{"_id":"61c9f828c152a66e204bbddb","slug":"mother-child-care-will-be-established-noida-news-noi6237251148","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदर चाइल्ड केयर की जाएगी स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदर चाइल्ड केयर की जाएगी स्थापित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नूंह। प्रदेश सरकार ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करते हुए नलहड मेडिकल में मदर चाइल्ड केयर सेेंटर के निर्माण का फैसला लिया है। सरकार द्वारा इसके निर्माण पर 100 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। यह मदर चाइल्ड केयर सेंटर छह मंजिला होगा और इसमें सौ बेड़ होंगें। जिनमें से 50 बेड़ नवजात शिशुओं के लिए तो 50 बेड़ जच्चाओं के लिए होंगे। लंबे समय से जिले में जच्चा बच्चा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके पूरा होने से निश्चित ही जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।
बता दें कि नल्हड मेडिकल कॉलेज के अलावा आज भी जिले की किसी भी सरकारी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। नूंह जिले के साथ-साथ पलवल, रेवाड़ी सहित कई अन्य जिलों के लोग भी अपने बीमार शिशुओं का उपचार करवाने के लिए नलहड़ कालेज में ही लाते हैं और यहां पर भी कई बार एक बेड़ पर तीन से चार शिशुओं को उपचाराधीन देखा गया है। इस वजह से नौनिहालों के माता-पिता काफी परेशान रहते हैं। यदि बात करें तो यहां पर भी नवजात शिशुओं एवं प्रीमेच्योर डिलीवरी होने पर शिशुओं की मृत्यु हो रही हैं। मदर चाइल्ड केयर सेेंटर बनने के बाद न केवल नवजात शिशुओं का बेहतर उपचार हो सकेगा बल्कि जच्चाओं की भी बेहतर उपचार के साथ-साथ देखभाल हो सकेगी। इसके बनने के बाद यहां पर प्रदेश सरकार द्वारा और ज्यादा शिशु रोग विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी।
जल्द ही शुरू होगा निर्माण कार्य
जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखने के लिए प्रदेश सरकार ने नल्हड मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मदर चाइल्ड केयर सेंटर बनाने का निर्णय लिया। इसकी स्वीकृति भी प्रदेश सरकार से मिल गई है। अधिकारियों द्वारा मदर चाइल्ड केयर सेंटर को बनाने के लिए प्रस्तावित नक्शे तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र ही इसके निर्माण कार्य के प्रारंभ होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं सुप्रीटेंडेंट
नलहड मेडिकल कॉलेज के सुप्रीटेंडेंट डॉ. महासिंह ने बताया कि नलहड मेडिकल कॉलेज में 100 करोड़ की लागत से 100 बेड का मदर चाइल्ड केयर सेंटर बनाया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिल गई है। इसमें 50 बेड नवजात शिशुओं के लिए और 50 बेड जच्चाओं के लिए होंगे। यहां पर जच्चा बच्चा दोनों को सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। छह मंजिला बनने वाली इस इमारत का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा नूंह जिले में शिशुओं की जन्म दर सबसे अधिक है ऐसे में यहां पर शिशुओं को काफी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
बता दें कि नल्हड मेडिकल कॉलेज के अलावा आज भी जिले की किसी भी सरकारी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। नूंह जिले के साथ-साथ पलवल, रेवाड़ी सहित कई अन्य जिलों के लोग भी अपने बीमार शिशुओं का उपचार करवाने के लिए नलहड़ कालेज में ही लाते हैं और यहां पर भी कई बार एक बेड़ पर तीन से चार शिशुओं को उपचाराधीन देखा गया है। इस वजह से नौनिहालों के माता-पिता काफी परेशान रहते हैं। यदि बात करें तो यहां पर भी नवजात शिशुओं एवं प्रीमेच्योर डिलीवरी होने पर शिशुओं की मृत्यु हो रही हैं। मदर चाइल्ड केयर सेेंटर बनने के बाद न केवल नवजात शिशुओं का बेहतर उपचार हो सकेगा बल्कि जच्चाओं की भी बेहतर उपचार के साथ-साथ देखभाल हो सकेगी। इसके बनने के बाद यहां पर प्रदेश सरकार द्वारा और ज्यादा शिशु रोग विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी।
विज्ञापन
जल्द ही शुरू होगा निर्माण कार्य
जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखने के लिए प्रदेश सरकार ने नल्हड मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मदर चाइल्ड केयर सेंटर बनाने का निर्णय लिया। इसकी स्वीकृति भी प्रदेश सरकार से मिल गई है। अधिकारियों द्वारा मदर चाइल्ड केयर सेंटर को बनाने के लिए प्रस्तावित नक्शे तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र ही इसके निर्माण कार्य के प्रारंभ होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं सुप्रीटेंडेंट
नलहड मेडिकल कॉलेज के सुप्रीटेंडेंट डॉ. महासिंह ने बताया कि नलहड मेडिकल कॉलेज में 100 करोड़ की लागत से 100 बेड का मदर चाइल्ड केयर सेंटर बनाया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिल गई है। इसमें 50 बेड नवजात शिशुओं के लिए और 50 बेड जच्चाओं के लिए होंगे। यहां पर जच्चा बच्चा दोनों को सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। छह मंजिला बनने वाली इस इमारत का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा नूंह जिले में शिशुओं की जन्म दर सबसे अधिक है ऐसे में यहां पर शिशुओं को काफी लाभ मिलेगा।