोधारकों के पास राशन लेने जाते है तो वे कहते हैं कि विभाग से अभी राशन नहीं आया है। इस तरह पूरे माह चक्कर काटने से तंग आकर वे निराश होकर घर पर बैठ जाते हैं। गरीब परिवारों द्वारा कई शिकायत ऐसी भी सामने आई है कि एक बार अंगूठा लगाने के बाद उसके हिस्से का तेल, चीनी, गेहूं प्राप्त किया हुआ दिखा दिया जाता है।
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इस संबंध में जिला खाद्ध आपूर्ति अधिकारी सीमा शर्मा ने कहा कि राशन उपभोक्ता की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। पिछले 6 माह में कई डिपोधारकों के लाइसेंस रद्द किया जा चुके हैं। इन शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं।