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पोल्ट्री फार्म में आवाजाही पर रोक, 20 पक्षियों में होगी वायरस की जांच
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पोल्ट्री फार्म में आवाजाही पर रोक, 20 पक्षियाें में होगी वायरस की जांच
नोएडा (गौरव शर्मा)। देश के कई राज्याें आफत बने बर्ड फ्लू के वायरस से गौतमबुद्ध नगर भी खौफजदा है। पशु चिकित्सा विभाग ने जारचा के दो पोल्ट्री फार्म में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वहीं, जिन 20 पक्षियाें के रक्त सीरम सैंपल दिसंबर अंत में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) को भेजे गए थे, अब उनके शरीर में एच5एन1 की जांच के लिए भी लैब को कह दिया गया है। इन पक्षियों में कौआ, कबूतर और मुर्गा आदि शामिल हैं।
बर्ड फ्लू के कारण प्रशासन चौकन्ना है। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने अधीनस्थाें को सतर्कता बरतने को निर्देशित किया है। बीमारी से बचाव के लिए जिला प्रशासन, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से लगातार बैठकें की जा रही हैं। विभिन्न महकमाें के स्तर से एहतियातन कदम उठाने भी शुरू कर दिए गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू वायरस के प्रसार के लिहाज से बेहद संवेदनशील होते हैं। इसे देखते हुए जारचा के दो पोल्ट्री फार्म में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वहीं, बर्ड फ्लू को देखते हुए जनवरी में सैंपल लेने की संख्या बढ़ाने की बात अफसराें ने कही है।
20 पशु चिकित्सालयों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
डीएम ने सीडीओ के अलावा वन विभाग, पशु धन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को विशेष तौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) ने सभी 20 पशु चिकित्सालयों को संदिग्ध पक्षी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है। वहीं, जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि जनपद में प्रवासी पक्षियाें की संख्या करीब 20 हजार है। क्षेत्रीय पक्षियाें की गणना विभाग स्तर से नहीं की गई है। पक्षियाें की निगरानी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य रहेंगे।
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गाइडलाइन और हेल्पलाइन नंबर जारी
वन विभाग ने कई क्षेत्राें में बैनर लगवा दिए हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। बैनर पर वायरस से संबंधित दिशा-निर्देश लिखे गए हैं। बताया गया है कि मृत या बीमार पक्षी से दूर रहें और तुरंत 9412492985 पर कॉल कर सूचना दें। चिड़िया के मल के खाद्य का प्रयोग न करें, तालाब और नदियों में जाने के बाद जूते साफ करें।
बर्ड फ्लू के मद्देनजर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। पक्षियाें पर नजर रखी जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- अनिल कुमार, सीडीओ
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नोएडा (गौरव शर्मा)। देश के कई राज्याें आफत बने बर्ड फ्लू के वायरस से गौतमबुद्ध नगर भी खौफजदा है। पशु चिकित्सा विभाग ने जारचा के दो पोल्ट्री फार्म में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वहीं, जिन 20 पक्षियाें के रक्त सीरम सैंपल दिसंबर अंत में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) को भेजे गए थे, अब उनके शरीर में एच5एन1 की जांच के लिए भी लैब को कह दिया गया है। इन पक्षियों में कौआ, कबूतर और मुर्गा आदि शामिल हैं।
बर्ड फ्लू के कारण प्रशासन चौकन्ना है। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने अधीनस्थाें को सतर्कता बरतने को निर्देशित किया है। बीमारी से बचाव के लिए जिला प्रशासन, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से लगातार बैठकें की जा रही हैं। विभिन्न महकमाें के स्तर से एहतियातन कदम उठाने भी शुरू कर दिए गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि पोल्ट्री फार्म बर्ड फ्लू वायरस के प्रसार के लिहाज से बेहद संवेदनशील होते हैं। इसे देखते हुए जारचा के दो पोल्ट्री फार्म में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वहीं, बर्ड फ्लू को देखते हुए जनवरी में सैंपल लेने की संख्या बढ़ाने की बात अफसराें ने कही है।
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20 पशु चिकित्सालयों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
डीएम ने सीडीओ के अलावा वन विभाग, पशु धन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को विशेष तौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) ने सभी 20 पशु चिकित्सालयों को संदिग्ध पक्षी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है। वहीं, जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि जनपद में प्रवासी पक्षियाें की संख्या करीब 20 हजार है। क्षेत्रीय पक्षियाें की गणना विभाग स्तर से नहीं की गई है। पक्षियाें की निगरानी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य रहेंगे।
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गाइडलाइन और हेल्पलाइन नंबर जारी
वन विभाग ने कई क्षेत्राें में बैनर लगवा दिए हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। बैनर पर वायरस से संबंधित दिशा-निर्देश लिखे गए हैं। बताया गया है कि मृत या बीमार पक्षी से दूर रहें और तुरंत 9412492985 पर कॉल कर सूचना दें। चिड़िया के मल के खाद्य का प्रयोग न करें, तालाब और नदियों में जाने के बाद जूते साफ करें।
बर्ड फ्लू के मद्देनजर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। पक्षियाें पर नजर रखी जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- अनिल कुमार, सीडीओ